नौकरीपेशा के लिए बड़ी खबर, पेंशन से जुड़े इस नियम में बदलाव कर सकती है सरकार…बढ़ सकती है उम्र सीमा

नई दिल्ली 21 अक्टूबर 2019। केंद्र सरकार केंद्रीय कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से जुड़े नियम में बदलाव करने जा रही है। इसके तहत पेंशन निकालने की उम्र की सीमा में बदलाव किया जा सकता है। मौजूदा वक्त में 10 साल नौकरी पूरी होने के बाद आप पेंशन पाने के हकदार हो जाते है। इसके बाद 58 साल की उम्र होने पर आपको पेंशन मिलने लगती है। हालांकि अब इस उम्र सीमा को बढ़ाकर 60 साल किया जा सकता है। खबरों के मुताबिक, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन पेंशन के लिए उम्र की सीमा को 58 साल से बढ़ाकर 60 साल करने का प्रस्ताव ला सकता है। इस तरह का विकल्प मिलने से खाताधारक को पेंशन फंड बढ़ाने का मौका मिलेगा, ईपीएफओ इसके अलावा अतिरिक्त बोनस देने पर भी विचार कर सकता है।

ET की खबर के मुताबिक, ईपीएफओ ने ईपीएफ और एमपी फंड एक्ट 1952 के बदलाव वाले प्रस्ताव में कहा है, ‘सुपरएनुएशन की उम्र 58 साल है, इसे 60 साल करने की जरूरत है। दुनिया भर में अधिकांश पेंशन फंड 65 साल के बाद पेंशन दे रहे हैं।’ रिपोर्ट के मुताबिक, ये प्रस्ताव नवंबर में होने वाली बैठक में पेश किया जाएगा। इसमें एक अधिकारी के हवाले से बताया गया कि बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव कैबिनेट की स्वीकृति के लिए लेबर मिनिस्ट्री को भेजा जाएगा।

ईपीएफओ के मुताबिक, पेंशन की उम्र 60 साल बढ़ाने से पेंशन फंड में डेफिसिट 30 हजार करोड़ तक कम हो जाएगा। सदस्यों के लिए पेंशन का लाभ भी बढ़ जाएगा, क्योंकि इस दौरान सर्विस के दो साल बढ़ जाएंगे। नौकरीपेशा लोगों की सैलरी से कटने वाली रकम दो खातों में जाती है। पहला प्रोविडेंट फंड यानी ईपीएफ और दूसरा पेंशन फंड यानी ईपीएस होता है। कंपनी की तरफ से 3.67 फीसदी ईपीएफ में और बाकी 8.33 फीसदी हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना ईपीएस में जमा होता है।

ईपीएफ के लिए सैलरी की सीमा अभी 15 हजार रु प्रति माह है। ईपीएस में अधिकतम योगदान 1250 रु प्रतिमाह होता है। भारतीय मजदूर संघ के महासचिव वृजेश उपाध्याय ने कहा, ‘हम पहले से ही इस प्रस्ताव के समर्थन में हैं। वास्तव में, ये बहुत पहले ही हो जाना चाहिए था क्योंकि इससे पेंशनधारकों को लाभ मिलेगा।’

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