बड़ी खबरः कोरबा, कांकेर और महासमुंद में जल्द खुलेगा मेडिकल काॅलेज, केंद्र ने दी तीनों काॅलेजों के लिए 150 करोड़ की स्वीकृति, अंबिकापुर मेडिकल काॅलेज में कोरोना की RTPCR टेस्ट शुरू

रायपुर. 4 अगस्त 2020। स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस से अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में वायरोलॉजी लैब का शुभारंभ किया। उन्होंने संस्थान के सभी स्टॉफ और क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि इस उच्च स्तरीय लैब की स्थापना से कोरोना वायरस के साथ ही अन्य बीमारियों की जांच की जा सकेगी। कोरोना संकट के बाद भी अनेक रोगों की पहचान में यह लैब उपयोगी होगा। उल्लेखनीय है कि अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में दो करोड़ रूपए की लागत से बीएसएल-2 लैब स्थापित किया गया है। इस लैब में कोरोना वायरस की पहचान के लिए आरटीपीसीआर जांच 3 अगस्त की शाम से शुरू की गई है।

स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने शुभारंभ कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंस से संबोधित करते हुए कहा कि अंबिकापुर में इस सुविधा से अब कोरोना संक्रमण की जल्द पहचान कर पीड़ितों का तत्काल इलाज शुरू किया जा सकेगा। कोविड-19 के संदिग्धों की जांच रिपोर्ट अब एक ही दिन में मिल जाएगी। कोविड-19 के नियंत्रण के लिए सरकार लगातार जांच की क्षमता बढ़ा रही है। प्रदेश में रोजाना दस हजार सैंपलों की जांच का लक्ष्य है। हाल ही में आईसीएमआर (Indian Council of Medical Research) से तीन और मेडिकल कॉलेजों बिलासपुर, अंबिकापुर एवं राजनांदगांव में आरटीपीसीआर जांच की अनुमति मिलने के बाद बिलासपुर और अंबिकापुर में जांच शुरू की जा चुकी है। राजनांदगांव में भी जल्द ही सैंपल जांच शुरू हो जाएगी।

सिंहदेव ने कहा कि कोविड-19 की रोकथाम के लिए विकासखण्ड मुख्यालयों में भवन चिन्हांकित कर कोविड केयर सेंटर की स्थापना के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने इन सेंटर्स में मरीजों के भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने कहा। उन्होंने कोरोना संक्रमण रोकने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से लोगों को मास्क पहनने एवं शारीरिक दूरी के पालन के लिए प्रोत्साहित करने कहा। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि कांकेर, कोरबा और महासमुंद में नए मेडिकल कॉलेज का काम जल्द शुरू किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार से 50-50 करोड़ रूपए की स्वीकृति प्राप्त हो गई है। राज्य शासन द्वारा भवन एवं अन्य संसाधन जुटाने जल्द कदम उठाए जाएंगे।

चिकित्सा शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी. पिल्लै, स्वास्थ्य विभाग की सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह और संचालक, चिकित्सा शिक्षा डॉ. एस.एल. आदिले भी वीडियो कॉन्फ्रेंस से उद्घाटन कार्यक्रम में जुड़ें।

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