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Bihar News: बिहार चेक डैम ने बदली किसानों की तकरीर, फसलों के लिए संजीवनी, पीने के पानी का संकट खत्म

Bihar News: हरसिंगपुर में वर्षा जल संचयन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई, करीब 10 लाख की लागत से चेक डैम का निर्माण किया गया जिससे किसानों को बेहद फायदा हुआ है...

Bihar News: बिहार चेक डैम ने बदली किसानों की तकरीर, फसलों के लिए संजीवनी, पीने के पानी का संकट खत्म
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By Anjali Vaishnav

पटना, 18 फरवरी। दरभंगा जिले के अलीनगर प्रखंड अंतर्गत चार हजार की आबादी वाले गांव हरसिंगपुर की झोली उस समय खुशियों से भर उठी जब यहां लाखों की लागत से जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत चेक डैम का निर्माण करवाया गया। गांव में वर्षा जल संचयन के लिए नव निर्मित इस चेक डैम से न सिर्फ पीने के लिए पानी का संकट खत्म हुआ है बल्कि कृषि क्षेत्र में फसलों की सिंचाई की समस्या भी स्थाई रूप से खत्म हो चुकी है। गांव के लोगों का मानना है कि चेक डैम के निर्माण से गांव के लिए प्रगति का एक नया द्वार खुला है।

दरभंगा के हरसिंगपुर गांव में कुछ वर्ष पहले तक वर्षा जल संचयन के लिए कोई स्थाई स्रोत नहीं था। बरसात के मौसम में जल तेजी से बहकर नदियों/नालों के माध्यम से बाहर निकल जाता था। गर्मी के मौसम में भू-जल स्तर के अत्यंत नीचे खिसक जाने से कुआं, चापाकल एवं दूसरे जलस्रोत सूख जाते थे। गांव में कृषि कार्य पूरी तरह वर्षा पर निर्भर था जिसकी वजह से गांव में केवल एक फसल की खेती ही संभव हो पाती थी। किसानों का कहना है कि सिंचाई के अभाव में खेतों में उत्पादन कम होता था। इससे किसानों की जहां आय सिमट गई थी वहीं पशुपालन एवं घरेलू जल उपयोग के लिए भी लोगों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। गांव की बदतर स्थिति यह हो गई थी कि रोजगार के अभाव में युवाओं को शहरों के लिए पलायन करना पड़ रहा था।

गांव की इस भीषण जल संकट की समस्या को गंभीरत से लेते हुए कुछ दिन पहले ग्रामीण विकास विभाग ने यहां जल संचयन के लिए चेक डैम बनवाने का निर्णय लिया। इसी निर्णय के अनुसार यहां मनरेगा के तहत नौ लाख 84 हजार रुपए की लागत से डैम का निर्माण कराया गया। अब गांव में वर्षा जल संचयन की दिशा में चेक चैम के बन जाने से किसानों के लिए 250 एकड़ कृषि भूमि सिंचाई की गारंटी सुनिश्चित हुई है। साथ ही करीब 500 पशुधन के नहाने, सफाई और पीने के लिए जल की उपलब्धता आसानी के साथ हो पा रही है। इस चेक डैम से अभी तक 670 लोगों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिल रहा है। गांव के लोगों का कहना है कि सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होने से अब यहां सब्जी, तिलहन, दलहन की खेती भी शुरू कर दी गई है। गांव में ही जलस्रोत के बन जाने से कई तरह की खुशहाली लौट आई है। मुख्य रूप से इस क्षेत्र में हरियाली एवं पर्यावरणीय संतुलन में काफी सुधार हुआ है।

हरसिंगपुर में चेक डैम निर्माण से प्राप्त प्रमुख लाभ

  • भू-जल स्तर में स्थायी वृद्धि
  • वर्षा जल का संरक्षण एवं पुनर्भरण
  • सिंचाई क्षमता में वृद्धि
  • कृषि उत्पादन एवं किसान आय में बढ़ोतरी
  • पशुपालन एवं आजीविका में सुधार
  • पर्यावरण संरक्षण एवं हरित आवरण में वृद्धि
  • ग्रामीण पलायन में कमी

हरसिंगपुर किसान शंकर यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत बने चेक डैम से हमारे गांव में पानी की समस्या समाप्त हो गई है। अब खेती, पशुपालन एवं रोज़गार में काफी सुधार हुआ है।

किसान उमेश यादव ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत चेक डैम निर्माण कार्य जल संरक्षण एवं ग्रामीण विकास की दिशा में अत्यंत सफल सिद्ध हुआ है। यह योजना स्थायी जल प्रबंधन, कृषि विकास एवं ग्रामीण जीवन स्तर सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

Anjali Vaishnav

अंजली वैष्णव मैंने छत्तीसगढ़ के कल्याण कॉलेज भिलाई से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म करने के बाद रायपुर कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में M.sc Electronic Media की पढ़ाई की. इस दौरान मैने 2021 से TCP News, फिर TV 24 MPCG में बतौर कंटेट राइटर और बुलेटिन प्रोड्यूसर का कार्य किया, वर्तमान में मैं NPG.NEWS में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं, कंटेंट राइटिंग के साथ मुझे रिपोर्टिंग करना पसंद है.

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