नीतीश कुमार ने 3 मंगलकारी योग में ली शपथ, जानिए कितना लाभकारी होगा यह

नीतीश कुमार ने 3 मंगलकारी योग में ली शपथ, जानिए कितना लाभकारी होगा यह
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नीतीश कुमार। इमेज-सोशल मीडिया

Nitish Kumar Rajya Sabha Shapath News : सीएम नीतीश कुमार ने आज दोपहर 12:15 में राज्यसभा सांसद पद की शपथ ली। आज वैशाख कृष्ण अष्टमी को शुभ नक्षत्र और तीन मंगलकारी योग में नीतीश कुमार ने शपथ ग्रहण किया है।

Nitish Kumar Rajya Sabha Oath News: सीएम नीतीश कुमार ने आज दोपहर 12:15 में राज्यसभा सांसद पद की शपथ ली। आज वैशाख कृष्ण अष्टमी को शुभ नक्षत्र और तीन मंगलकारी योग में नीतीश कुमार ने शपथ ग्रहण किया है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण के समय उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, शिव योग, सिद्ध योग और जयद् योग विद्यमान था। चंद्रमा आज मकर राशि में है। शपथ ग्रहण के वक्त अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया मुहूर्त थी।

ज्योतिष शास्त्र कहता है कि किसी भी शुभ काम को करने के लिए शुभ मुहूर्त का होना जरूरी है। इस दौरान ग्रह-गोचर की शुभ स्थिति और शुभतादायी योग में शपथ लेने से उस काम की महत्ता बढ़ जाती है। काम में स्थिरता बनी रहती है। उसका लाभ लंबे समय तक मिलता है। इसके अतिरिक्त शुभ मुहूर्त में शपथ ग्रहण करना वैदिक और ज्योतिषीय परंपरा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसमें आध्यात्मिक, मनोवैज्ञानिक, कर्मफल आधारित मान्यताएं शामिल होती हैं। शुभ मुहूर्त में शपथ ग्रहण करने से सफलता, स्थिरता, प्रतिष्ठा एवं सकारात्मक ऊर्जा का मार्ग प्रशस्त करता है।

ग्रह-नक्षत्रों का सकारात्मक प्रभाव

ज्योतिषचार्य राकेश झा के अनुसार शपथ ग्रहण जैसे बड़े कार्य आरंभ के समय ग्रहों की स्थिति अनुकूल हो तो बुद्धि की स्थिरता, निर्णय क्षमता में बल मिलता है। विरोध कम और सहयोग अधिक मिलता है। काम की सफलता की संभावना बढ़ती है। पद-प्रतिष्ठा बाधारहित होता है। लंबे समय तक टिकता है। अच्छे परिणाम देता है। मानसिक और सामाजिक प्रभाव बना रहता है। शुभ समय में लिया गया संकल्प व्यक्ति को मानसिक रूप से दृढ़ बनाता है। समाज और परंपरा के अनुसार यह शुभारंभ की सकारात्मक भावना प्रदान करता है। शपथ ग्रहण साधारण काम नहीं है। यह पद का दायित्व, समाज एवं राष्ट्र की सेवा व दीर्घकालिक निर्णयों का संकल्प का प्रतीक है। भारतीय वेदानुसार शुभ कार्य, शुभ समय, शुभ दिशा, शुभ ग्रह स्थिति में ही करना चाहिए। यह व्यक्ति के कर्म को फलदायक बनाता है।

राहु और शुक्र की युति से बना ये संयोग

ज्योतिषाचार्य के अनुसार नीतीश कुमार की राशि वृश्चिक है। इसके स्वामी मंगल होते हैं। नीतीश कुमार की कुंडली में राहु की महादशा में शुक्र की अंतर्दशा चल रही। नीतीश कुमार की जन्मकुंडली में पराक्रम स्थान को मंगल देख रहे। राहु-शुक्र के साथ बुध की प्रत्यंतर दशा चल रही है। राहु पद-प्रतिष्ठा तो शुक्र वैभव, ऐश्वर्य, प्रसिद्धि देता है। बुध ग्रह वाणी, कुशाग्र बुद्धि का प्रतिनिधित्व करता है। तीनों ग्रहों का मेल पद और प्रतिष्ठा में वृद्धि के साथ स्थान परिवर्तन का योग बनाता है। यह साल इनके पद-प्रतिष्ठा में बढ़ोतरी के साथ स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं से छुटकारा दिलाएगा। साथ ही शुक्र देश की राजनीति सुख में प्रबल दावेदार सिद्ध होंगे।

2027 नीतीश के लिए होगा कष्टकारी

ज्योतिषाचार्य राकेश झा ने दावा है कि नीतीश कुमार की 26 अप्रैल 2027 के बाद चंद्रमा की अंतर्दशा शुरू होगी। उस समय उन्हें स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। मस्तिष्क संबंधी माइग्रेन की समस्या, सांस संबंधी समस्या हो सकती है।

नवंबर 2029 से प्रतिष्ठा में होगी बढ़ोतरी

ज्योतिषाचार्य ने बताया कि 26 अक्टूबर 2027 के बाद उनके राजनीतिक जीवन में उतार-चढ़ाव दिख सकता है। नीतीश कुमार का जन्म मार्च में हुआ है। उन्होंने पहली बार मुख्यमंत्री पद की शपथ भी मार्च में ली थी। अब राज्यसभा के लिए नॉमिनेशन भी उन्होंने मार्च में ही भरा है। उनके लिए मार्च महीना बेहद शुभ है। हिंदी कैलेंडर के अनुसार यह साल का अंतिम महीना है।

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