नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद IAS की कहानी... जानिए प्रत्यय अमृत का गोपालगंज से बिहार के मुख्य सचिव बनने तक का सफर, राज्य को दी कई बड़ी सौगातें

Bihar Chief Secretary Pratyay Amrit Profile: बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव होने वाला है। इस बदलाव के साथ कुछ प्रशासनिक फेरबदल की भी पूरी संभावना है। नीतीश कुमार के सीएम पद से हटने के बाद उनके सबसे भरोसेमंद आईएएस प्रत्यय अमृत को भी मुख्य सचिव पद से हटाया जा सकता है। प्रत्यय अमृत को कोई दूसरी जिम्मेदारी दी जा सकती है।
आईएएस प्रत्यय अमृत 01 सितंबर 2025 में बिहार के मुख्य सचिव बने हैं। इनके नाम कई उपलब्धियां दर्ज हैं। इन्होंने नीतीश कुमार के विकास कार्यों को जमीन पर उतारने और बिहार की तरक्की में अहम भूमिका निभाई है।
कौन हैं आईएएस प्रत्यय अमृत?
साल 2011 में प्रधानमंत्री पुरस्कार से सम्मानित प्रत्यय अमृत को ब्यूरोक्रेसी में सुपरमैन, सरकार का संकटमोचक भी कहा जाता है। आईएएस प्रत्यय अमृत ने भी स्वास्थ्य विभाग में पहली बार पीपीपी मॉडल यानी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप को लागू किया था। इन्हें बिहार के जिला अस्पतालों का कायापलट कराया। सिनेमाघरों में सीसीटीवी अनिवार्य कराया, पूरे बिहार के गांव-गांव तक बिजली पहुंचवाई। राज्य मुख्यालय में अहम जिम्मेदारी मिलने पर गंगा पथ, दीघा फ्लाईओवर जैसी लाइफलाइन पूरे प्रदेश को दी।
कहां से शुरू हुआ है आईएएस प्रत्यय अमृत का सफर?
ईमानदार और रिजल्ट देने वाली छवि रखने वाले आईएएस प्रत्यय अमृत बिहार के गोपालगंज जिले के हथुआ सब-डिवीजन अंतर्गत भरतपुरा गांव के रहने वाले हैं। प्रत्यय अमृत और लालू प्रसाद का गृह जिला गोपालगंज ही है। प्रत्यय अमृत के पिता रिपुसूदन श्रीवास्तव बाबा साहेब आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय में प्रोफेसर रहे हैं। माता कविता वर्मा भी प्रोफेसर थीं। बड़ी बहन प्रज्ञा रिचा मध्य प्रदेश में एडीजी हैं। प्रत्यय अमृत के बड़े भाई प्रतीक प्रियदर्शी ग्रेटर नोएडा में बीमटेक में एसोसिएट प्रोफेसर हैं।
IAS प्रत्यय अमृत ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से की है पढ़ाई
प्रत्यय अमृत ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रसिद्ध कॉलेज हिंदू कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है। इतिहास में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। यहां वो टॉपर रहे। दिल्ली यूनिवर्सिटी में लेक्चरर की नौकरी भी ऑफर हुई थी। मगर, उन्होंने ठुकराकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर दूसरे प्रयास में ही आईएएस बन गए।
1991 में IAS बने प्रत्यय अमृत
1991 में प्रत्यय अमृत आईएएस बने। इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी में साथ पढ़ने वाली रत्ना से शादी की है। रत्ना एएन कॉलेज में प्रोफेसर हैं। प्रत्यय अमृत और रत्ना की दो संतानें हैं। बेटी अपूर्वा भोपाल से लॉ की पढ़ाई कर रही और बेटा अंशुमत अमेरिका के ब्रायंट यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहा है।
IAS प्रत्यय अमृत की अहम उपलब्धियां
जेपी गंगा पथ, एम्स-दीघा फ्लाईओवर का निर्माण कराया। ग्रामीण विद्युतीकरण पूरे प्रदेश में तेजी से पूरा कराया। 2015 से पहले पूरे बिहार के हर गांव तक बिजली कनेक्शन पहुंचाया। पहली बार पीपीपी मॉडल लागू कराया। कटिहार जिला अस्पताल का कायाकल्प।
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