शिक्षकों को बड़ा झटका : स्वयं के व्यय पर डीएड/बीएड करने वाले शिक्षकों को अब अग्रिम वेतन वृद्धि नहीं….. न्यायालय में मांग को लेकर बार-बार दायर हो रही थी याचिका…..विभाग की तरफ से जारी हुआ स्पष्ट आदेश ……पढ़िए क्यों नहीं मिलेगा लाभ

रायपुर 7 मार्च 2020। प्रदेश के वे शिक्षाकर्मी जो अब शिक्षक बन कर स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन का लाभ पा चुके है वह शासन के पूर्व नियम स्वयं के व्यय पर डीएड बीएड के आधार पर वेतन वृद्धि की मांग को लेकर लगातार प्रयासरत थे यही नहीं उनके द्वारा न्यायालय में याचिका भी लगातार दायर हो रही थी जिसे लेकर न्यायालय ने विभाग के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत करने का निर्णय लिया था अब ऐसे मामले में विभाग ने स्पष्ट आदेश जारी करते हुए यह बता दिया है कि ऐसे कर्मचारियों को किसी प्रकार का कोई वेतन वृद्धि का लाभ नहीं मिलेगा और इसके पीछे का कारण भी विस्तार से आदेश में बता दिया गया है ।

आखिर क्यों नहीं मिलेगा लाभ , क्या कहता है आदेश

दरअसल स्कूल शिक्षा विभाग में 1993 से पूर्व जो नियुक्तियां होती थी उनमें डीएड/बीएड अनिवार्य नहीं होता था बाद में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए B.Ed/ D.Ed जैसे कोर्स लागू किए गए और अधिक से अधिक शिक्षक इन कोर्स को करें इस को प्रोत्साहन देने के लिए विभाग ने यह नियम बनाया था कि जो शिक्षक खुद के खर्च से B.Ed /D.Ed करेंगे उन्हें अग्रिम वेतन वृद्धि की पात्रता रहेगी । 1993 में शासन ने शिक्षक पद पर भर्ती के लिए अहर्ता में ही डीएड बीएड को शामिल कर लिया और उन्हें नौकरी में प्राथमिकता दी गई जिनके पास डीएड/बीएड था और वैसे अभ्यर्थी न मिलने की स्थिति में नॉन डीएड बीएड को लिया गया जिन्हें यह करना ही था, ऐसी स्थिति में 1993 के बाद स्वयं के व्यय से डीएड बीएड करने वाले कैंडिडेट को इसकी पात्रता नहीं होगी क्योंकि यह उनकी उच्च आहर्ता नहीं बल्कि अनिवार्यता है 1998 के बाद शिक्षक पद पर भर्ती बंद हो गई और शिक्षाकर्मी पद पर भर्ती शुरू हो गई जिनका अब स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन हो चुका है और उनके लिए भी B.Ed b.ed को अनिवार्य माना गया है ऐसे में शासन ने स्पष्ट आदेश जारी कर दिया है की 1993 के बाद नियुक्त नियमित शिक्षक या शिक्षाकर्मी को स्वयं के व्यय पर D.Ed/ B.Ed करने की स्थिति में अग्रिम वेतन विधि की पात्रता नहीं होगी ।

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