Carolina Marin Biography : 66 हफ्तों तक वर्ल्ड नंबर 1, एशियाई दबदबे को दी सीधी चुनौती, अब लिया संन्यास, जानिए कौन है स्टार शटलर कैरोलिना मारिन?
Carolina Marin Biography : स्पेन की बैडमिंटन प्लेयर कैरोलिना मारिन ने 2014, 2015 और 2018 में विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीता था। इसके साथ ही उन्होंने 2016 में ओलंपिक में गोल्ड मेडेल भी जीता है। यही नहीं, उन्होंने 7 यूरोपीय खिताब भी हासिल किया है।

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Carolina Marin Biography : रिकॉर्ड 66 हफ्तों तक विश्व की नंबर 1 स्टार शटलर के तौर पर राज करने वाली स्पेन की कैरोलिना मारिन ने संन्यास का ऐलान कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक इमोशनल वीडियो पोस्ट साझा करते हुए रिटायरमेंट की घोषणा की है और कहा है कि घुटने की चोट से लंबे वक्त तक परेशान रहने के कारण अब कोर्ट को बाय-बाय बोल रही है और खूंटी पर अपने रैकेट को टांग रही हैं।
फ्लेमेंको डांसर बनना चाहती थीं स्टार शटलर कैरोलिना मारिन
साल 2016 में भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु को मात देकर ओलंपिक में गोल्ड पर कब्जा जमाने वाली कैरोलिना मारिन तीन मर्तबा वर्ल्ड चैंपियन रही हैं। 15 जून 1993 को स्पेन के दक्षिणी शहर हुएल्वा में जन्मी कैरोलिना मारिन का शुरुआती झुकाव डांस के प्रति था। वे एक फ्लेमेंको डांसर बनना चाहती थीं लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
एक मुलाकात और बदल गई जिंदगी
दरअसल, स्कूल में पढ़ाई के दौरान मात्र 8 साल की उम्र में एक सहपाठी की वजह से उनका बैडमिंटन से परिचय हुआ और धीरे-धीरे ये राब्ता बढ़ता चला गया। छोटी-सी उम्र में बैडमिंटन से हुई इस अद्भुत मुलाकात ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी। वक्त गुजरने के साथ ही उन्होंने बैडमिंटन को अपनाने का फैसला लिया और फिर कम उम्र में ही परिवार छोड़कर मैड्रिड के नेशनल ट्रेनिंग कैंप में शामिल हो गईं।
वे धीरे-धीरे त्याग, तपस्या और समर्पण के बलबूते डांस फ्लोर की जगह बैडमिंटन कोर्ट पर ही अपनी तेज और फुर्तीली चाल से विरोधियों को मात देने लगीं और विश्वस्तर पर एक अलग पहचान बना लीं। साथ ही इस खेल में एशियाई देशों के दबदबे को भी चुनौती दे डाली।
13 साल की उम्र में पहला नेशनल चैंपियनशिप
स्पेन की कैरोलिना मारिन ने जीतोड़ मेहनत के बलबूते मात्र 13 साल की उम्र में पहला नेशनल चैंपियनशिप जीता। इसके बाद उनकी मुलाकात कोच फर्नांडो रिवास से हुई, जिन्होंने कैरोलिना मारिन के करियर को एक नई दिशा दी।
एशियाई वर्चस्व को दी सीधी चुनौती
साल 2009 में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर डेब्यू करने वाली कैरोलिना मारिन बहुत जल्द एक दमदार शटलर बन गई थीं। 32 साल की स्टार शटलर ने 15 साल के लंबे बैडमिंटन करियर में एशियाई वर्चस्व को सीधी चुनौती दी। उन्होंने 2016 के रियो ओलंपिक और 2018 विश्व चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले में भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु को मात देकर करोड़ों भारतीयों का दिल तोड़ दिया था।
स्पेन की बैडमिंटन प्लेयर कैरोलिना मारिन ने 2014, 2015 और 2018 में विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीता था। इसके साथ ही उन्होंने 2016 में ओलंपिक में गोल्ड मेडेल भी जीता है। यही नहीं, उन्होंने 7 यूरोपीय खिताब भी हासिल किया है। गौरतलब है कि कैरोलिना मारिन आखिरी बार साल 2024 में ओलंपिक कोर्ट में नजर आईं थीं। वे हुएल्वा में आयोजित होने वाले आगामी यूरोपीय चैंपियनशिप में भाग नहीं लेंगी लेकिन वहां मौजूद रहकर दर्शकों का अभिवादन स्वीकार करेंगी।
