पिता के सामने डूब गए 3 बेटे, शव देखकर पूरा गांव गम में डूबा, किसी घर में नहीं जला चूल्हा

पिता के सामने डूब गए 3 बेटे, शव देखकर पूरा गांव गम में डूबा, किसी घर में नहीं जला चूल्हा
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Samastipur News : समस्तीपुर में करेह नदी के बरियाही घाट पर स्नान के दौरान तीनों सगे भाई डूब गए। तीनों का शव पहुंचने पर गांव में मातम पसर गया। किसी घर में चूल्हा नहीं जला।

Samastipur 3 Brothers Drowned: समस्तीपुर में एक पिता की नजरों के सामने उसके तीनों बेटे नदी में डूब गए। मंगलवार यानी 7 अप्रैल को तीनों की चिता जली। घटना शिवाजीनगर प्रखंड अंतर्गत परसा पंचायत के बोरज गांव की है। सोमवार यानी 6 अप्रैल को तीनों सगे भाई नहाने के दौरान नदी में डूबे थे।

ये करेह नदी के बरियाही घाट पर नहाने गए थे। मंगलवार को पोस्टमार्टम बाद जैसे ही तीनों बच्चों का शव घर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। एक साथ तीन बेटों के जाने से परिवार टूट गया। दरअसल, बोरज गांव के वार्ड नंबर 7 निवासी सुदर्शन कुमार झा के बेटे आदित्य कुमार, हर्षित कुमार और कार्तिक कुमार सोमवार दोपहर एक बजे करेह नदी में नहाने गए थे। पिता भी मौजूद थे, लेकिन देखते ही देखते तीनों बच्चे गहरे पानी में समा गए।

5 घंटे की मशक्कत के बाद निकले शव

घटना बाद ग्रामीणों, मछुआरों और शिवाजीनगर पुलिस की मदद से बचाव कार्य शुरू हुआ। 5 घंटे बाद एक-एक कर तीनों बच्चों के शव को नदी से बाहर निकाला जा सका। उसके बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। रात दो बजे शव गांव पहुंचा तो माहौल गमगीन हो उठा।

दिल्ली में पढ़ते थे तीनों बेटे

मंगलवार को गांव में शोक की लहर और गहरी हो गई। हालात ऐसे रहे कि किसी घर में चूल्हा नहीं जला। मां आशा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के अनुसार सुदर्शन कुमार झा बेहद गरीब हैं। दिल्ली में सुरक्षा गार्ड का काम कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। तीनों बेटे दिल्ली में पढ़ते थे। रामनवमी पर पूरा परिवार गांव आया था। बच्चों के दादा विदेश्वर झा ने कहा कि तीन पोतों का जाना उनके जीवन की सबसे बड़ी क्षति है। तीनों बच्चे बेहद होनहार थे। उनसे परिवार को काफी उम्मीदें थीं।

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