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Jeffrey Epstein Biography: कौन था जेफरी एपस्टीन? जिसकी मौत के बाद भी डर में हैं ताकतवर लोग! पढ़ें एक फाइनेंसर से ग्लोबल सेक्स स्कैंडल का चेहरा कैसे बना एपस्टीन?

Jeffrey Epstein Biography Hindi: जेफरी एपस्टीन कौन था, कैसे उसने यौन शोषण का नेटवर्क बनाया और मौत के बाद भी क्यों उसकी फाइलें नेताओं की नींद उड़ा रही हैं, पढ़िए पूरी कहानी।

Jeffrey Epstein Biography: कौन था जेफरी एपस्टीन? जिसकी मौत के बाद भी डर में हैं ताकतवर लोग! पढ़ें एक फाइनेंसर से ग्लोबल सेक्स स्कैंडल का चेहरा कैसे बना एपस्टीन?
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By Ragib Asim

Jeffrey Epstein Biography Hindi: जेफरी एपस्टीन सिर्फ एक इंसान का नाम नहीं था बल्कि वह उस सिस्टम का घिनौना चेहरा बन गया जिसमें पैसा, रसूख और जवाबदेही की कमी ने वर्षों तक एक यौन अपराध नेटवर्क को पनपने दिया। न्यूयॉर्क की गलियों से निकलकर दुनिया की सबसे ताकतवर हस्तियों के ड्रॉइंग रूम तक पहुंचने वाला यह फाइनेंसर आखिरकार जेल की एक कोठरी में मृत पाया गया लेकिन अपने पीछे अनगिनत सवाल छोड़ गया।

शुरुआती जीवन: शिक्षक से निवेशक तक

जेफरी एडवर्ड एपस्टीन का जन्म 20 जनवरी 1953 को न्यूयॉर्क में हुआ। उन्होंने गणित (Math) और भौतिक विज्ञान (Physics) की पढ़ाई की लेकिन कभी डिग्री हासिल नहीं की। इसके बावजूद 1970 के दशक में उसे न्यूयॉर्क के प्रतिष्ठित Dalton School में पढ़ाने का मौका मिला।

यहीं से उनकी किस्मत ने करवट ली। एक पावरफुल अभिभावक के जरिए उनकी एंट्री Wall Street में हुई और कुछ ही वर्षों में वे निवेश बैंक Bear Stearns में पार्टनर बन गया। 1982 में उस ने अपनी खुद की कंपनी J. Epstein & Company शुरू की जो बेहद सीमित लेकिन अल्ट्रा रिच क्लाइंट्स की संपत्ति संभालने का दावा करती थी।

पैसा, पावर और हाई-प्रोफाइल नेटवर्क

एपस्टीन की पहचान सिर्फ एक इन्वेस्टर की नहीं रही वे जल्द ही अमेरिका और यूरोप के राजनीतिक, कारोबारी और मनोरंजन जगत के दिग्गजों के बीच उठने-बैठने लगे। डोनाल्ड ट्रंप, बिल क्लिंटन, प्रिंस एंड्रयू, हॉलीवुड सितारे और बड़े उद्योगपति इन नामों के साथ उनकी तस्वीरें और संपर्क समय-समय पर सामने आते रहे। हालांकि इन संपर्कों को लेकर अधिकतर हस्तियों ने किसी भी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल होने से इनकार किया है लेकिन सवाल यही है कि इतनी पहुंच आखिर एपस्टीन को मिली कैसे?

