Begin typing your search above and press return to search.

मदर ऑफ ऑल डील्स : भारत और यूरोप के बीच होने जा रहा है दुनिया का सबसे बड़ा व्यापारिक समझौता, जानें आपको मिलेगा फायदा

मदर ऑफ ऑल डील्स : दुनिया भर में चल रही आर्थिक उथल पुथल के बीच भारत एक ऐसी डील करने जा रहा है, जिसे मदर ऑफ ऑल डील्स कहा जा रहा है, भारत और यूरोपीय संघ के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी मुक्त व्यापार समझौते पर बात बन गई है

मदर ऑफ ऑल डील्स : भारत और यूरोप के बीच होने जा रहा है दुनिया का सबसे बड़ा व्यापारिक समझौता, जानें आपको मिलेगा फायदा
X

मदर ऑफ ऑल डील्स : भारत और यूरोप के बीच होने जा रहा है दुनिया का सबसे बड़ा व्यापारिक समझौता, जानें आपको मिलेगा फायदा

By UMA

India-EU Trade Deal 2026 : नई दिल्ली : दुनिया भर में चल रही आर्थिक उथल पुथल के बीच भारत एक ऐसी डील करने जा रहा है, जिसे मदर ऑफ ऑल डील्स कहा जा रहा है, भारत और यूरोपीय संघ के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी मुक्त व्यापार समझौते पर बात बन गई है, खबर मिली है की गणतंत्र दिवस के ठीक अगले दिन, यानी 27 जनवरी को इस पर आखिरी शाईन हो जाएंगे, यह समझौता ऐसे समय पर हो रहा है जब अमेरिका और यूरोप के बाजारो में मंदी का डर है, और भारत को अपने निर्यात के लिए एक पक्के और बड़े साथी की जरूरत है

India-EU Trade Deal 2026 : आखिर क्या है यह मदर ऑफ ऑल डील्स

इस डील का सीधा मतलब है की भारत और यूरोप के 27 देशो के बीच व्यापार करने के नियम बहुत आसान हो जाएंगे साल 2007 से ही इस पर चर्चा चल रही थी, लेकिन टैक्स और नियमो के फेर मे बात अटकी हुई थी, अब जाकर 2026 मे दोनो पक्ष राजी हुए है भारत के लिए यह इसलिए भी जरूरी है क्योंकि पिछले कुछ समय से अमेरिकी बाजार में काफी उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है, ऐसे में यूरोप के देशो के साथ हाथ मिलाना भारत के व्यापार के लिए अच्छा साबित होगा

कामगारो और व्यापारियो की होगी चांदी

इस समझौते से भारत के उन उद्योगो को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जहा लाखो लोग काम करते है जैसे कपड़ा उद्योग, रेडीमेड गारमेंट, और चमड़े का काम, अभी जब भारत के व्यापारी यूरोप में अपना सामान भेजते है, तो उन्हें वहा 2 से 12 परसेंट तक का जादा टैक्स देना पड़ता है, इस डील के बाद यह टैक्स बहुत कम हो जाएगा या पूरी तरह खत्म ही हो जाएगा, इसका मतलब है की भारत मे बनी शर्ट, जूते और समुद्री उत्पाद यूरोप के बाजारों मे सस्ते बिकेंगे, जिससे उसकी डिमांड बढ़ेगी और भारत मे फैक्ट्रियो को और ज्यादा काम मिलेगा

दवाइयो और केमिकल सेक्टर को भी फायदा

भारत को दुनिया की दवाइयो की दुकान कहा जाता है, इस समझौते के बाद भारतीय जेनेरिक दवाओ को यूरोप के बाजारों में बेचना और भी आसान हो जाएगा, अभी तक वहां के कड़े नियमो की वजह से कई बार दिक्कते आती रहती थी, लेकिन अब मंजूरी की प्रक्रिया सरल हो जाएगी, इसके अलावा भारत की केमिकल कंपनियो को भी वहां बड़ा बाजार मिलेगा, जिससे देश का मुनाफा बढ़ेगा

भारत के मध्यम वर्ग के लिए क्या है खास

अगर आप लग्जरी कारो या अच्छी वाइन के शौकीन है, तो यह डील आपके लिए खुश खबरी लेकर आया है, अभी भारत मे विदेशी लग्जरी कारो पर 100 परसेंट से भी ज्यादा टैक्स लगता है, जिससे कार की कीमत दोगुनी हो जाती है, इस समझौते के बाद यूरोप की बड़ी कार कंपनिया जैसे मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू और ऑडी की गाड़िया भारत में सस्ती हो सकती है, साथ ही, यूरोप से आने वाली शराब और वाइन पर भी टैक्स कम होगा, सिर्फ सामान ही नही, यूरोप की बड़ी कंपनी अब भारत के डिजिटल सेक्टर में भी पैसा लगाएंगी, जिससे देश में आधुनिक तकनीक और पैसा दोनों आएगा

Next Story