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CG में डॉक्टर बंधुआ मजदूर: अब फेडरेशन ऑफ रेसीडेंट डॉक्टर्स ने उठाई छत्तीसगढ़ में जूनियर डॉक्टर का मानदेय बढ़ाने की मांग

हाल ही में जूनियर डॉक्टर्स ने स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव से मिलकर मानदेय का मुद्दा उठाया था। साथ ही, जल्दी निर्णय नहीं लेने पर हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी थी।

CG में डॉक्टर बंधुआ मजदूर: अब फेडरेशन ऑफ रेसीडेंट डॉक्टर्स ने उठाई छत्तीसगढ़ में जूनियर डॉक्टर का मानदेय बढ़ाने की मांग
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रायपुर। छत्तीसगढ़ में मेडिकल की पढ़ाई करने के बाद बॉन्ड के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देने वाले डॉक्टरों का मानदेय अन्य राज्यों से कम है। यहां तक कि जूनियर रेसीडेंट डॉक्टर से भी कम पैसे पढ़ाई पूरी करने के बाद बॉन्ड के तहत सेवा देने वाले डॉक्टरों की है। इस मुद्दे पर अब फेडरेशन ऑफ रेसीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (FORDA) ने छत्तीसगढ़ सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। एसोसिएशन ने इसे सेवा बॉन्ड के नाम पर बंधुआ मजदूरी करार दिया है।


बता दें कि पिछले दिनों जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव से मुलाकात की थी और दूसरे राज्यों के मुकाबले यहां बेहद कम मानदेय का हवाला देकर इसमें वृद्धि की मांग की थी। आईएमए के पूर्व प्रेसीडेंट और हॉस्पिटल बोर्ड के प्रेसीडेंट डॉ. राकेश गुप्ता के नेतृत्व में स्वास्थ्य मंत्री से मिलने गए डॉक्टरों का कहना था कि इंटर्न डॉक्टर को मात्र 12500 रुपए मानदेय मिलता है। यह भारत के किसी भी राज्य से कम है। 2014 के बाद से इसमें वृद्धि नहीं हुई है।

जूडॉ के प्रेसीडेंट डॉ. प्रेम चौधरी ने बॉन्ड के तहत दो साल की सेवा देने वाले सीनियर डॉक्टरों को कम मानदेय का मुद्दा उठाया था। डॉ. चौधरी के मुताबिक जूनियर रेसीडेंट डॉक्टर को जो मानदेय मिलता है, उससे भी कम एमडी/एमएस कर चुके डॉक्टर को दिया जा रहा है। पोस्ट ग्रेजुएट के बाद छत्तीसगढ़ में 2 साल का बॉन्ड भरवाया जाता है, जबकि दूसरे राज्यों में इसकी अवधि भी कम है।


इन मुद्दों के साथ जूनियर डॉक्टर्स ने सरकार के सामने यह शर्त रखी थी कि यदि उनकी ओर से ध्यान नहीं दिया जाएगा तो वे हड़ताल पर चले जाएंगे। ऐसी स्थिति में मरीजों के इलाज पर जो असर पड़ेगा, उसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। अब फेडरेशन ऑफ रेसीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन की ओर से यह मांग उठाने के बाद यह चर्चा शुरू हो गई है कि सरकार की ओर से पहल नहीं की जाएगी तो वे हड़ताल पर जा सकते हैं।

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