बिजली कटौती की साजिश का हुआ बड़ा खुलासा रिश्वतखोर अधिकारियों ने पैसे लेकर झूठा पावर कट किया, INH का अब तक का सबसे बड़ा खुलासा

0 तीन घंटे के लाइव में पूरे प्रदेश की पावर कंपनी के दफ्तरों में मची अफरा-तफरी

0 काला सच उजागर होने से अधिकारी भी हैरान

रायपुर, 23 जनवरी 2020।। प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को घंटों अंधेरे में रखने के काले सच का गुरुवार को जब आईएनएच ने बड़ा खुलासा किया, तो पूरा प्रदेश इससे हैरान रह गया। पावर कंपनी के जूनियर इंजीनियर (जेई) पैसों के बदले घंटों बिजली बंद करने का सौदा करते कैमरे में कैद हुए। यह सच सामने आने पर प्रदेश के पावर कंपनी के हर दफ्तर में हड़कंप मच गया। जिन दफ्तरों के जेई इस मामले में लिप्त पाए गए, उन दफ्तरों से जहां ये जेई गायब हो गए, वहीं स्टॉफ भी नदारद हो गया। इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पावर कंपनी के अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार शुक्ला ने तत्काल वितरण कंपनी के एमडी मो. कैसर अब्दुल हक के साथ मिलकर वीडियो क्रांफेंसिंग से पूरे प्रदेश के जेई से लेकर ईडी तक के सभी अधिकारियों से इस मामले में चर्चा की और इन्हें साफ निर्देश दिए कि जो भी दोषी हैं, उनको पहले निलंबित किया जाए, बाद में अगर लगे तो इनको बर्खास्त भी करने से पीछे न हटें।

आईएनएच ने अपने सबसे बड़े खुलासे में करीब आधा दर्जन स्थानों के जूनियर इंजीनियरों को दिखाया कि कैसे इन लोगों से एक इनवर्टर कंपनी के अधिकारी बनकर मिलने पहुंचे एक निजी एजेंसी के लोगों से पैसे लेकर घंटों बिजली बंद करना कबूल किया। इनको इस काम के बदले एक से डेढ़ लाख रुपए देने का ऑफर दिया गया। सभी लाेगों ने ऑफर के पैसे नकद लेने की बात की। इन जेई से कहा गया या तो वे अपने बिजली बंद के शेड्यूल की जानकारी देें या कंपनी के मुताबिक बिजली बंद करने का शेड्यूल तैयार करें। एक क्षेत्र में 10 से 12 बार बिजली बंद करने की बात हुई, जब इनवर्टर कंपनी की टीम उस क्षेत्र में जाएगी। टीम के वहां रहने के दौरान दो से तीन घंटे बिजली बंद करने का सौदा किया गया।

इन स्थानों से जेई से हुआ सौदा

स्टिंग आपरेशन में जिन स्थानों के जेई से इनवर्टर कंपनी के अधिकारी बनकर सौदा किया गया, उनमें कोरबी, बालोद, कटघोरा, बिलासपुर और भिलाई के अधिकारी शामिल हैं। इन सभी से कंपनी के अधिकारियों के रूप में गए शख्स से यही कहा, आप हमें अपने फीडरों के बिजली बंद होने का शेड्यूल उपलब्ध करा दें। इसी के साथ इन्हें कंपनी के मुताबिक कुछ शेड्यूल बनाने के लए कहा गया। इनसे यह भी पूछा गया कि कहां ज्यादा इनवर्टर बिकने की संभावना है, ऐसे स्थानों की जानकारी दें और वहां बिजली बंद करें।

दो नंबर का काम ईमानदारी से

आपरेशन के दौरान भिलाई के जिस जेई से बात की गई, उस जेई ने कहा, भले एक नंबर के काम में ईमानदारी नहीं रहती, लेकिन दो नंबर के काम में पूरी ईमानदारी रखी जाती है। हम लोग कोई भी काम लेते हैं, ताे उसे ईमानदारी से करते हैं। इस जेई ने और कई अधिकारियों के नंबर भी उपलब्ध कराए और कहा, ये लोग भी ऐसा काम करने को तैयार हाे जाएंगे। इस अधिकारी ने कंपनी के लाेगों को दुर्ग और बिलासपुर में भी ऐसी बिजली बंद कराने की सलाह दी, ताकि इनकी कंपनी के इनवर्टर बिक जाएं। इस अधिकारी ने कहा, भिलाई-दुर्ग पर फोकस करें, क्योंकि यहां के लोग आराम पसंद हैं और बिजली बंद होने से इनको परेशानी होती है। ऐसे लोग इनवर्टर जरूर खरीदेंगे।

