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9 दिन में 86 लाख की गोबर खरीदी, रायपुर जिला गोबर खरीदी में टाॅप पर, दुर्ग दूसरा, राजनांदगांव में पेमेंट भी शुरू, छत्तीसगढ़ की अनूठी गोधन न्याय योजना का तगड़ा रिस्पांस

0 गोबर खरीदी के लिए सरकार ने 20 करोड़ रुपए की दूसरी किश्त जारी की

NPG.NEWS

रायपुर, 30 जुलाई 2020। छत्तीसगढ़ की जिस गोधन न्याय योजना पर पूरी देश की निगाहें टिकी हैं, उसके रिस्पांस से सूबे की सरकारी मशीनरी हैरान है। 9 दिन में 43 हजार क्विंटर गोबर खरीदी की गई है। दो रुपए किलो के हिसाब से यह 86 लाख रुपए का हुआ। जाहिर है, दुनिया की यह पहली योजना होगी, जिसमें सरकार गोबर की खरीदी कर रही है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 20 जुलाई को हरेली के दिन गोधन न्याय योजना का आगाज किया था। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार 20 जुलाई से लेकर कल 29 जुलाई तक विभिन्न जिलों में 43 हजार क्विंटल गोबर खरीदी की गई है। और, 5 अगस्त तक अनुमान है कि एक करोड़ रुपए से ज्यादा की गोबर परचेज हो जाएगा।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर चीफ सिकरेट्री आरपी मंडल ने आज गोधन न्याय योजना के लिए कलेक्टरों की वीडियोकांफ्रेंसिंग की। मंडल ने कलेक्टरों से इस योजना के बारे में अपडेट लिया। इसमें आए आंकड़ों के अनुसार गोबर खरीदी में रायपुर जिला पहले नम्बर पर है। रायपुर में 7480 क्विंटल गोेबर खरीदी की गई है। दूसरे नम्बर पर 5900 क्विंटल के साथ दुर्ग दूसरा और राजनांदगांव जिला 4185 क्विंटल के साथ तीसरे नम्बर पर है।

हालांकि, गोबर खरीदी का पेमेंट 5 अगस्त तक किया जाना है। लेकिन, राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ जनपद में सीईओ ने भुगतान में बाजी मार ली। डोंगरगढ़ में 26 जुलाई तक के गोबर खरीदी की राशि सीईओ ने खाते में ट्रांसफर कर दी।
ज्ञातव्य है, गोधन न्याय योजना सरकार के टाॅप प्रायरिटी पर है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर एडिशनल चीफ सिकरेट्री अमिताभ जैन की अध्यक्षता में पंचायत सिकरेट्री गौरव द्विवेदी, कृषि सचिव एम गीता और सहकारिता सचिव प्रसन्ना आर की चार सदस्यीय कमेटी बना दी है। यह कमेटी रोज कलेक्टरों से गोबर खरीदी के साथ ही हितग्राहियों को भुगतान के संबंध में अपडेट लेगी। सरकार ने हितग्राहियों को भुगतान करने के लिए जिला कलेक्टरों को 20 करोड़ रुपए की दूसरी किश्त जारी कर दी है। इससे समझा जा सकता है कि मुख्यमंत्री इस योजना को लेकर कितना संजीदा हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि जिला कलेक्टर किसी प्रकार की समस्या आने पर श्री अमिताभ जैन अपर मुख्य सचिव वित्त एवं समिति के अन्य सदस्यों से सम्पर्क स्थापित कर समस्या का निराकरण कर सकते हैं। ये सभी अधिकारी प्रतिदिन जिलों के कलेक्टरों से गोबर विक्रताओं के लिए ऑनलाईन भुगतान की लगातार मॉनीटरिंग कर रहे हैं। मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे अपर मुख्य सचिव वित्त के सतत सम्पर्क में रहे। उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना के अन्तर्गत हितग्राहियों को उनके द्वारा बेचे गए गोबर का भुगतान 15 दिवस में भुगतान उनके बैंक खाता में ऑनलाईन हो जाए, इसके लिए स्थायी सिस्टम तैयार किया जाए। इसके लिए अधिकारियों को समुचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि खरीदे गए गोबर की सुरक्षा सुनिश्चित हो, इसके लिए समुचित व्यवस्था की जाए। गोठानों में वर्मी टांका तथा वर्मी बेड बनाने और उनमें उच्च गुणवत्ता की वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार की जाए। गौठानों में गोबर खरीदने, वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार करने के लिए जिलों के गौठानों के लिए विभिन्न विभागों के मैदानी अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया जाए। इन अधिकारियों को अलग-अलग चार-पांच गौठानों की जिम्मेदारी दी जाए। समीक्षा के दौरान नगरीय क्षेत्र के गौठानों और वनक्षेत्रों में संयुक्त वन प्रबंधन समिति के द्वारा आवर्ती चराई योजना के अन्तर्गत बने गौठानों में भी गोबर क्रय करने एवं हितग्राहियों को समय-सीमा में भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश कलेक्टरों को दिए गए हैं। सभी गौठानों में शेडनुमा वृक्षों के पौधे रोपित किए जाएं। इसमें आम, बरगद, पीपल, बहेड़ा सहित अन्य फलदार पौधों का रोपण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी तरह से मुख्य सचिव ने राम वन गमन पथ में आने वाले मार्गाें पर 31 जुलाई तक अनिवार्य रूप से वृक्षारोपण करने के भी निर्देश दिए हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंस में प्रत्येक जिले में गोबर विक्रताओं के भुगतान, हितग्राहियों की संख्या, उनके बैंक खाता, हितग्राहियों का पंजीयन सहित ऑनलाईन भुगतान की व्यवस्था और 5 अगस्त को गोबर विक्रेताओं को पहला भुगतान करने की व्यवस्था की समीक्षा की गयी है।
इस अवसर पर पीसीसीएफ राकेश चतुर्वेदी, अपर मुख्य सचिव वित्त अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास गौरव द्विवेदी, उद्योग एवं विभाग के प्रमुख सचिव मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, कृषि सचिव एवं कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ.एम.गीता, सहकारिता विभाग के सचिव प्रसन्ना आर और नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव सुश्री अलरमेल मंगई डी. ने भी कलेक्टरों से गोधन न्याय योजना के अन्तर्गत आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में जिलों से सभी संभागायुक्त, कलेक्टर्स, वनमंडलाधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, आयुक्त नगर निगम, मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहकारी बैंक तथा उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं ने हिस्सा लिया।

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