Begin typing your search above and press return to search.

Bangladesh Politics : खालिदा जिया के निधन के बाद BNP में बड़ा एक्शन: रुमीन फरहाना समेत 9 दिग्गज नेता पार्टी से बाहर, जानें क्या है असली वजह?

Bangladesh Politics : पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनिस्ट पार्टी (BNP) की सर्वेसर्वा खालिदा जिया के निधन के बाद जहां पूरा देश शोक में है, वहीं उनकी पार्टी ने एक बेहद चौंकाने वाला और सख्त कदम उठाया है।

Bangladesh Politics : खालिदा जिया के निधन के बाद BNP में बड़ा एक्शन: रुमीन फरहाना समेत 9 दिग्गज नेता पार्टी से बाहर, जानें क्या है असली वजह?
X

Bangladesh Politics : खालिदा जिया के निधन के बाद BNP में बड़ा एक्शन: रुमीन फरहाना समेत 9 दिग्गज नेता पार्टी से बाहर, जानें क्या है असली वजह?

By Uma Verma

Khaleda Zia Death Update : ढाका। बांग्लादेश की राजनीति में एक युग का अंत हो गया है। पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनिस्ट पार्टी (BNP) की सर्वेसर्वा खालिदा जिया के निधन के बाद जहां पूरा देश शोक में है, वहीं उनकी पार्टी ने एक बेहद चौंकाने वाला और सख्त कदम उठाया है। BNP ने अपनी राष्ट्रीय कार्यकारी समिति की अंतरराष्ट्रीय मामलों की सह-सचिव रुमीन फरहाना समेत 9 वरिष्ठ नेताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया है।

Khaleda Zia Death Update : क्यों लिया गया इतना बड़ा फैसला?

पार्टी के वरिष्ठ संयुक्त महासचिव रुहुल कबीर रिजवी द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, इन नेताओं पर पार्टी के अनुशासन को भंग करने का गंभीर आरोप है। निष्कासन की मुख्य वजह कुछ इस प्रकार हैं, पार्टी के फैसलों का उल्लंघन, आरोप है कि ये नेता पार्टी लाइन से हटकर स्वतंत्र रूप से संगठनात्मक गतिविधियां चला रहे थे। बागी तेवर, कई निष्कासित नेता पार्टी का आधिकारिक नामांकन न मिलने के बावजूद स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ रहे हैं। अनुशासनहीनता, पार्टी ने स्पष्ट किया है कि संगठन के निर्णयों के खिलाफ जाकर चुनाव में भाग लेना अक्षम्य है।

इन बड़े नामों पर गिरी गाज

पार्टी से निकाले गए नेताओं में सबसे चर्चित नाम रुमीन फरहाना का है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पार्टी का पक्ष रखती रही हैं। उनके अलावा सूची में ये नाम शामिल हैं, मोहम्मद गियास उद्दीन अउ मोहम्मद शाह आलम, तरुण डे, सैफुल आलम, हसन मामून, अब्दुल खालिक, मामुनुर राशिद और मेहदी हसन। इन सभी को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता सहित सभी पदों से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया गया है।

खालिदा जिया का सफर और संघर्ष

80 वर्ष की आयु में दुनिया को अलविदा कहने वाली खालिदा जिया लंबे समय से लिवर, किडनी और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं। वे 1991 से 1996 और फिर 2001 से 2006 तक दो बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रहीं। पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की पत्नी खालिदा जिया का अंतिम संस्कार आज ढाका में किया जाएगा। जानकारों का मानना है कि उनके निधन के ठीक बाद हुई इस कार्रवाई से BNP यह संदेश देना चाहती है कि नेतृत्व परिवर्तन के इस दौर में पार्टी अनुशासन से कोई समझौता नहीं करेगी।

Uma Verma

Uma Verma is a postgraduate media professional holding MA, PGDCA, and MSc IT degrees from PTRSU. She has gained newsroom experience with prominent media organizations including Dabang Duniya Press, Channel India, Jandhara, and Asian News. Currently she is working with NPG News as acontent writer.

Read MoreRead Less

Next Story