रूखी-सूखी खा लेंगे, पर नहीं करेंगे ऐसा काम

एक तरफ स्टिंग आपरेशन में पैसे लेकर जहां जेई बिजली बंद करने के लिए तैयार हो गए, वहीं बेमेतरा के जेई गंगा प्रसाद बंजारे और कुम्हारी के राहुल सिंह ने लाख प्रलोभन देने के बाद भी इस तरह का काम करने से साफ इनकार कर दिया। इन्होंने साफ कहा, हम भले रूखी-सूखी खा लेंगे, लेकिन हम पैसे लेकर बिजली बंद करने का काम कभी नहीं करेंगे। बेमेतरा के श्री बंजारे ने तो यह भी बताया, जब वे बालोद में थे, तो बारिश के मौसम में भी रात को 12 बजे तक भी अपने काम में डटे रहते थे। जब तक एक फीडर की बिजली बंद को दूसरे फीडर से प्रारंभ नहीं करवा देते थे, घर नहीं जाते थे। कुम्हारी के राहुल सिंह ने अपनी बात में यह भी कहा, यह मुख्यमंत्री का इलाका है। अगर उनका इलाका न भी होता, तो भी वे ऐसा काम करने के लिए कभी तैयार नहीं होते।

मानिटरिंग का सिस्टम ही नहीं : पीएन 

बिजली नियामक आयोग के पूर्व सचिव पीएन सिंग भी इस पूरे मामले के सामने आने से हैरान रह गए। उन्होंने कहा, वास्तव में यह शर्मनाक है। उन्होंने यह भी कहा, बिजली बंद करने की अपनी एक प्रक्रिया है। इसके लिए लॉगबुक में सब लिखना पड़ता है। बिना ठोस वजह के बिजली बंद करना संभव नहीं है। जिस तरह से स्टिंग में सच सामने आ रहा है, उससे साफ लग रहा है कि अब मानिटरिंग का सिस्टम समाप्त हो गया है। पहले हर फीडर में बिजली बंद होने के कारण की मानिटरिंग होती थी। उन्होंने कहा, इसका मतलब साफ है, उच्च अधिकारी लॉगबुक देखते ही नहीं हैं। उन्हाेंने पीकऑवर में बिजली बंद होने की बात को लेकर कहा, यह संभव नहीं है। किसी आपदा को छोड़कर कभी भी कहीं भी पीकऑवर के समय शाम को मेंटेनेंस का काम नहीं होता। उन्होंने कहा, ऐसा काम करने वालों पर जरूर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

खाली हो गए दफ्तर

स्टिंग आपरेशन के लाइव प्रसारण के समय ही जैसे-जैसे खुलासा होता गया, उन स्थानों के दफ्तरों के जेई अपने दफ्तरों से गायब हो गए। जेई के साथ ही दूसरे अधिकारी भी गायब हो गए। इनके लगातार संपर्क करने का प्रयास किया जाता रहा, पर कोई भी फोन उठाने तैयार नहीं हुआ। कुछ से बाद में संपर्क होने पर ये बचते नजर आए।

पैसे लेने रायपुर पहुंचे

बिलासपुर के जेई तो सौदे का पैसा लेने के लिए अचानक एक दिन रायपुर आ धमके। यहां टाटीबंध के पास रुक कर सौदे की बात करने वाले को फाेन किया और उनको वहां बुलाकर सौदे के पैसों की मांग की। इस मांग का भी स्टिंग किया गया। इसमें इस जेई को टोकन मनी के रूप में दस हजार दिए गए। कम पैसे देखकर उनका चेहरा लटक गया, वे यहां पूरे एक लाख रुपए मिलने की उम्मीद लेकर आए थे।

लगातार बैठकों का दौर

जैसे ही इस मामले का खुलासा हुआ, ताे सबसे पहले पावर कंपनी के अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार शुक्ला और वितरण कंपनी के एमडी मो. कैसर अब्दुल हक ने बिजली मुख्यालय में अधिकारियों की बैठक बुलाई। इसी के साथ पूरे प्रदेश के 9 क्षेत्रीय कार्यालयों के ईडी और सीई के साथ जेई स्तर तक के अधिकारियों से बात करके उनको इस तरह के मामलों की जानकारी देने के निर्देश दिए। इसके बाद उन स्थानों जहां को लेकर स्टिंग आपरेशन में खुलासा हुआ था, वहां के साथ बाकी क्षेत्रीय कार्यालयों में भी अधिकारियों से बैठकें लेकर जानकारी मंगाने का प्रयास किया कि उनके यहां भी तो ऐसे मामले नहीं हुए हैं।

इन पर गिरी गाज

पावर कंपनी के निर्देश पर क्षेत्रीय अधिकारियों ने जिनको निलंबित किया है, उसमें कटघोरा के जेई याेगेश कुमार साहू, चरौदा भिलाई के महेश्वर टंडन, सरकंडा बिलासपुर के डोमेंद्र कुमार साहू शामिल हैं। इसके पहले कटघोरा शहर के नारायम प्रसाद सोनी और बालोद के सुनील कुमार शामिल हैं।

दोषियों पर तत्काल की कार्रवाई

जैसे ही मामले की जानकारी हुई, अधिकारियों को निर्देश देकर जो भी जेई दोषी हैं, उन सबको निलंबित कर दिया गया है। अगर आगे जरूरत महसूस होगी, तो इनको बर्खास्त भी करने की कर्रवाई करेंगे, ऐसा करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

– शैलेंद्र कुमार शुक्ला, अध्यक्ष, पावर कंपनीज

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