बॉम्बे हाईकोर्ट ने दिया कंगना का साथ कहा ‘बंगला तोड़ना गैरकानूनी था’….फिर से कर सकती हैं अपने ऑफिस की कंस्ट्रक्शन….2 करोड़ हर्जाने पर हाईकोर्ट ने कही ये बात

मुंबई 27 नवंबर 2020। बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक्ट्रेस कंगना रनौत के पाली हिल स्थित दफ्तर पर हुए तोड़फोड़ पर अपना फैसाल दे दिया है. कोर्ट ने फैसला कंगना के पक्ष में सुनाया है और बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले के मुताबिक कंगना के दफ्तर में हुए नुकसान का मूल्यांकन किया जाएगा. कोर्ट ने साफ कहा है कि कंगना द्वारा तोड़फोड़ में हुए नुकसान के बयान का वह समर्थन नहीं करता है.

 बॉम्बे हाईकोर्ट ने BMC द्वारा कंगना के ऑफिस को तोड़ने की तरीके को गलत ठहराया है और कहा है कि कंगना फिर से अपने ऑफिस की कंस्ट्रक्शन कर सकती हैं, लेकिन उन्हें जरूरी अनुमति लेनी होगी।

बॉम्बे उच्च न्यायालय ने कहा कि बीएमसी द्वारा अभिनेत्री कंगना रनौत के बंगले के हिस्से को ध्वस्त करने की कार्रवाई द्वेषपूर्ण कृत्य था और अभिनेत्री को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया था। अदालत ने विध्वंस के आदेश को रद्द कर दिया। अदालत ने यह भी कहा कि अदालत किसी भी नागरिक के खिलाफ प्रशासन को ‘बाहुबल’ का उपयोग करने की मंजूरी नहीं देता है। न्यायमूर्ति एस जे काठवाला और न्यायमूर्ति आर आई चागला की पीठ ने कहा कि नागरिक निकाय द्वारा की गई कार्रवाई अनधिकृत थी और इसमें कोई संदेह नहीं है। पीठ रनौत द्वारा नौ सितंबर को उपनगरीय बांद्रा स्थित अपने पाली हिल बंगले में बीएमसी द्वारा की गई कार्रवाई के आदेश को चुनौती वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी। पीठ ने कहा कि नागरिक निकाय ने एक नागरिक के अधिकारों के खिलाफ गलत इरादे से कार्रवाई की है।

कंगना रनौत ने बीएमसी से हर्जाने में दो करोड़ रुपये मांगे थे और अदालत से बीएमसी की कार्रवाई को अवैध घोषित करने का आग्रह किया था। मुआवजे के मुद्दे पर पीठ ने कहा कि अदालत नुकसान का आकलन करने के लिए मूल्यांकन अधिकारी नियुक्त कर रही है जो याचिकाकर्ता और बीएमसी को विध्वंस के कारण होने वाले आर्थिक नुकसान पर सुनवाई करेगा।

Spread the love