केंद्र की तर्ज पर बिहार-UP-उत्तराखंड ने लिया फैसला, कटेगी CM-मंत्री और विधायकों की सैलरी

बिहार 9 अप्रैल 2020 कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकारें भी आगे आ रही हैं। पहले केंद्र सरकार ने सांसदों की सैलरी में कटौती की और एमपी लैड को दो साल के लिए रोक दिया। अब राज्य सरकारें भी ऐसा ही कदम उठा रही हैं। एक ही दिन में तीन राज्यों ने ऐसे निर्णय लिए हैं। बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सरकारों ने भी केंद्र सरकार की तर्ज पर सैलरी में कटौती और विधायक फंड रोकने की घोषणा की है।

उत्तर प्रदेश की सरकार ने मंत्री और विधायकों की सैलरी में 30 प्रतिशत की कटौती की घोषणा की है। इसके साथ ही एक साल के लिए विधायक निधि को खत्म कर दिया गया है। वहीं बिहार में 15 प्रतिशत की कटौती की गई है। उत्तराखंड सरकार ने भी ऐसा ही निर्णय लेते हुए 30 प्रतिश की कटौती की घोषणा कर दी है।

 

बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में बुधवार को बड़ा फैसला लिया गया। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में सरकार ने मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायकों के वेतन में एक साल तक 15 फीसदी की कटौती के साथ कुल 29 एजेंडे पर मुहर लगे। मंत्री और विधायकों के वेतन कटौती से जमा हुई राशि को कोरोना संक्रमण उन्मूलन कोष में जमा किया जाएगा। सरकार ने इसे अगले एक साल के लिए तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।

केंद्र की मोदी सरकार की तर्ज पर यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मंत्री और सभी विधायकों की सैलरी में 30 प्रतिशत कटौती करने का फैसला लिया है। बुधवार देर शाम वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई कैबिनेट बैठक में योगी सरकार ने फैसला लिया है कि विधायकों को मिलने वाली विधायक निधि को एक साल के लिए सस्पेंड किया जाएगा । कटौती से मिले पैसे को कोविड फंड में डाला जाएगा।

कैबिनेट बैठक में 4 प्रस्तावों पर मुहर

– विधायक निधि को 1 साल के लिए ससपेंड किया गया। 2020
-21 की विधायक निधि का इस्तेमाल कोरोना से लड़ने में किया जाएगा।

– मंत्रियों के वेतन में 30 फीसदी की कटौती का प्रस्ताव पर मुहर।

– विधायकों के वेतन में भी 30 फीसदी की कटौती।

– आपदा निधि 1951 में बदलाव किया गया। अब तक आपदा निधि में 600 करोड़ की राशि थी जिसे अब बढ़ा कर 1200 करोड़ किया गया है।

कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए राज्य सरकार ने मंत्रियों व विधायकों के वेतन में 30 फीसदी तक कटौती का फैसला किया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत की अध्यक्षता में बुधवार को बैठक में इस पर मुहर लगी। दून स्थित मुख्यमंत्री आवास में आयोजित बैठक में मंत्रियो ने कोरोना से प्रभावी ढंग से लड़ने के लिए कार्य योजना भी बनाई।

कोरोना से लड़ने के लिए विधायक निधि से एक -एक करोड़ कोविड 19 फंड में भी जमा किया जाएगा। कैबिनेट ने उत्तराखंड में कोरोना के बढ़ते मामले से निपटने के लिए लॉकडाउन को बढ़ाने के लिए भारत सरकार को सुझाव भेजा है। भारत सरकार द्वारा अगर सुझाव पर मुहर लगा देती है तो उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में लॉक डाउन की अवधि को बढ़ा दिया जाएगा।

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