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बिहार में एड्स का अलर्ट : मरीजों की संख्या 1 लाख पार, 13 जिले बने ‘हाई रिस्क’ ज़ोन

Bihar HIV Cases 2026 : बिहार में स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर एक हैरान करने वाली रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें राज्य के भीतर एचआईवी संक्रमितों का आंकड़ा एक लाख पार कर गया है. बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने विधान परिषद में आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि प्रदेश में अब तक 1,00,044 लोग इस गंभीर बीमारी की चपेट में आ चुके हैं. संक्रमण की इस तेज रफ्तार ने राजधानी पटना और गया सहित 13 जिलों को हाई रिस्क जोन में डाल दिया है, जिससे पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है.

बिहार में एड्स का बढ़ता ग्राफ : 1 लाख के पार हुई मरीजों की संख्या, पटना और गया समेत 13 जिले हाई रिस्क जोन में
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बिहार में एड्स का बढ़ता ग्राफ : 1 लाख के पार हुई मरीजों की संख्या, पटना और गया समेत 13 जिले हाई रिस्क जोन में

By Uma Verma

Bihar HIV Cases 2026 : पटना : बिहार में स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर एक बेहद चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है. राज्य में एचआईवी संक्रमितों का आंकड़ा एक लाख पार कर गया है. बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने खुद विधान परिषद में इस बात की पुष्टि की है, जिसके बाद से पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है.

मंगलवार को बिहार विधान परिषद में एड्स का मुद्दा जोर-शोर से गूंजा. डॉक्टर राजवर्धन आजाद समेत नौ पार्षदों ने ध्यानाकर्षण सूचना के जरिए सरकार से इस गंभीर बीमारी पर जवाब मांगा. जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बताया कि बिहार में वर्तमान में कुल 1,00,044 लोग एचआईवी पॉजिटिव हैं.

पटना में सबसे ज्यादा मरीज, 13 जिलों में खतरा

सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, राजधानी पटना संक्रमण के मामले में शीर्ष पर है. अकेले पटना में ही अब तक 8,270 एड्स मरीजों की पुष्टि हो चुकी है. पटना के बाद गया जिला दूसरे नंबर पर है, जहां 5,760 मरीज मिले हैं.

इसके अलावा मुजफ्फरपुर में 5,520, सीतामढ़ी में 5,026, बेगूसराय में 4,716 और भागलपुर में 3,078 मरीज पाए गए हैं. स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के 13 जिलों को हाई रिस्क वाली श्रेणी में रखा है, क्योंकि यहां संक्रमण फैलने की रफ्तार बहुत तेज है.

मरीजों के लिए सरकारी मदद और योजनाएं

मंत्री मंगल पांडेय ने सदन को बताया कि एड्स मरीजों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें सहारा देने के लिए सरकार बिहार शताब्दी एड्स पीड़ित कल्याण योजना चला रही है. इस योजना के तहत कुछ महत्वपूर्ण लाभ दिए जा रहे हैं.

प्रत्येक संक्रमित व्यक्ति को 1,500 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाती है.

संक्रमित व्यक्ति के 18 वर्ष से कम उम्र के दो बच्चों को 1,000 रुपये प्रतिमाह पारिवारिक सहायता के रूप में दिए जाते हैं.

वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक सरकार 63.81 करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेज चुकी है.

जांच और बचाव की सुविधाएं

सरकार ने सदन को आश्वस्त किया कि बीमारी के उन्मूलन के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं. राज्य के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में 196 समेकित परामर्श एवं जांच केंद्र बनाए गए हैं, जहां एड्स की मुफ्त जांच और डॉक्टरी सलाह दी जा रही है. मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य इस बीमारी को जड़ से खत्म करना और लोगों में सामाजिक जागरूकता फैलाना है.

एड्स क्या है

एड्स एक गंभीर बीमारी है, जो HIV नाम के वायरस से फैलती है. यह वायरस सीधे इंसान के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी सिस्टम पर हमला करता है. जब किसी व्यक्ति को एड्स होता है, तो उसके शरीर की बीमारियों से लड़ने की ताकत धीरे-धीरे खत्म हो जाती है. इसकी वजह से शरीर छोटी-छोटी बीमारियों जैसे सर्दी-खांसी या बुखार का मुकाबला भी नहीं कर पाता और व्यक्ति बार-बार बीमार पड़ने लगता है.

एड्स मुख्य रूप से असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित खून चढ़ाने, एक ही सुई का बार-बार इस्तेमाल करने या संक्रमित मां से उसके बच्चे को फैल सकता है. यह छूने, साथ खाने या हाथ मिलाने से नहीं फैलता. हालांकि, आज के समय में सही समय पर इलाज और एआरटी दवाओं के जरिए संक्रमित व्यक्ति एक लंबा और सामान्य जीवन जी सकता है. एड्स से बचने का सबसे बड़ा और प्रभावी तरीका जागरूकता और सावधानी ही है.

Uma Verma

Uma Verma is a postgraduate media professional holding MA, PGDCA, and MSc IT degrees from PTRSU. She has gained newsroom experience with prominent media organizations including Dabang Duniya Press, Channel India, Jandhara, and Asian News. Currently she is working with NPG News as acontent writer.

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