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अब पटना से दिल्ली सिर्फ 7 घंटे में पहुंचेंगे, जानिए ट्रेन की डिटेल

Train News : रेल मंत्रालय ने मिशन रफ्तार के तहत दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा रूट को चुना है। पूर्व मध्य रेलवे में डीडीयू से प्रधानखंटा खंड शामिल है। इस रूट पर 294 किमी में कवच लगाने का काम तेजी से चल रहा है।

अब पटना से दिल्ली सिर्फ 7 घंटे में पहुंचेंगे, जानिए ट्रेन की डिटेल
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भारतीय ट्रेन। इमेज-सोशल मीडिया

By Ranjan Kumar

Patna To Delhi Train News: बिहार के रेल यात्रियों के लिए बहुत अच्छी खबर है। मोकामा में गंगा नदी पर राजेंद्र सेतु के समानांतर बन रहे नए दो लेन पुल से ट्रेनों की आवाजाही जून में शुरू होगी। इससे दानापुर और सोनपुर मंडल के बीच ट्रेनों की आवाजाही सुगम होगी। साथ ही दिल्ली-हावड़ा रूट पर ट्रेनों की रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचाने का रास्ता साफ होगा। इसके बाद पटना से दिल्ली का सफर सिर्फ 7 घंटे में तय हो सकेगा।

पूर्व मध्य रेलवे के जीएम छत्रसाल सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया है कि राजेंद्र सेतु के समानांतर बन रहे इस पुल के दोनों ओर रेल फ्लाईओवर बनाया जा रहा है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि झाझा-पटना की ओर से आने-जाने वाली ट्रेनों या राजेंद्र पुल पर चढ़ने वाली गाड़ियों के कारण मेन लाइन का परिचालन बाधित नहीं होगा। यह बुनियादी ढांचा मालगाड़ी और यात्री ट्रेनों के समयबद्ध परिचालन के लिए क्रांतिकारी साबित होने वाला है।

160 किमी की स्पीड का लक्ष्य

रेल मंत्रालय ने मिशन रफ्तार के तहत दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा रूट को हाई-स्पीड कॉरिडोर के रूप में चुना है। पूर्व मध्य रेलवे के पंडित दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) जंक्शन से प्रधानखंटा खंड के बीच 294 किलोमीटर के दायरे में अत्याधुनिक कवच सिस्टम लगाया जा रहा है।

एक वर्ष में स्थापित होगा कवच

जीएम छत्रसाल सिंह ने बताया कि एक वर्ष में इस खंड में कवच स्थापित हो जाएगा। उत्तर मध्य रेलवे (गाजियाबाद से डीडीयू) और पूर्व रेलवे (आसनसोल और हावड़ा मंडल) में कवच का काम जारी है। जैसे ही इन तीनों रेलवे जोन में कवच सिस्टम पूरी तरह सक्रिय होगा। पटना होकर दिल्ली से हावड़ा के बीच ट्रेनें 160 किमी/ घंटा की रफ्तार से दौड़ने लगेंगी। इससे पटना से दिल्ली का सफर 7 घंटे में तय किया जा सकेगा।

आरओबी निर्माण से खत्म होंगे फाटक

रेलवे परिचालन को और सुरक्षित और तेज बनाने के लिए पूर्व मध्य रेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर काफी काम कर रहा है। जीएम ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में 41 जगहों पर अंडरपास और छोटे ओवरब्रिज निर्माण को मंजूरी मिली है। अब 71 और जगहों पर ऐसे छोटे ओवरब्रिज और अंडरपास का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया है।

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