श्रेयसी सिंह बायोग्राफी: खेल के मैदान से बिहार की सियासत तक, जानिए कौन हैं बिहार की संभावित मुख्यमंत्री श्रेयसी सिंह?

Shreyasi Singh Biography: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे की चर्चाओं के बीच भाजपा विधायक और खेल मंत्री श्रेयसी सिंह का नाम मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे ऊपर उभरकर सामने आया है। नीतीश कुमार 14 अप्रैल को अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं जिसके बाद एनडीए के नए फॉर्मूले के तहत भाजपा का मुख्यमंत्री बनने की पूरी संभावना है। इस हाई प्रोफाइल रेस में 29 अगस्त 1991 को जन्मी श्रेयसी सिंह अपनी साफ छवि और लोकप्रियता के कारण सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं।
श्रेयसी सिंह की जीवनी
श्रेयसी सिंह अभी बिहार सरकार में खेल और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) मंत्री हैं। वह सिर्फ एक सफल राजनेता ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की निशानेबाज भी हैं। उनकी परवरिश और शिक्षा दिल्ली में हुई है। उन्होंने दिल्ली के हंसराज कॉलेज से ग्रेजुएशन और फरीदाबाद की मानव रचना इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है। शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने अपने शौक 'निशानेबाजी' को प्रोफेशनल करियर के रूप में चुना।
पारिवारिक विरासत: राजनीति और खेल का अनोखा संगम
श्रेयसी सिंह का राजनीति से नाता काफी पुराना रहा है। उनके पिता स्वर्गीय दिग्विजय सिंह केंद्र सरकार में मंत्री रहे थे और बिहार के कद्दावर नेताओं में गिने जाते थे। उनकी मां पुतुल कुमारी भी बांका संसदीय क्षेत्र से सांसद रह चुकी हैं। राजनीति के साथ ही उनके परिवार का खेलों से भी गहरा जुड़ाव रहा है। उनके दादा कुमार सुरेंद्र सिंह और पिता दिग्विजय सिंह दोनों ही नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के अध्यक्ष रह चुके हैं। यही वजह है कि श्रेयसी की पर्सनैलिटी में डिसिप्लिन और लीडरशिप दोनों नजर आते हैं।
खेल करियर: जब गोल्ड कोस्ट में भारत का डंका बजाया
राजनीति में सक्रिय होने से पहले श्रेयसी सिंह ने स्पोर्ट्स की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई। वह 'डबल ट्रैप' इवेंट की एक्सपर्ट निशानेबाज हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का गौरव बढ़ाया है:
- ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2014: श्रेयसी ने सिल्वर मेडल जीतकर अपनी अंतरराष्ट्रीय चमक बिखेरी।
- गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स 2018: यहां उन्होंने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया।
- अर्जुन अवार्ड: खेल जगत में उनके शानदार योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें प्रतिष्ठित 'अर्जुन पुरस्कार' से नवाजा है।
सियासी सफर: जमुई से कैबिनेट मंत्री तक
श्रेयसी सिंह ने साल 2020 में भाजपा का दामन थामा था। पार्टी ने उन्हें जमुई विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतारा जहां उन्होंने राजद (RJD) के विजय प्रकाश को 41 हजार से ज्यादा वोटों के बड़े अंतर से हराकर अपनी ताकत दिखाई। उनकी काबिलियत और युवाओं के बीच पकड़ को देखते हुए 20 नवंबर 2025 को उन्हें बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया। वह वर्तमान में बिहार की सबसे युवा और प्रभावशाली मंत्रियों में से एक हैं।
करोड़ों की संपत्ति और शाही लाइफस्टाइल
साल 2026 के आंकड़ों के अनुसार श्रेयसी सिंह करीब 7.63 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति की मालकिन हैं। उनके पास बैंक डिपॉजिट, शेयर मार्केट में निवेश और लग्जरी गाड़ियों का अच्छा कलेक्शन है।
संपत्ति का विवरण (अनुमानित):
- कुल संपत्ति: लगभग 7.63 करोड़ रुपये से ज्यादा
- बैंक डिपॉजिट और शेयर: लगभग 82 लाख रुपये
- गाड़ियां: लगभग 54 लाख रुपये की लग्जरी कारें
- बीमा और बचत: लगभग 11.76 लाख रुपये
- कुल देनदारी: लगभग 13.31 लाख रुपये का लोन
जातिगत समीकरण: क्यों बन सकती हैं बिहार की मुख्यमंत्री?
बिहार की राजनीति में जाति एक बहुत बड़ा फैक्टर है। श्रेयसी सिंह राजपूत (क्षत्रिय) समाज से आती हैं। भाजपा उन्हें सीएम बनाकर सवर्ण मतदाताओं खासकर राजपूत समाज को एक बड़ा राजनीतिक संदेश दे सकती है।
इसके साथ ही वह एक पढ़ी-लिखी, युवा और सफल महिला हैं। बिहार में महिलाओं का एक बड़ा वोट बैंक है जिसे भाजपा श्रेयसी के जरिए अपनी ओर खींच सकती है। 16 अप्रैल को संसद के विशेष सत्र में होने वाली 'नारी शक्ति वंदन' चर्चा से पहले श्रेयसी को सीएम बनाना भाजपा का एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकता है।

Ragib Asim is a seasoned News Editor at NPG News with 15+ years of excellence in print, TV, and digital journalism. A specialist in Bureaucracy, Politics, and Governance, he bridges the gap between traditional reporting and modern SEO strategy (8+ years of expertise). An alumnus of Jamia Millia Islamia and Delhi University, Ragib is known for his deep analytical coverage of Chhattisgarh’s MP administrative landscape and policy shifts. Contact: [email protected]
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