भाजपा नेता परेश बागबाहरा बोले- 3000 रुपये क्विंटल धान खरीदे सरकार….

रायपुर 23 जून 2020। भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक परेश बागबाहरा ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार से कोविड-19 के संक्रमण से हुए नुकसान से उबारने के लिए किसानों के लिए विशेष आर्थिक पैकेज देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार को खरीफ का धान 15 क्विंटल प्रति एकड़ के स्थान 20 क्विंटल खरीदना चाहिए एवं धान 3000/-रुपये प्रति क्विंटल से खरीदा जाए।
उन्होंने कहा कि धान के मीलिग (राइस मिल) की गलत नीति तथा गलत नियत के कारण प्रदेश को 6000 करोड़ रुपये का नुकसान भुगतना पड़ सकता है क्योंकि 15 जून की स्थिति में (बरसात आरंभ होने के समय) प्रदेश के विभिन्न जिलों के संग्रहण केंद्रों में लगभग 24 लाख 19 हजार टन धान खुले में पड़ा था । धान खराब न हो इसलिए अब केंद्र सरकार की राशि से प्रदेश के 1333 संग्रहण केंद्रों में 4622 चबूतरो का निर्माण कराया जा रहा है । अगर प्रदेश में बैठी सरकार राईस मिलों को पहले ही मिलिंग करने धान दे देती तो आज इस पूरे धान की मिलिंग हो जाती ।
परेश बागबाहरा ने कहा कि आज कई सोसायटियो में खाद एवं बीज का अभाव है, अधिकांश सोसायटियो में केवल सरना धान का बीज पहुँचा है । उन्होंने कहा कि कोआपरेटीव बैक से कर्ज ले कर कृषकों को खुले बाजार में गुणवत्ता पूर्ण एवं सस्ता खाद खरीदने की छूट मिलनी चाहिए ।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि केंद्र की सरकार ने किसानों के अपनी उपज को एक देश एक बाजार का क्रांतिकारी नियम लागू कर उनके उपज का भरपूर पूरा कीमत दिलाने का मार्ग प्रशस्त किया है। प्रदेश के किसानों के पूरे धान की ( 83.67 लाख मैट्रिक टन) खरीदी का रुपया जो लगभग 15 हजार 231 करोड़ रुपया होता है का भी भुगतान केंद्र शासन ने अपने खजाने से किया है, जबकि राज्य सरकार केवल 5700 करोड़ रुपये का ही भुगतान करने वाली है जिसे भी वो 4 किस्तो में प्रदेश के 19 लाख किसानों के खातो में जमा करवाएगी। जबकि अभी भी 1500 करोड़ रुपये की मांग राज्य सरकार धान के लिए केंद्र शासन के खजाने से और कर रही है।
चुनाव के समय गंगाजल की कसम खाने वाली कांग्रेस केवल 25 प्रतिशत राशि ही पुरे प्रदेश मे धान खरीदी के लिए खर्च करेगी जिसमे से अभी तक केवल 6 प्रतिशत राशि ही किसानो के खाते मे जमा करवाया है और अपने आप को किसान हितैसी होने का झूठा एवं भ्रामक प्रचार सडको मे होल्डीग लगा कर एवं अखबारो मे एडवाटीजमेन्ट छपवा कर रही है जो अत्यन्त हास्यास्पद है।
उन्होंने कहा कि केंद्र शासन ने पीएम किसान सम्मान निधि में नए 2 करोड़ किसानों को उनके खाते में 6 हजार रुपये प्रति वर्ष भेजने के लिए नया रजिस्ट्रेशन किया है, जबकि पहले ही पूरे देश के लगभग 9 करोड़ 50 लाख से ज्यादा किसानों के खाते में 72 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा राशि जमा करा दिया गया है ।
परेश बागबाहरा ने राज्य सरकार से कहा कि कभी नरवा गरवा घुरवा बाड़ी और अब रोका छेका का दोहा पार कर प्रदेशवासियों का सांस्कृतिक शोषण बंद करें और कृषकों के फसल को बचाने के लिए गौठान एवं कांजी हाउस की मजबूत व्यवस्था करें ।

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