खुद को पुलिस अधिकारी बताकर लगाया 15 लाख का चूना....कांस्टेबल बनाने का झांसा देकर युवकों से ऐसे की ठगी

दुर्ग 31 जनवरी 2022। खुद को एसआईबी का अफसर बता पुलिस विभाग में आरक्षक की नौकरी लगाने के नाम पर तीन युवकों से 15 लाख की ठगी कर ली गयी। पुलिस एफआईआर दर्ज कर फर्जी एसआईबी अफसर की तलाश में जुटी है। मामले में मिली जानकारी के अनुसार रानितराई थाना क्षेत्र के ग्राम रेंगाकठेरा निवासी 24 वर्षीय मिलेश चतुर्वेदी पिता दीनदयाल चतुर्वेदी ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाते हुए बताया कि फरस गांव जिला कोंडागांव निवासी दीपेंद्र कुमार नाग 27 दिसम्बर 2020 को उनके गांव आया था। इस दौरान आरोपी ने अपने आपको पुलिस के एसआईबी विंग का अफसर बताया।
दीपेंद्र कुमार नाग ने उस वक्त अपनी पोस्टिंग कांकेर जिले में होना बताया। साथ ही उसने दीपेंद्र व उसके साथियों को झांसे में लिया कि 2012 में पुलिस विभाग में भर्ती निकलने पर उसने कई लोगो को नौकरी दिलवाई है। उसने अपनी पकड़ बताते हुए कहा कि विभाग में एसपी,डीएसपी,व भर्ती सेल के अधिकारी उसके अच्छी पहचान के है और उन्हे भी यदि विभाग में नौकरी करनी है तो वह लगवा सकता है। मिलेश चतुर्वेदी व उसके मित्र केवल कुमार बांधे पिता दयालु राम उम्र 24 वर्ष व कुंदन कुमार पिता सालिक राम कुम्हार उम्र 24 वर्ष ने 2017 में निकली आरक्षक भर्ती में फार्म भरे हुए थे। जिसकी प्रक्रिया अटकी हुई थी।
तीनों दीपेंद्र नाग के झांसे में आ गए। दीपेंद्र ने उन्हें एडवांस बुकिंग की बात कही और मिलेश चतुर्वेदी से 8 लाख केवल बांधे से 5 लाख व कुंदन लाल से दो लाख (कुल 15 लाख) ले लिए। बाद में पुलिस भर्ती का रिजल्ट आया तो तीनों का नाम नही था। तीनो ने इसके लिये दीपेंद्र नाग से सम्पर्क किया तो मोबाईल बंद मिला। उसके गांव फरसगांव जा कर मिलने पर उसने जल्द ही रकम वापसी की बात कही। और अपने बैंक खाते का चेक थमा दिया। चेक को लगाने पर चेक बाउंस हो गया। उसके बाद दीपेंद्र अपने घर से भी फरार हो गया। परेशान हो कर मिलेश व उसके दोस्तों ने थाना रानीतराई में शिकायत की। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी दीपेंद्र कुमार नाग पिता शिवलाल नाग उम्र 35 वर्ष निवासी फरसगांव वार्ड क्रमांक दो जिला कोंडागांव के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी की तलाश में पुलिस जुटी हुई हैं।
