IAS Pratyaya Amrit: नीतीश कुमार के 'मोस्ट ट्रस्टेड अफसर' प्रत्यय अमृत होंगे बिहार के नए मुख्य सचिव, पढ़िए प्रत्यय अमृत की जीवनी बारे में सबकुछ

Pratyaya Amrit Bihar Chief Secretary: बिहार की ब्यूरोक्रेसी में एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। वर्तमान मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा 31 अगस्त को रिटायर हो रहे हैं और उनके स्थान पर एक सितंबर से IAS प्रत्यय अमृत बिहार के नए मुख्य सचिव का कार्यभार संभालेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस तबदीली की अधिसूचना भी जारी कर दी है।
आपको बता दें कि यह सिर्फएक प्रशासनिक फेरबदल नहीं है बल्कि यह कहानी है एक ऐसे अधिकारी की जिसकी मेहनत, ईमानदारी और सुचिता ने उन्हें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सबसे विश्वसनीय सिपहसालार बना दिया। आइये जानते हैं प्रत्यय अमृत की जीवनी के बारे में सबखुछ।
प्रत्यय अमृत ने हर चुनौती को अवसर में बदला
प्रत्यय अमृत कोई साधारण अफसर नहीं हैं। 1989 बैच के IAS अधिकारी ने ज़मीनी स्तर पर अपनी पकड़ हमेशा मजबूत बनाए रखी। पथ निर्माण विभाग में जब सड़कों की स्थिति सवालों के घेरे में थी, तो अमृत ने उसे सुधारने का बीड़ा उठाया।
कोविड-19 जैसी आपदा के दौरान जब बिहार की स्वास्थ्य प्रणाली चरमराने लगी थी, तब अपर मुख्य सचिव के रूप में उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की कमान संभाली और सिस्टम को स्थिर किया। लोगों को इलाज मिला, अस्पतालों में बेड बढ़े और टेस्टिंग की क्षमता कई गुना तक पहुंची। ऊर्जा विभाग हो या आपदा प्रबंधन— जहां-जहां वे गए, वहाँ सुधार और बदलाव की कहानी पीछे छोड़ आए।
IAS बनने का सफर: गोपालगंज से दिल्ली यूनिवर्सिटी तक की यात्रा
7 जुलाई 1967 को बिहार के गोपालगंज में जन्मे प्रत्यय अमृत की प्रारंभिक शिक्षा साधारण थी, लेकिन उनके सपने बड़े थे। दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित हिंदू कॉलेज से स्नातक करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू की। पहली बार में नहीं, लेकिन दूसरी कोशिश में उन्होंने UPSC की परीक्षा पास कर ली और देश की सबसे कठिन नौकरी में जगह बनाई। कटिहार, छपरा जैसे जिलों में उन्होंने बतौर जिलाधिकारी काम किया, और लोगों से सीधे जुड़कर शासन की नई भाषा लिखी।
पुरस्कारों से सम्मानित, जनता से जुड़ा नाम
2011 में प्रत्यय अमृत को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार (PM’s Award for Excellence in Public Administration) से नवाज़ा गया। यह सम्मान सिर्फ उनकी कार्यशैली के लिए नहीं था, बल्कि उनकी दूरदृष्टि, सिस्टम को समझने की काबिलियत और क्रियान्वयन में दक्षता के लिए था। 2024 में वे विकास आयुक्त बने, और अब राज्य के सर्वोच्च प्रशासनिक पद "मुख्य सचिव" पर आसीन होने जा रहे हैं।
क्यों खास हैं प्रत्यय अमृत नीतीश कुमार के लिए?
बिहार में जहां सत्ता और अफसरशाही के रिश्ते अक्सर तनावपूर्ण माने जाते हैं, वहीं प्रत्यय अमृत उन चंद अधिकारियों में हैं जिन पर नीतीश कुमार ने हमेशा भरोसा किया। कारण साफ है- उन्होंने कभी भी राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए नीति से समझौता नहीं किया।

Ragib Asim is a seasoned News Editor at NPG News with 15+ years of excellence in print, TV, and digital journalism. A specialist in Bureaucracy, Politics, and Governance, he bridges the gap between traditional reporting and modern SEO strategy (8+ years of expertise). An alumnus of Jamia Millia Islamia and Delhi University, Ragib is known for his deep analytical coverage of Chhattisgarh’s MP administrative landscape and policy shifts. Contact: [email protected]
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