कलेक्टरी के लिए बिलासपुर पहली पसंद, रायपुर की डिमांड सबसे कम, दुर्ग, रायगढ़, कोरबा, जांजगीर के लिए भी लॉबिंग, कभी भी जारी हो सकती है लिस्ट

NPG.NEWS
रायपुर, 25 मई 2020। कलेक्टरों की बहुप्रतीक्षित सूची किसी भी समय जारी हो सकती है। खबर है, कलेक्टरों की लिस्ट पर मुख्यमंत्री की विश्वस्त अफसरों से एक बार चर्चा हो चुकी है। लिस्ट लगभग कंप्लीट भी है। मगर कोरोना के बढ़ते मरीजों के कारण कलेक्टरों का ट्रांसफर करने में सरकार आगे-पीछे हो रही है। मगर सरकार के नजदीकी लोगों का कहना है, अब ज्यादा दिनों तक सूची रोकी भी नहीं जा सकती।
दरअसल, उपर बैठे लोग भी मान रहे हैं कि लिस्ट की आस में जिलों में कलेक्टरों ने नए कार्यां में रुचि लेनी बंद कर दी है। बहरहाल, जैसे संकेत मिल रहे, सीएम का अनुमोदन के बाद आदेश जल्द जारी हो जाएगा।
कलेक्टरी के लिए आश्चर्यजनक तौर पर बिलासपुर की डिमांड सबसे उपर है। जबकि, मुंगेली और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला बनने के बाद बिलासपुर काफी छोटा हो गया है। सिर्फ चार ब्लॉक का जिला। लेकिन, राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से बिलासपुर की अहमियत कम नहीं हुई है। वैसे भी रायपुर के बाद छत्तीसगढ़ का दूसरा बड़ा जिला बिलासपुर ही है। हाईकोर्ट भी बिलासपुर के वजन का प्रमुख कारण है। बिलासपुर कलेक्टर बनने के लिए के लिए करीबन आधा दर्जन नामों की चर्चा है।
बिलासपुर के साथ दुर्ग, कोरबा, रायगढ़ और जांजगीर भी आईएएस अफसरों का पसंद वाला जिला है। इन जिलों के लिए भी सरकार के पास सिफारिशें खूब सिफारिशें आ रही।
राजधानी रायपुर के लिए गिने-चुने अफसर ही रुचि दिखा रहे हैं। हालांकि, रायपुर कलेक्टर एस भारतीदासन को सरकार अभी चेंज करने के मूड में भी नहीं है। असल में, रायपुर में प्रोटोकॉल ड्यूटी ज्यादा है। सुबह से लेकर देर रात तक मंत्रालय से लेकर सीएम हाउस में बैठकों का दौर चलता रहता है। लिहाजा, रायपुर कलेक्टर बनने से सिवाय प्रोफाइल उंचा हो जाता है, दुनिया भर की मगजमारी रहती है। राजनीतिक इवेंट सबसे अधिक रायपुर में होती है। इसके अलावा ये भी माना जाता है कि राजधानी रायपुर में अगर पोस्टिंग मिल गई तो कलेक्टरी की पारी खतम हो गई। इसलिए, आमतौर पर दो-तीन जिले की कलेक्टरी करने के बाद ही आईएएस रायपुर का कलेक्टर बनना चाहता है।

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