बिहार अमंगल दोष से ग्रसित... जानिए क्यों तेजस्वी यादव ने ऐसा कहा

Tejashwi Yadav On Bihar Government: बिहार के गयाजी जिला स्थित अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। इसमें बुजुर्ग महिला को परिजन स्कूटी से लेकर वार्ड में जा रहे थे। उनका कहना है कि अस्पताल से स्ट्रेचर नहीं मिला। इस वीडियो को देखने के बाद आज नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एनडीए सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा-अमंगल दोष से ग्रसित बिहार का स्वास्थ्य विभाग बना नरक!
तेजस्वी यादव ने आगे लिखा-बिहार के अस्पतालों में कहीं डॉक्टर नहीं, कहीं रूई नहीं-कहीं सुई नहीं। कहीं दवा नहीं, कहीं बेड नहीं। अब हालत यह है कि अस्पताल में मरीज के लिए व्हील चेयर तक नहीं है। मजबूरी में मरीज को साइकिल, चारपाई, स्कूटर पर बैठाकर ले जाना पड़ रहा है।
डॉक्टर नहीं, व्हील चेयर नहीं तो अस्पताल कहा ही क्यों जाए?
राजद नेता ने कहा कि अमंगल सरकार में समूचे बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था चौपट है। भाजपा और जदयू की सरकार बताए, जब अस्पताल में डॉक्टर नहीं, व्हील चेयर नहीं, दवा नहीं, इलाज की व्यवस्था नहीं, स्वास्थ्य कर्मी नहीं तो इसे अस्पताल कहा क्यों जाए?
‘अमंगल दोष’ से ग्रसित बिहार का स्वास्थ्य विभाग बना नरक!
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) April 8, 2026
बिहार के अस्पतालों में कहीं डॉक्टर नहीं, कहीं रूई नहीं-रूई है तो सुई नहीं, कहीं दवा नहीं, कहीं बेड नहीं… और अब हालत यह है कि अस्पताल में मरीज के लिए व्हील चेयर तक उपलब्ध नहीं है। मजबूरी में मरीज को कभी साईकिल, कभी चारपाई,… pic.twitter.com/aPHvWaQb3H
कमीशन के लिए बनवाते हैं बिल्डिंग
तेजस्वी ने पोस्ट में लिखा है, ईंट-गारे का ढांचा खड़ा कर उसे मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल कहने से स्वास्थ्य सेवा, सुविधा और व्यवस्था सुदृढ़ नहीं होती है? ये बिल्डिंग इसलिए बनाते और बनवाए हैं कि इसमें मोटा कमीशन खा सकें। अन्यथा बिना चिकित्सकों, नर्सों, ड्रेसर, लैब टेक्निशियन आदि की भर्ती के बिना अस्पतालों के इन भवनों में कबूतर ही रहेंगे।
एनडीए सरकार को भ्रष्टाचार से मतलब है, बिहार से नहीं
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सत्ता के अहंकार में डूबी इस सरकार को गरीबों का दर्द दिखाई नहीं देता, क्योंकि इन्हें कुर्सी से मतलब है। भ्रष्टाचार से मतलब है, बिहार से नहीं। बिहार के सरकारी अस्पताल मरीजों के लिए रेफरल पॉइंट बन गए हैं, जहां से मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर किया जाता है। हमने स्वास्थ्य मंत्री रहते 17 महीनों में स्वास्थ्य विभाग में जो सकारात्मक कार्य किए थे, उन सबको इन भ्रष्ट लोगों ने दरकिनार कर फिर से दलालों और मेडिकल माफिया को स्वास्थ्य व्यवस्था को सौंप दिया है।
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