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भाजपा नेता परेश बागबाहरा ने प्रदेश मे युवा बेरोजगारी पर कॅाग्रेस द्वारा झूठा आकड़ा एवं झूठी दलील देकर भ्रम फैलाने का लगाया आरोप 

भाजपा नेता परेश बागबाहरा ने प्रदेश मे युवा बेरोजगारी पर कॅाग्रेस द्वारा झूठा आकड़ा एवं झूठी दलील देकर भ्रम फैलाने का लगाया आरोप 
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By NPG News

रायपुर 20 अगस्त 2020. भाजपा नेता एवं वरिष्ठ पूर्व विधायक परेश बागबाहरा ने प्रदेश मे युवा बेरोजगारी के बारे मे प्रदेश की कॅाग्रेस सरकार पर झूठा आकडे एवं झूठी दलील देकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होने कहा कि पूरे प्रदेश के युवा इस बात को जान चुके है कि विधान सभा चुनाव के समय राजीव गांधी मित्र योजना के अन्र्तगत 10 लाख बेरोजगार युवाओं को सामुदायिक विकास और समाज सेवी गतिविधियो मे नौकरी देनेे एवं 2500/- रुपये बेरोजगारी भत्ता प्रदान करने का जो वायदा किया था वो झूठा एवं फरेब के अलावा कुछ नही है। परेश बागबाहरा ने कहा कि प्रदेश की दो करोड पच्चहत्तर लाख की आबादी मे से 17 साल से 35 साल वाले करीब 90 लाख की आबादी उर्जावान युवाओ की है। प्रदेश के युवा बेरोजगारी को तीन वर्गो मे देखा जा सकता है पहला वो जो उच्च शिक्षा प्रप्त बेरोजगार (ग्रेज्वेट/पोष्ट ग्रेज्वेट/प्रोफेशनल शिक्षा )हैं और जिनकी आबादी लगभग 10 लाख के आसपास है दूसरे वो युवा आबादी लगभग 20 लाख की है जो केवल स्कूली शिक्षा प्राप्त है तीसरे वो युवा जो विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र मे तथा नगरी क्षेत्रो के झुग्गियो मे रहते है जो साक्षर है जिनकी आबादी सबसे ज्यादा लगभग 60 लाख के आसपास है और इन समस्त वर्गो की युवा प्रदेश सरकार के दिमागी दिवालीयेपन एवं कोरोना संकट के कारण गरीबी की महामारी के शिकार हो रहे है।

उन्होने कहा कि एन एस एस ओ एवं सेंटर फार माॅनिटरिंग इंडियन इकोनोमी एवं अर्थशास्त्रीयो और एक्सपट्रर््स के अनुसार भारत मे नम्बर एक क्रम मे छत्तीसगढ के युवा सबसे भयावह बेरोजगारी के संकट से जूझ रहा है जो कभी भी विस्फोटक रुप धारण कर सकता है। अंर्तराष्ट्र्ीय श्रम संगठन और एशियाई विकास बैंक की ताजी संयुक्त रिर्पोट मे बताया गया है कि, कोविड 19 के कारण 15 से 24 वर्ष के बीच के युवा लम्बे समय के लिय अर्थिक एवं सामाजिक रुप से बेरोजगारी के कारण निराशा एवं डिपे्रशन (अवसाद) के शिकार होगे। अत प्रदेश को युवा जीवंत (वायथ्रेट) बनाए रखने के लिए, क्षेत्रिय आवश्यकताओ के अनुसार मुफ्त मे गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा स्किल डेवलपमेंट एवं प्रशिक्षण के लिए तुरंत कार्यवाही करने की आवश्यकता है

परेश बागबाहरा ने कहा कि वर्तमान मे पाॅच सौ रुपये प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देने का शासकीय नियम है जिसे विकास खण्ड कार्यालय एवं नगरीय निकायो द्वारा शिक्षित बेरोजगारो का पंजीयन कर उनकी पात्रता निर्धारण कर राशि प्रदान करने की जिम्मेदारी है परन्तु इसे भी राज्य सरकार नही दे रही है चुनाव के समय इसी राशि को पॅाच सौ रुपये से बढा कर ढाई हजार रुपये बेरोजगारी भत्ता देने का वायदा किया गया था तब प्रदेश के युवाओ मे गढबो नवा छत्तीसगढ के इन नारो से नई आशा की किरण जागी थी लेकिन अब ये पुरी तरह धुधला गई है।
परेश बागबाहरा ने प्रदेश की काग्रेस सरकार से युवा बेरोजगारी के आकडे सार्वजनिक करने एवं तुरंत 2500/- प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देने या रोजगार / स्वरोजगार मुहैया कराने की मांग की है।

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