पहला बड़ा झटका: 2005 का मामला

2005 में फ्लोरिडा में एक नाबालिग लड़की के यौन शोषण की शिकायत ने एपस्टीन की चमकदार छवि में पहली बड़ी दरार डाली। जांच में सामने आया कि पीड़ितों की संख्या एक-दो नहीं, बल्कि दर्जनों में हो सकती है।

फिर भी 2008 में हुआ एक विवादास्पद प्ली डील हुई जिसे बाद में “सदी का सौदा” कहा गया इसने एपस्टीन को संघीय आरोपों से बचा ले गया। उसे सिर्फ 18 महीने की सजा मिली जिसमें उसे दिन में जेल से बाहर काम करने की अनुमति थी। यह सौदा आज भी अमेरिकी न्याय व्यवस्था पर सबसे बड़ा सवाल माना जाता है।

“मैं यौन शिकारी नहीं हूं”– एपस्टीन का दावा

2011 में न्यूयॉर्क पोस्ट से बातचीत में एपस्टीन ने कहा था, “मैं यौन शिकारी नहीं हूं, मैं एक अपराधी हूं। यह एक हत्यारे और एक बैगल चुराने वाले के बीच का अंतर है।” यह बयान अपने आप में उस मानसिकता को दिखाता है, जिसमें अपराध को भी वह पैमाने पर तौल रहा था।

दूसरी गिरफ्तारी और नेटवर्क का आरोप

2019 में एपस्टीन को दोबारा गिरफ्तार किया गया। इस बार आरोप कहीं ज्यादा गंभीर थे नाबालिग लड़कियों की यौन तस्करी, अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और ताकतवर लोगों की मदद से सबूत छिपाने के। जमानत नामंजूर होने के बाद उन्हें न्यूयॉर्क की Metropolitan Correctional Center में रखा गया। यही वह मोड़ था जहां माना जा रहा था कि कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

जेल में मौत और साजिश के सवाल

10 अगस्त 2019 को एपस्टीन अपनी जेल की कोठरी में मृत पाया गया। आधिकारिक रिपोर्ट में इसे आत्महत्या बताया गया लेकिन CCTV कैमरों की खराबी, गार्ड्स की लापरवाही और पहले से मिली धमकियों ने इस मौत को मिस्ट्री बना दिया।

घिसलेन मैक्सवेल: नेटवर्क की दूसरी कड़ी

एपस्टीन की मौत के बाद जांच का फोकस उनकी सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल पर चला गया। 2021 में उन्हें नाबालिगों की यौन तस्करी में मदद करने का दोषी ठहराया गया और 20 साल की सजा सुनाई गई। उनका ट्रायल इस बात की कन्फर्मेशन करता है कि एपस्टीन अकेला नहीं था।

Epstein Files: सच क्यों अब भी अधूरा है?

नवंबर 2025 में अमेरिकी कांग्रेस ने Epstein Files Transparency Act पारित किया। इसके तहत न्याय विभाग को एपस्टीन से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक करने का आदेश मिला। दिसंबर 2025 में कुछ फाइलें जारी हुईं, लेकिन भारी सेंसरशिप, काले किए गए पन्ने और गायब हिस्सों ने नई बहस छेड़ दी। यही वजह है कि एपस्टीन का मामला आज भी राजनीति, मीडिया और जनता के बीच जिंदा है।

एक व्यक्ति या पूरा सिस्टम?

जेफरी एपस्टीन की कहानी सिर्फ एक अपराधी की जीवनी नहीं है। यह उस सिस्टम का आईना है, जहां पैसा और पावर कानून से आगे निकल जाते हैं। उस की मौत के बाद भी सवाल कायम है- क्या एपस्टीन सच में अकेला था या वह सिर्फ एक बड़े अंधेरे नेटवर्क का हिस्सा था जिसकी पूरी सच्चाई अभी सामने आनी बाकी है?

Ragib Asim

Ragib Asim News Editor, NPG News Ragib Asim is the News Editor at NPG News with over 15 years of experience across print, television, and digital journalism. He began his career with Hindustan in 2011 and has worked with Jain TV, TV One, NewsTrack, Special Coverage, Janjwar, and The Hans India. He studied Mass Communication at Jamia Millia Islamia, holds a Master’s degree in Political Science from the University of Delhi, and has pursued Islamic Studies at Nadwatul Ulama. Ragib is proficient in Urdu, Hindi, Arabic, and English. His reporting and editorial work focuses on politics, geopolitics, current affairs, crime, business, technology, education, automobiles, and careers, with a strong specialization in SEO-, AEO-, and GEO-driven news strategy.

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