बिहार में महिला सीएम? मुख्यमंत्री की रेस में महिला विधायक भी, दिल्ली फॉर्मूला लागू करेगी भाजपा!

बिहार की महिला सीएम के कयास। इमेज-एआई
Bihar New CM Live News: बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर एक महीने से सियासी हलचल तेज है। कई नए-पुराने नेता सीएम की रेस में हैं। इनमें प्रमुख रूप से सम्राट चौधरी, संजीव चौरसिया, रमा निषाद, प्रेम कुमार, विजय सिन्हा और जनक राम शामिल हैं। अब महिला सीएम के रूप में रमा निषाद का नाम सुर्खियों में आया है।
सूत्रों के अनुसार रमा निषाद के अलावा दो और महिला नेता सीएम फेस की रेस में हैं। मगर, रमा निषाद की दावेदारी मजबूत बताई जा रही। यह अति पिछड़ा जाति से हैं। यह मजबूत और समर्थवान नेता हैं। रमा निषाद की राजनीति में अच्छी पकड़ है।
पूर्व सांसद अजय निषाद की पत्नी हैं रमा निषाद
रमा निषाद के पति अजय निषाद हैं। वो संसद रह चुके हैं। ससुर जय नारायण निषाद हैं। इन्हें राजनीति विरासत में मिली है। भाजपा इनसे आधी आबादी को तो साधने के साथ-साथ 35 प्रतिशत अतिपिछड़ा की आबादी को भी साध सकती है।
दूसरी महिला दावेदार-राज्यसभा सांसद धर्मशीला गुप्ता
बिहार के सीएम पद के लिए दूसरी महिला दावेदार सांसद धर्मशीला गुप्ता हैं। इनके माध्यम से भी भाजपा अतिपिछड़ा और खासकर वैश्य जाति को साधकर बिहार की आधी आबादी को साधना चाह रही। 2022 में धर्मशीला गुप्ता ने दरभंगा नगर निगम के मेयर पद के लिए चुनाव लड़ा था। ये चुनाव हार गई थीं। अब राज्यसभा सांसद हैं। भाजपा दिल्ली की तर्ज पर महिला सीएम बना सकती है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद भाजपा ने वैश्य जाति की रेखा गुप्ता को मुख्यमंत्री बनाया है।
प्रेम कुमार भी मजबूत दावेदार
बिहार विधानसभा अध्यक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रेम कुमार भी सीएम पद के लिए बड़े दावेदार माने जा रहे हैं। यह लगातार गया क्षेत्र से विधायक का चुनाव जीतते रहे हैं। अनुशासित और मर्यादित रूप से अपनी बात रखने के लिए जाने जाते हैं। हाल में नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय में वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की है।
सम्राट चौधरी के नाम पर आपत्ति दिख रही
सीएम की रेस में सबसे आगे चल रहे उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लेकर अब आपत्ति दिख रही है। आज पटना स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग वाले पोस्टर को भाजपा कार्यकर्ताओं ने ही फाड़ दिया। ऐसे में पार्टी के अंदर का मतभेद गहरा दिख रहा है।
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