ब्रेकिंग:केंद्रीय मंत्री रेणुका के गृहक्षेत्र समेत सरगुजा में भाजपा चौखाने चित्त….. बलरामपुर ज़िलाध्यक्ष बीडीसी चुनाव नहीं जीत पाए

अंबिकापुर,2 फ़रवरी 2020। सत्ता गँवाए एक बरस पूरा हुआ है, लेकिन गँवाने का क्रम बदस्तुर जारी है। नगरीय निकाय से अब मसला ज़िला पंचायत में भी गँवाने का ही है। जिस सरगुजा में ज़िला पंचायत पर केसरिया लहरा रहा था वहाँ अब पंजा छाप का बोलबाला है।
सरगुजा में ज़िला पंचायत के ज़रिए आदित्येश्वर सिंहदेव ने सियासत में कदम रख दिया है। आदित्येश्वर ने उस ज़िला पंचायत ईलाके से जीत दर्ज की है जहां से कांग्रेस बीते पंद्रह साल में नहीं जीत पाई थी। सरगुजा मे 14 ज़िला पंचायत सीटें हैं और इसमें दस पर कांग्रेस आ चुकी है जबकि एक पर भाजपा है।शेष तीन पर चुनाव के नतीजे आने है।लेकिन मौजुदा समीकरण ही कांग्रेस को बहुमत में ला चुके हैं।

केंद्रीय मंत्री  रेणुका सिंह के गृह ज़िले सूरजपुर में ज़िला पंचायत की पंद्रह सीटें हैं अभी दस सीट का चुनाव हुआ है जिसमें 6 पर कांग्रेस है।जबकि चार पर भाजपा का दावा है।
केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह के गृहजिले का जो भी आँकड़ा होगा वह कल तस्वीर साफ़ कर देगा, क़यास दोनों दलों को अपने पक्ष में दिख रहे हैं।लेकिन केंद्रीय मंत्री  रेणुका सिंह अपने गृह क्षेत्र में भाजपा की इज़्ज़त नहीं बचा पाई हैं। रामानुजनगर में मुक़ाबला रेणुका सिंह और कांग्रेस के बीच था। और अपने इस गृह ब्लॉक में रेणुका सिंह को नतीजों ने ख़ारिज कर दिया है। गृह क्षेत्र के तीन ज़िला पंचायत क्षेत्रों में कांग्रेस जीत गई है।

रामानुजनगर में स्व तुलेश्वर सिंह की बेटी शशि सिंह ने जीत दर्ज की है और इस जीत के ज़रिए तुलेश्वर सिंह के परिवार की सियासत में सीधी मौजुदगी लौटी है। कल देर शाम यह समझ आएगा कि, पूर्व गृहमंत्री रामसेवक पैकरा के पूत्र लवकेश पैकरा और क़द्दावर नेता रहे स्व शिवप्रताप सिंह के पुत्र विजय प्रताप सिंह का नाम जीते प्रत्याशी के रुप में दर्ज होता है या नहीं होता।
बलरामपुर ज़िला अध्यक्ष शिवनाथ यादव जनपद सदस्य का चुनाव गँवा चुके हैं, उन्हें नीरज तिवारी ने हरा दिया। ज़िला पंचायत में जरुर बलरामपुर में भाजपा के लिए ख़ुशख़बरी की उम्मीद है। 14 सीटों वाले बलरामपुर ज़िला पंचायत में सात पर भाजपा ने क़ब्ज़ा किया है तो एक पर कांग्रेस जीत पाई है। भाजपा का दावा है कि चार सीटें और उसके क़ब्ज़े में आएँगी। कद्दावर भाजपा नेता रामविचार नेताम की पत्नी और बेटी भी ज़िला पंचायत चुनाव लड़ रहे हैं, उन्हें मतदाता ने क्या नतीजा दिया यह कल शाम स्पष्ट होगा।

बलरामपुर में मौजुदा समीकरण संकेत दे रहे हैं कि 14 में स्पष्ट सात पर क़ाबिज़ होकर ज़िला पंचायत में भाजपा क़ब्ज़ा कर ले जाएगी। ऐसे में जबकि दो विधानसभा वाले इस बलरामपुर इलाक़े में दोनों पर कांग्रेस विधायक हैं तो ज़िला पंचायत पर यदि क़ब्ज़ा नहीं हो पाता है तो क्या ज़्यादा जवाबदेही विधायक बृहस्पति सिंह माने जाएँगे या विधायक चिंतामणि महाराज। यह आने वाले वक्त पता चलेगा। यह जरुर है कि विधासक बृहस्पति सिंह की ज़िले में दखल चर्चित रही है और उससे भी ज़्यादा चर्चित संगठन से उनकी दूरी भी।

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