बिग न्यूज : उपकरण वितरण घोटाले में 8 अधिकारी फंसे….2 को कलेक्टर ने किया सस्पेंड…..छह पर कार्रवाई के लिए राज्य शासन को लिखा पत्र… गाज गिरनी तय

 

कवर्धा 2 नवंबर 2019। कृषि उपकरण वितरण घोटाले में 8 अफसरों की भूमिका संदिग्ध और संलिप्तता का खुलासा हुआ है। जांच रिपोर्ट में अफसरों की भूमिका पाये जाने के बाद 2 को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि 6 अफसरों पर कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को पत्र भेजा गया है। सभी अधिकारी कृषि विस्तार अधिकारी हैं, जिन पर 1348 वन पट्टाधारी बैगा हितग्राहियों को 66 लाख रुपये के समान बांटने की जिम्मेदारी मिली थी। लेकिन इन अधिकारियों ने वितरण में गड़बड़ी कर पैसों के वारे-न्यारे कर लिये।

पूरा प्रकरण 2013-14 का है। इस मामले में जिला प्रशासन से शिकायत की गयी। अवनीश शरण के कवर्धा कलेक्टर बनने के बाद पूरे प्रकरण की जांच की गयी। जांच के बाद कई बिंदुओं पर गड़बड़ी पायी गयी, जिसके बाद कलेक्टर ने 8 अधिकारियों को इस पूरे प्रकरण में दोषी पाया। जानकारी के मुताबिक एक किसान को करीब 5 हजार रुपये का सामान वितरित किया जाना था।

कलेक्टर के निर्देश पर दो विभागों की अलग-अलग टीम बनायी गयी। कृषि व राजस्व विभाग की टीम ने जांच के दौरान शिकायत को सही पाया और अपनी रिपोर्ट कलेक्टर को दी, जिसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर दो कृषि विस्तार अधिकारी एमआर श्याम और अभय प्रताप सिंह को सस्पेंड कर दिया गया। वहीं छह अन्य अधिकारी पर कार्रवाई की सिफारिश की गयी है।

ये अधिकारी अन्य जिलों में स्थानांतरित हो गये हैं, लिहाजा उन अफसरों पर कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को कलेक्टर अवनीश शरण ने पत्र लिखा है। जिन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गयी है, उनमें केआर प्रधान, कीर्ति कुमार पोर्ते, कोमल सिंह बघेल, अखिलेश कुमार देवांगन, घनश्याम सिंह ओट्टी और जेएस पैकरा के नाम शामिल हैं।

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