Bilaspur News फोन पे पर रिश्वत: प्रधान आरक्षक व आरक्षक सस्पेंड, एक्सीडेंट में घायल युवक से पुलिसकर्मियों ने मांगी थी 50 हजार की रिश्वत

बिलासपुर। एक्सीडेंट में घायल युवक से फोन पे पर रिश्वत लेने के मामलें में एसएसपी ने जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रधान आरक्षक व आरक्षक को निलंबित कर दिया गया है। घटना 31 दिसंबर की रात चकरभाठा थाना क्षेत्र में घटित हुई थी। जिसमे पूर्व में ही आरक्षक को लाइन अटैच कर दिया गया था।
31 दिसंबर को कोरबा जिले के पाली निवासी व्यापारी राजेश देवनाथ थर्टी फर्स्ट को पार्टी मनाने बिलासपुर आये थे। तंत्रा बार से पार्टी कर वह खाना खाने के लिए देर रात काली ढाबा गए थे। इसी दौरान चकरभाठा थाना क्षेत्र में उनकी कार क्रमांक cg 10 bd 8055 को रांग साइड से आकर इको स्टार कार क्रमांक cg 14 mm 1466 ने ठोकर मार दी। एक्सीडेंट में राजेश देबनाथ बुरी तरह घायल हो गए और उनके दोनो पैर टूट गए। दुर्घटना के बाद घटना स्थल पहुँचे चकरभाठा थाना के पेट्रोलिंग स्टाफ में चलने वाले आरक्षक चंद्रकांत निर्मलकर ने घायल को अस्पताल पहुँचाने के बजाए शराब पीकर गाड़ी चलाने व एक्सीडेंट करने का मामला बनाने की धमकी देकर घायल से 50 हजार रुपये वसूल लिए। पेट्रोलिंग में चलने वाले प्राइवेट वाहन चालक के खाते में फोन पे से 50 हजार रुपये मंगवा लिए। फिर पीड़ित जब दूसरे दिन अस्पताल में भर्ती था तब आरक्षक चन्द्रकांत निर्मलकर ने फोन कर फिर से राजेश देबनाथ ने तीस हजार रुपये मांगे। उस दौरान अस्पताल में मौजूद घायल के परिजन ने एसएसपी को इसकी जानकारी दी। जिस पर एसएसपी पारुल माथुर ने आरक्षक चन्द्रकांत निर्मलकर को लाइन अटैच कर दिया
साथ ही एडिशनल एसपी गरिमा द्विवेदी को जांच कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। मामला सामने आने व अधिकारियों की फटकार पड़ने के बाद पीड़ित को उसके रुपये भी वापस कर दिए गए, साथ ही प्राइवेट वाहन चालक को हटा दिया गया। एडिशनल एसपी गरिमा द्विवेदी ने जब जांच की तब उन्हें पता चला कि चकरभाठा थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक प्रवीण पांडेय को इसकी जानकारी थी। और पूरे वसूली के खेल का वही मास्टरमाइंड था। साथ ही वसूली में उसे भी हिस्सा मिलने वाला था। जांच रिपोर्ट मिलने पर एसएसपी पारुल माथुर ने प्रधान आरक्षक प्रवीण पांडेय व चन्द्रकांत निर्मलकर को निलंबित कर दिया है।
