कैसी शराबबंदी? चौथी क्लास के छात्र ने स्कूल में पी शराब, NHRC ने बिहार सरकार से मांगा जवाब

Student Drinks Alcohol In School In Bihar: बिहार के बेगूसराय में एक सरकारी स्कूल के चौथी क्लास के छात्र ने स्कूल में शराब पी है। इस घटना के सामने आने के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वतः संज्ञान लेते हुए बिहार के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को नोटिस भेजकर दो सप्ताह में जवाब मांगा है।
घटना बेगूसराय जिले के सिसवा इलाका स्थित एक सरकारी स्कूल की हुई। यहां शराब माफियाओं ने स्कूल परिसर में एक टॉयलेट को शराब का गोदाम बना दिया था। 6 अप्रैल को स्कूल में पढ़ने वाला चौथी कक्षा का एक छात्र टॉयलेट गया था। वहां उसने कुछ बोतलें रखी हुई देखीं। उसको लगा की कोल्ड ड्रिंक है। उसने वो पी लिया। असल में वो कोल्ड ड्रिंक नहीं शराब थी।
शराब के नशे में धुत बच्चा पहुंचा घर
नशे में धुत बच्चा घर लौटा और उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिवार वाले सदमे में आ गए। उन्हें समझ नहीं आया की क्या हुआ है। कुछ देर बाद छात्र के दोस्तों ने बताया कि उसने कुछ पी लिया है। परिवार वाले स्कूल पहुंचे और फिर प्राचार्य को बताया। उसके बाद पुलिस को सूचना दी। शिकायत पर पुलिस ने स्कूल परिसर की तलाशी ली। इसके बाद चौंकाने वाला सच सामने आया। पुलिस ने स्कूल के टॉयलेट से 204 लीटर शराब जब्त की। शराब 23 कार्टन में पैक थी।
NHRC ने भेजा नोटिस
मानवाधिकार आयोग ने मीडिया रिपोर्टों के आधार पर स्वतः संज्ञान लिया है। एनएचआरसी ने कहा कि ये रिपोर्टें सही हैं तो यह घटना प्रशासन और स्कूल प्रबंधन दोनों की घोर लापरवाही का मामला है। आयोग ने बिहार सरकार से दो मुख्य बिंदुओं के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। एनएचआरसी ने छात्र की वर्तमान स्थिति की भी जानकारी मांगी है। विशेष रूप से बच्चे के स्वास्थ्य के संबंध में क्या उपाय किए गए और उसे वर्तमान में कैसी चिकित्सा सहायता दी जा रही है? इसके अलावा आयोग ने पूछा है कि उन तस्करों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। उन अधिकारियों के खिलाफ भी क्या कार्रवाई हुई है, जिन्होंने इस लापरवाही को नजरअंदाज किया।
शराबबंदी पर उठ रहे सवाल
बिहार में अप्रैल 2016 से शराब पर प्रतिबंध है। इसके बाद भी स्कूलों जैसी संवेदनशील जगहों पर इतनी मात्रा में शराब का मिलना सुरक्षा व्यवस्था की विफलता को बताता है। मानवाधिकार आयोग ने इस बात पर गहरी चिंता जताई है कि कैसे आपराधिक गिरोहों ने बिना डर के एक सरकारी स्कूल को अपना अड्डा बना लिया। कैसे महीनों तक किसी को भी इस बात की जरा-सी भनक नहीं लगी कि वहां क्या चल रहा है।
-
Home
-
Menu
