Bilaspur news: चार हत्या का कुख्यात आरोपी चलती ट्रेन से कूदकर हथकड़ी समेत फरार, पुलिस तलाश में जुटी...

बिलासपुर-रायपुर। चार हत्याकांड को अंजाम देने वाला कुख्यात कैदी चलती ट्रेन से चल कर फरार हो गया। आरोपी को हत्या के मामलें में आजीवन कारावास की सजा हुई थी। एक अन्य मामले में उसे पेशी के लिए बिलासपुर से दुर्ग ले जाया गया था। जहां से वापसी के दौरान पुलिसकर्मियों को चकमा देकर वह हथकड़ी समेत चलती ट्रेन से कूद पड़ा और फरार हो गया। जीआरपी मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश कर रही है।
उत्तरप्रदेश के फतेहपुर जिले के थाना चांदपुर क्षेत्र के गोपालपुर दाघोरा में रहने वाला सुनील कुमार उर्फ बलिकरण पिता कंचन साहू हत्या के अपराध में सेंट्रल जेल बिलासपुर में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। वह उत्तरप्रदेश का कुख्यात आरोपी रहा था और चार हत्याकांड को अंजाम दिया था। उसने दुर्ग जिले में भी हत्याकांड को अंजाम दिया था। वह दुर्ग जेल में सजा काट रहा था। 2021 में उसे बिलासपुर सेंट्रल जेल ट्रांसफर किया गया। यहां से कल बुधवार को उसे दुर्ग की एक अदालत में मारपीट के मामलें में पेशी में ले जाया गया था। पुलिस लाइन के प्रधान आरक्षक देवचरण मरावी और आरक्षक विकास कुर्रे उसे ट्रेन में लेकर गए हुए थे। पेशी खत्म होने के बाद उसे शिवनाथ एक्सप्रेस ट्रेन में लेकर पुलिसकर्मी वापस बिलासपुर लौट रहे थे। तभी उसने रायपुर के पास बाथरूम जाने की बात कही। इस पर हाथ में हथकड़ी लगे कैदी को लेकर पुलिस कर्मी ट्रेन के बाथरूम में पहुँचे। बाथरूम से बाहर निकल कर वह ट्रेन की बेसिन में हाथ मुँह धोने लगा। ट्रेन उस समय सिलयारी स्टेशन पहुँची थी। ट्रेन की रफ्तार धीमी होने पर वह हथकड़ी समेत कूद पड़ा। इस समय रात का अंधेरा हो चुका था। इसका फायदा उठा कर वह अंधेरे में ओझल हो गया और पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार होने में सफल रहा। पुलिसकर्मियों ने इसकी शिकायत जीआरपी में दर्ज करवाई है। जिस पर केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
चार हत्याओं का आरोपी है फरार कैदी:-
कैदी सुनील कुमार उर्फ बलिकरण ने चार हत्याओं को अंजाम दिया था। उसके गृहराज्य उत्तरप्रदेश के फतेहपुर जिले में ही उस पर हत्या के दो मामलें दर्ज है। दुर्ग जिले में भी उस पर हत्या के दो अपराध दर्ज है। पूर्व में वह रायपुर सेंट्रल जेल में बंद था। हत्या के मामले में उसे फांसी ( मृत्युदंड) की सजा सुनाई गई थी। बाद में अपील करने पर उसकी सजा को मृत्युदंड से बदल कर आजीवन कारावास में तब्दील कर दी गई। चार मर्डर के अलावा उस पर रायपुर व दुर्ग में भी आपराधिक प्रकरण दर्ज था। दुर्ग में एक मारपीट के मामले में उस पर 323,294,506 व स्थायी अंग भंग की धारा 326 के तहत प्रकरण दर्ज था। जिसकी पेशी में सब दुर्ग ले जाया गया था,जहां से वापसी में वह ट्रेन से हथकड़ी समेत कूद कर फरार हो गया। वह साल 2016 से रायपुर जेल में बंद था। 2018 में उसे दुर्ग जेल स्थानंतरित कर दिया गया। फिर 2021 में उसे बिलासपुर जेल ट्रांसफर कर दिया गया था। तब से वह यही सजा काट रहा था।
