Panorama Group Raid : IT की बड़ी कार्रवाई! 20 ठिकानों पर रेड, 3 किलो सोना, 1.25 करोड़ कैश बरामद… जानिए और क्या क्या मिला?
Panorama Group Raid : आयकर विभाग ने टैक्स चोरी के संदेह में पैनोरमा ग्रुप और इसके सीएमडी संजीव मिश्रा के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है. वीआईपी पार्टी के नेता और मुकेश सहनी के करीबी संजीव मिश्रा के ठिकानों पर हुई इस बड़ी कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है.

Panorama Group Raid : IT की बड़ी कार्रवाई! 20 ठिकानों पर रेड, 3 किलो सोना, 1.25 करोड़ कैश बरामद… जानिए और क्या क्या मिला?
Panorama Group Raid: पूर्णिया : बिहार के रियल एस्टेट क्षेत्र की बड़ी कंपनी पैनोरमा ग्रुप पर आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है मंगलवार सुबह 6 बजे से ही पटना से आई आयकर विभाग की टीम ने पूर्णिया और सुपौल जिलों में एक साथ दबिश दी. यह पूरी कार्रवाई पैनोरमा ग्रुप के सीएमडी संजीव मिश्रा के ठिकानों पर केंद्रित हैं, जो देर रात तक जारी रही.
अधिकारियों की बड़ी टीम और सघन जांच
इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए पटना से आयकर विभाग के 20 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों की टीम पहुंची थी. पूर्णिया में जिला स्कूल रोड और बाइपास रोड स्थित पैनोरमा ई-होम्स के कार्यालयों सहित सभी प्रमुख ठिकानों को खंगाला गया. जांच के दौरान अधिकारियों ने वित्तीय लेन-देन से जुड़े रजिस्टर, बैंक खाते, जमीन के दस्तावेज और भारी मात्रा में डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए हैं.
परिजनों से पूछताछ
छापेमारी के दौरान टीम ने सीएमडी संजीव मिश्रा और उनके परिवार के सदस्यों से कई घंटों तक आमने-सामने पूछताछ की. अधिकारियों ने ग्रुप के निवेश के स्रोतों और पिछले कुछ वर्षों में हुए बड़े वित्तीय ट्रांजेक्शन के बारे में जानकारी मांगी.
सुपौल के संस्थानों पर भी कार्रवाई
आयकर की यह कार्रवाई केवल पूर्णिया तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसका असर सुपौल में भी देखने को मिला. संजीव मिश्रा से जुड़े छातापुर के रामपुर स्थित पैनोरमा पब्लिक स्कूल और पैनोरमा हॉस्पिटल के साथ-साथ करजैन स्थित बसंत राइस मिल पर भी एक साथ छापेमारी की गई. इन जगहों से भी महत्वपूर्ण दस्तावेज मिलने की सूचना है.
टैक्स चोरी और अघोषित संपत्ति का मामला
आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई टैक्स चोरी और अघोषित आय की पुख्ता सूचना के आधार पर की गई है. अधिकारियों का कहना है कि जब्त किए गए कागजातों और डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है, जिससे यह पता चल सके कि वास्तविक आय और निवेश में कितनी गड़बड़ी की गई है. इस कार्रवाई के बाद से सीमांचल के कारोबारी जगत में खलबली मची हुई है.
छापेमारी में क्या-क्या मिला
आयकर विभाग की इस बड़ी छापेमारी में पैनोरमा ग्रुप के ठिकानों से 1.25 करोड़ रुपये नकद और करीब 3 किलो सोना व अन्य जेवरात बरामद किए गए हैं. इसके अलावा, अधिकारियों ने 400 से ज्यादा महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में जमीन, आलीशान फ्लैट और मकानों के कागजात शामिल हैं. विभाग इन सभी दस्तावेजों और बेहिसाब संपत्ति की जांच कर रहा है.
पैनोरमा ग्रुप का सफर और दबदबा
पैनोरमा ग्रुप बिहार के सीमांचल और कोसी इलाके खासकर पूर्णिया की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनियों में से एक है. इसकी शुरुआत करीब 10-12 साल पहले संजीव मिश्रा ने की थी. आज यह ग्रुप सिर्फ घर और फ्लैट ही नहीं बनाता, बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बड़े स्तर पर सक्रिय है. पूर्णिया में पैनोरमा ई-होम्स जैसी आलीशान कॉलोनियां और सुपौल में पैनोरमा पब्लिक स्कूल व पैनोरमा हॉस्पिटल जैसे बड़े संस्थान इसी ग्रुप के हैं. इलाके में संजीव मिश्रा की पहचान एक ऐसे कारोबारी की है, जिसने बहुत कम समय में एक बड़ा साम्राज्य खड़ा कर लिया.
संजीव मिश्रा का कद और राजनीतिक कनेक्शन
संजीव मिश्रा मूल रूप से सुपौल के रहने वाले हैं और वे न केवल एक बड़े बिजनेसमैन हैं, बल्कि राजनीति में भी काफी रसूख रखते हैं. वे मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी के बड़े नेता और उनके बेहद खास माने जाते हैं. चर्चा तो यह भी है कि वे आने वाले चुनाव में छातापुर सीट से अपनी किस्मत आजमा सकते हैं. उनके कार्यक्रमों में अक्सर बड़े फिल्मी सितारे और दिग्गज नेता शिरकत करते हैं. हालांकि, अब आयकर विभाग की इस बड़ी छापेमारी और करोड़ों की बरामदगी ने उनके इस चमकते कारोबारी और राजनीतिक करियर में बट्टा लगा रहें हैं.
