Begin typing your search above and press return to search.

दुष्कर्म पीड़िता पर दबाव बनाने ऐसा खेल, पहले लिया शपथ पत्र, लिखवाया आरोपी मेरा भाई, पार्षदों से बनवाया चरित्र प्रमाण पत्र, फिर मां को भेजा जेल

दुष्कर्म पीड़िता पर दबाव बनाने ऐसा खेल, पहले लिया शपथ पत्र, लिखवाया आरोपी मेरा भाई, पार्षदों से बनवाया चरित्र प्रमाण पत्र, फिर मां को भेजा जेल
X

Crime News

By yogeshwari varma

बिलासपुर। रतनपुर में हुए दुष्कर्म पीड़िता को जेल भेजने के मामले में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। दुष्कर्म के आरोपी आफताब मोहम्मद के परिजनों ने पहले पीड़िता पर समझौते के लिए दबाव बनाया यहां तक कि उससे समझौते हेतु शपथ पत्र ले लिया पर पीड़िता के द्वारा अदालत में आरोपी के जमानत पर आपत्ति लगाने के बाद परिजनों ने पीड़िता की मां के खिलाफ अपराध दर्ज करवा जेल भिजवा दिया। मामले में आरोपी को जमानत दिलवाने नगर पालिका के दस पार्षदों से आरोपी के चरित्र को लेकर एक पत्र में चरित्र प्रमाण पत्र बनवा कर दस्तखत भी करवाया गया।

शुक्रवार को रतनपुर थाना क्षेत्र में रहने वाली 37 वर्षीय महिला को रतनपुर पुलिस ने दस वर्षीय बालक से अप्राकृतिक कृत्य के मामले मे जेल भेज दिया था। पीड़िता की बेटी ने 2 मार्च को आफताब मोहम्मद के खिलाफ दुष्कर्म पॉक्सो एक्ट का अपराध दर्ज करवाया था। जिसके बाद आरोपी के बुआ के दस वर्षीय बेटे को सामने रखकर पीड़िता की मां के खिलाफ अपराध दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया पीड़िता का कहना है कि उसके पिता नहीं है और ना ही कोई है घर में कोई पुरुष सदस्य नहीं होने के चलते दबाव बनाने हेतु उसकी मां के खिलाफ प्रकरण बनाकर जेल भेजा गया है। यदि उसके घर में कोई पुरूष सदस्य होता तो उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया जाता।

मामला सामने आने पर हिन्दू संगठनो ने शनिवार रात रतनपुर थाने का घेराव किया और थाने में चूड़ियां भी फेंकी। फिर रविवार को रतनपुर बंद का आयोजन किया गया। इस दौरान चक्काजाम भी कर दिया गया। एसपी ने माहौल को शांत करने टीआई को लाइन अटैच कर दिया और एक जांच कमेटी बना दी। जिसके बाद चक्काजाम तो समाप्त हो गया पर लोगो ने आंदोलन जारी रखा। आज इसी क्रम में आईजी व कलेक्टर को हिन्दू संगठन प्रदर्शन कर ज्ञापन सौपने बड़ी संख्या में जमा हुए हैं।

मामले में पता चला कि दबाव बना कर समझौता करवाने हेतु पीड़िता से आरोपी के घर वालो ने दबाव बना कर शपथ पत्र ले लिया है। उसमें लिखवाया गया है कि आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म नही किया है वह आरोपी को भाई मानती है। उसने घर वालो के दबाव में एफआईआर दर्ज करवाई है। आरोपी ने उसके साथ कोई शारीरिक संबंध नही बनाया है और उसका जमानत लगता है तो वह विरोध नही करेगी। पर पीड़िता ने आरोपी की जमानत याचिका लगने पर आपत्ति लगा दी थी, और आरोपी की जमानत खारिज हो गई। जिसके बाद एफआईआर की साजिश रची गई। पीड़िता का कहना है कि उससे दबाव पूर्वक शपथ पत्र लिया गया था,जिसमे दस्तखत तो उसके करवाये गए पर तारीख नही डाली गई थी।

नगर में चल रही चर्चाओं के अनुसार इस पूरे खेल में कांग्रेस का भी एक पार्षद शामिल है । जिसने एफआईआर करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस मामले में आरोपी को जमानत दिलवाने के लिए नगर पालिका रतनपुर के 10 पार्षदों ने आरोपी का चरित्र प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया था। उस पत्र में आरोपी को शरीफ बताया गया था। मामले में सबको पता है कि युवती घायल अवस्था में आधी रात को रतनपुर पुलिस की पेट्रोलिंग को मिली थी, जिसके बाद यह पूरा मामला सामने आया था। जानकारी होने के बावजूद पक्ष-विपक्ष के 10 पार्षदों ने आरोपी को जमानत दिलवाने के लिए उसका चरित्र प्रमाण पत्र बना साइन कर दिया था। एफआईआर मे दिलचस्प पहलू यह भी है कि एफआईआर के अनुसार बच्चे ने कहा था कि आरोपी उसे किराना दुकान से चॉकलेट दिलाने के बहाने अपने घर लेकर गई है और उसके साथ अप्राकृतिक कृत्य किया गया है। पुलिस यदि दुकान से लेकर मामले में आरोपिया बनी पीड़िता की मां के घर तक का सीसीटीवी फुटेज खंगालती तो घटना की वास्तविकता का पता चल सकता था। पर चर्चाओं में कहा जा रहा है कि एफआईआर में इसलिए ही घटना का दिनांक पुराना बताया जा रहा है ताकि सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने का प्रश्न ही उत्पन्न ना हो और न ही सीसीटीवी की जांच में यह बात सामने आ सके कि यह घटना हुई भी थी या नहीं।

Next Story