बड़ी खबर : निजी स्कूल की फीस को लेकर आज हाईकोर्ट में सुनवाई….ट्यूशन फीस को लेकर दायर की गयी है याचिका… कोर्ट के आदेश के बावजूद प्राइवेट स्कूल कर रहे हैं मनमानी फीस वसूली

रायपुर 27 सितंबर 2020। कोरोना काल में निजी स्कूल की फीस को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। एक तरफ राज्य सरकार कोर्ट के निर्देश के अमल करने का निर्देश जारी कर रही है, तो दूसरी तरफ निजी स्कूल है कि अपनी मनमानी से गुरेज नहीं कर रहे हैं। ट्यूशन फीस के नाम पर निजी स्कूल संचालक लगातार अन्य मद की फीस भी वसूल रहे हैं, लिहाजा ट्यूशन फीस को परिभाषित करने को लेकर छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल ने हाइकोर्ट में एक याचिका दायर की है। इस  याचिका पर आज यानि 28 सितंबर को उच्च न्यायालय बिलासपुर में सुनवाई होगी।

श्री पॉल का कहना है कि ट्यूशन फीस को लेकर जन सामान्य में भ्रांतियां है कि ट्यूशन फीस है क्या, क्योंकि प्रायवेट स्कूलों के द्वारा अपने-अपने तरीके से ट्यूशन फीस को परिभाषित कर फीस वसूला जा रहा है। ट्यूशन फीस को स्कूल शिक्षा विभाग ने भी परिभाषित नहीं किया है। हमारे द्वारा अनेकों बार स्कूल शिक्षा विभाग और जिला शिक्षा अधिकारियों से आग्रह किया गया था कि ट्यूशन फीस को परिभाषित किया जाना उचित होगा, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इस विषय पर रूचि नहीं लिया।

जिला शिक्षा अधिकारी राजनांदगांव ने भी हमारी शिकायत पर लोक शिक्षण संचालनालय को पत्र लिखकर ट्यूशन फीस को परिभाषित करने का निवेदन किया गया, लेकिन डीपीआई ने भी ट्यूशन फीस को परिभाषित करने में कोई रूचि नहीं दिखाया। पालकों और प्रायवेट स्कूलों के बीच हो रही टकराव को एक दिन में दूर किया जा सकता है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी ऐसा नहीं चाहते है इसलिए हाईकोर्ट जाना पड़ा, क्योंकि हम चाहते है, पालक और प्रायवेट स्कूलों की बीच टकराव समाप्त हो और बच्चों की पढ़ाई बाधित ना हो, क्योंकि ट्यूशन फीस को लेकर पालकों और प्रायवेट स्कूलों की बीच हो रही टकराव में बच्चे पीस रहे है।

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