बड़ी खबर: कोरोना वैक्सीन ट्रायल में पहली मौत- वैक्सीन के ट्रायल में शामिल एक वालंटियर की संदिग्ध मौत, पर ट्रायल रहेंगे जारी… जानें आखिर क्या हुआ ?

नईदिल्ली 22 अक्टूबर 2020. कोरोना वायरस से लड़ने के लिए ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी और AstraZeneca की जिस वैक्सीन से अब तक सबसे ज्यादा उम्मीद लगाई जा रही थी, ब्राजील में उसके तीसरे चरण के ट्रायल में एक वॉलंटिअर की मौत हो गई है. ब्राजील की हेल्थ अथॉरिटी Anvisa ने बुधवार को इस बात की जानकारी दी है। हालांकि, इस वॉलंटिअर को वैक्सीन नहीं दी गई थी और इसलिए वैक्सीन के ट्रायल रोके नहीं जाएंगे.

जानकारी मिली है कि मरने वाले वॉलंटिअर को वैक्सीन नहीं दी गई थी, इसलिए वैक्सीन का ट्रायल नहीं रोका जाएगा. ब्लूमबर्ग के मुताबिक, ऑक्सफर्ड के वैज्ञानिकों ने कहा है कि वैक्सीन की सुरक्षा को लेकर कोई चिंता की बात नहीं है. जिस वॉलंटिअर की मौत हुई है वह ब्राजील का ही था.

कोरोना वैक्सीन के ट्रायल की सुरक्षा की जांच करने के लिए बनाई गई अंतरराष्ट्रीय कमेटी ने सबसे पहले वॉलंटियर की मौत की रिपोर्ट दी. हालांकि, कमेटी ने यह भी कहा कि ट्रायल जारी रहना चाहिए. एस्ट्रेजेनका कंपनी का कहना है कि क्लिनिकल ट्रायल के नियम और गोपनीयता की वजह से वह जानकारी शेयर नहीं कर सकती.

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय ने बुधवार को एक ईमेल बयान में एक मीडिया को बताया कि सभी महत्वपूर्ण चिकित्सकीय घटनाएं, चाहे प्रतिभागी नियंत्रण समूह या कोरोना वैक्सीन समूह में हों, इसकी स्वतंत्र रूप से समीक्षा की जाती है. ब्राजील में इस मामले के सावधानीपूर्वक मूल्यांकन के बाद, क्लीनिकल ट्रायल की सुरक्षा और स्वतंत्र समीक्षा में कोई चिंता नहीं है। उन्होंने बताया कि ब्राजील के नियामक ने सिफारिश की है कि वैक्सीन का परीक्षण जारी रहना चाहिए.

मीडिया रिपोर्ट में आगे बताया गया कि वैक्सीन बनाने वाली कंपनी एस्ट्राजेनेका(AstraZeneca) के एक प्रवक्ता ने उन रिपोर्टों पर विशेष रूप से टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जिनमें कहा गया था कि ब्राजील में एक कोरोना वायरस वैक्सीन के परीक्षण में एक स्वयंसेवक की मृत्यु हो गई थी, लेकिन फिलहाल टीके के ट्रायल को रोके जाने को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया है।

वैक्सीन बनाने वाली कंपनी एस्ट्राजेनेका(AstraZeneca) के प्रवक्ता ने आगे कहा कि हम ऑक्सफोर्ड वैक्सीन के चल रहे ट्रायल में व्यक्तिगत मामलों पर टिप्पणी नहीं कर सकते क्योंकि हम चिकित्सा गोपनीयता और नैदानिक ​​परीक्षण नियमों का कड़ाई से पालन करते हैं, लेकिन हम पुष्टि कर सकते हैं कि सभी आवश्यक समीक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया गया है.

बता दें इससे पहले ब्रिटेन में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैक्सीन परीक्षण को रोकना पड़ा था. ट्रायल के दौरान एक शोधकर्ता वॉलेंटियर बीमार हो गया था. शोधकर्ताओं का कहना है जब बड़े पैमाने पर परीक्षण होता है तो साइड इफेक्ट का होना सामान्य है.

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