Tarique Rahman Biography: कौन हैं तारिक रहमान? 17 साल के निर्वासन के बाद अब बांग्लादेश के PM बनने की कहानी
Tarique Rahman Biography: 12 फरवरी 2026 को बांग्लादेश में हुए आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने 300 में से 209 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है।

Tarique Rahman Biography: 12 फरवरी 2026 को बांग्लादेश में हुए आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने 300 में से 209 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। इस जीत के साथ ही पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान का प्रधानमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। तारिक का अब तक का राजनीतिक सफर रोलर कोस्टर रहा है। उन पर गंभीर आरोप लगे, जेल गए, देश छोड़ा और 17 साल तक लंदन में रहे। अब वे उसी देश की सत्ता के केंद्र में खड़े हैं। आइए तारिक रहमान की जीवनी और बायोग्राफी के बारे में जानते हैं।
तारिक रहमान का जन्म कब हुआ था?
तारिक रहमान का जन्म 20 नवंबर 1965 को ढाका में हुआ। वे बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति और BNP के संस्थापक जिया-उर-रहमान तथा पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे हैं। राजनीतिक माहौल में पले-बढ़े तारिक का झुकाव शुरुआती दौर से ही राजनीति की ओर रहा। उन्होंने ढाका के BAF शाहीन कॉलेज से पढ़ाई की और बाद में ढाका विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग में दाखिला लिया। 1980 के दशक में वे सक्रिय राजनीति से जुड़े।
तारिक रहमान ने राजनीति में एंट्री कब ली?
1988 में वे BNP की गावतली उपजिला यूनिट के सदस्य बने और औपचारिक रूप से पार्टी से जुड़ गए। 1991 के संसदीय चुनाव में खालिदा जिया ने पांच सीटों से चुनाव लड़ा था। उस अभियान की जिम्मेदारी तारिक ने संभाली थी।
2002 में उन्हें पार्टी का वरिष्ठ संयुक्त महासचिव बनाया गया। 2009 से 2016 तक वे वरिष्ठ उपाध्यक्ष रहे। 2018 से वे BNP के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में संगठन संभाल रहे थे। पार्टी के अंदरूनी ढांचे को मजबूत करने और युवा कार्यकर्ताओं को जोड़ने में उनकी भूमिका अहम मानी जाती है।
विवाद और कानूनी मामले
2001 से 2006 के बीच BNP के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के कार्यकाल में “हवा भवन” विवादों में रहा। आरोप लगे कि यह सत्ता का समानांतर केंद्र बन गया था। तारिक और उनके करीबी सहयोगियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे।
2004 में ढाका में शेख हसीना की रैली में ग्रेनेड हमला हुआ। इस मामले में अदालत ने तारिक रहमान को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
2007 में सेना समर्थित कार्यवाहक सरकार के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया और वे करीब 18 महीने जेल में रहे। 11 सितंबर 2008 को इलाज के लिए वे लंदन चले गए। इसके बाद वे लंबे समय तक वहीं रहे।
कहा जाता है कि उनकी रिहाई को लेकर सैन्य नेतृत्व के साथ समझौते की चर्चा भी हुई, हालांकि इस पर आधिकारिक पुष्टि स्पष्ट नहीं है।
17 साल का निर्वासन और पार्टी नेतृत्व
लंदन में रहते हुए भी तारिक रहमान को BNP का वास्तविक नेतृत्वकर्ता माना जाता रहा। वे विदेश से ही पार्टी की रणनीति, आंदोलन और संगठनात्मक फैसलों में सक्रिय रहे। हाल के राजनीतिक घटनाक्रम छात्र आंदोलन और सत्ता परिवर्तन के बाद वे फिर सुर्खियों में आए हैं। 26 दिसंबर 2025 को वे ढाका लौटे। इसके चार दिन बाद खालिदा जिया का निधन हो गया था। इसके बाद तारिक को BNP अध्यक्ष चुना गया।
2026 चुनाव और आगे की राह
2026 के आम चुनाव में BNP ने 209 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया। यह परिणाम बांग्लादेश की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि तारिक रहमान अपने अतीत के विवादों और कानूनी मामलों के बीच सरकार का नेतृत्व कैसे करते हैं। उनकी प्राथमिकताएं क्या होंगी आर्थिक सुधार, राजनीतिक स्थिरता या संस्थागत बदलाव इस पर नजर रहेगी।
भारत बांग्लादेश रिश्ते क्यों हैं अहम?
बांग्लादेश दक्षिण एशिया की अहम अर्थव्यवस्था है। भारत समेत पड़ोसी देशों के साथ उसके संबंध क्षेत्रीय संतुलन को प्रभावित करते हैं। BNP की वापसी से विदेश नीति और घरेलू राजनीति में बदलाव संभव है।
बांग्लादेश की राजनीति अब एक नए अध्याय की ओर बढ़ रही है जहां निर्वासन से लौटे एक नेता को स्थिर शासन देने की चुनौती का सामना करना होगा।
