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बाहुबलियों में बेचैनी...नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से अनंत सिंह और आनंद मोहन 'डरे', छोटे सरकार तो रिटायरमेंट का कर दिए ऐलान

Bihar News : नीतीश कुमार की दिल्ली राजनीति में सक्रिय होने के निर्णय से बाहुबली नेता चिंतित हैं। अनंत सिंह ने सक्रिय चुनावी राजनीति से संन्यास का ऐलान कर दिया है। आनंद मोहन लगातार भाजपा पर हमलावर हैं।

बाहुबलियों में बेचैनी...नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से अनंत सिंह और आनंद मोहन डरे, छोटे सरकार तो रिटायरमेंट का कर दिए ऐलान
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By Ranjan Kumar

Bihar Politics: बिहार की सियासत में दो दशक से नीतीश कुमार सत्ता के शीर्ष पर हैं। उनके इर्द-गिर्द घूमने वाली राजनीति अब बड़े बदलाव के संकेत दे रही। नीतीश कुमार जल्द मुख्यमंत्री पद छोड़कर दिल्ली की राजनीति में सक्रिय होंगे। उनकी इस नई पारी से बाहुबली नेताओं और खासकर अनंत सिंह और आनंद मोहन में खलबली है। इन नेताओं के नीतीश कुमार से अच्छे संबंध रहे हैं। वहीं, भाजपा के साथ ये कभी सहज नहीं रहे। भाजपा की बढ़ती ताकत और नए मुख्यमंत्री के डर से इन बाहुबलियों को अपनी राजनीतिक वजूद और विरासत खतरे में दिख रही है।

अनंत सिंह को अपना भविष्य नहीं दिख रहा सुरक्षित

मोकामा विधायक अनंत सिंह ने कह चुके हैं कि नीतीश कुमार दिल्ली जाएंगे तो वह भी चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने बेटे को उत्तराधिकारी घोषित करने के संकेत दिए हैं। अनंत सिंह का फैसला बताता है कि बिना नीतीश कुमार के संरक्षण के उन्हें एनडीए की नई व्यवस्था में अपना भविष्य सुरक्षित नहीं दिख रहा।

आनंद मोहन को किस बात का डर?

आनंद मोहन भाजपा पर जमकर बरस रहे हैं। उन्होंने पर्ची सिस्टम का हवाला देते हुए भाजपा नेतृत्व चयन की प्रक्रिया पर तंज कसा है। आनंद मोहन को डर है कि नीतीश के हटते भाजपा उन्हें वो तवज्जो नहीं देगी, जो जदयू या नीतीश कुमार से उन्हें और उनके परिवार को मिलती रही है।

चेतावनी तक दे डाली

आनंद मोहन ने चेतावनी दी है कि नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना एनडीए के लिए आत्मघाती हो सकता है। उनके अनुसार कुर्मी और कोइरी (लव-कुश) समाज में फैसले को लेकर नाराजगी है। नीतीश कुमार के हटने से जो राजनीतिक शून्य पैदा होगा, उसका चुनावी लाभ सीधा विपक्ष को मिलेगा।

निशांत कुमार को सीएम बनाने की वकालत

आनंद मोहन ने अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता कायम रखने को नया कार्ड खेला है। उन्होंने कहा है जदयू को विरासत संभालनी है तो नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को सीधे मुख्यमंत्री बनाना चाहिए। वे उपमुख्यमंत्री पद को चुप मुख्यमंत्री बताते और चाहते हैं कि निशांत के जरिये जदयू में उनकी पकड़ बनी रहे।

जदयू-राजद से जुड़े रहे हैं ये बाहुबली

बाहुबली आनंद मोहन की सेटिंग नीतीश कुमार से रही है। उनकी पत्नी लवली आनंद जदयू से शिवहर से सांसद हैं। बेटा चेतन आनंद औरंगाबाद के नबीनगर से जदयू से विधायक हैं। बीजेपी से इनकी नहीं बनी या बीजेपी ने इन बाहुबलियों को कभी तवज्जों नहीं दी। नीतीश कुमार और लालू प्रसाद की पार्टी से ये लोग जुड़े रहे। अब राजद कमजोर और नीतीश कुमार के दिल्ली जाने से इनके पसीने छूट रहे हैं।

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