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कर्मचारियों का 13 मार्च को राजधानी में बड़ा प्रदर्शन…. 50 हजार कर्मचारी शामिल होकर मांगेंगे पुरानी पेंशन…..NOPRUF के बैनर में होगा आयोजन, राष्ट्रीय अध्यक्ष रावत होंगे शामिल

रायपुर 28 फरवरी 2021। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीपी सिंह रावत, छत्तीसगढ़ के प्रदेश संयोजकगण संजय शर्मा, वीरेंद्र दुबे, लैलूंन भारद्वाज, राष्ट्रीय आईटी सेल प्रभारी बसंत चतुर्वेदी, राजेश शर्मा ने कहा है कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर बूढ़ातालाब रायपुर के पास विशाल धरना देकर तथा रैली निकालकर प्रधानमंत्री के नाम पर महामहिम राज्यपाल को तथा मुख्यमंत्री के नाम पर कलेक्टर को ज्ञापन सौपेंगे।

धरना व रैली में प्रदेश के 50 हजार एनपीएस कर्मचारी शामिल होंगे व 2 लाख 80 हजार एनपीएस कर्मचारी समर्थन करेंगे तथा पुरानी पेंशन के अधिकार प्राप्ति के लिए आवाज बुलंद करेंगे।

ज्ञात हो कि कांग्रेस के जनघोषणा पत्र में कहा गया है कि सीपीएफ पर विचार कर, 2004 के पूर्व जो पेंशन योजना थी उसे लागू करने की कार्यवाही की जाएगी, सरकार के घोषणापत्र के उक्त मुद्दे का शिक्षक व कर्मचारी समर्थन करते है, पर इस पर अभी तक कोई भी प्राथमिक कदम नही उठाया गया है।

सरकार के घोषणापत्र को खारीज करते हुए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 16 फरवरी 2021 को जारी आदेश में शिक्षक एल बी संवर्ग को पुरानी पेंशन लाभ के लिए सेवा की गणना संविलियन दिनांक 1 जुलाई 2018 से किए जाने का आदेश जारी किया गया है, जिसका कड़ा प्रतिकार किया जाएगा,, उक्त आदेश क्रमोन्नति, पदोन्नत्ति के लिए बाधक है,,प्रथम नियुक्ति के दावे को शासन द्वारा खारिज किये जाने का विरोध करते हुए धरना व रैली कर घोषणापत्र के खिलाफ कार्य व आदेश का विरोध किया जाएगा।

NOPRUF छत्तीसगढ़ में संजय शर्मा, वीरेंद्र दुबे, लैलूंन भारद्वाज पुरानी पेंशन बहाली हेतु समान भूमिका में प्रदेश संयोजक के पद पर संघर्ष के लिए एकजुट है तथा प्रदेश के अन्य प्रदेश अध्यक्षों को पुरानी पेंशन बहाली के लिए NOPRUF के बैनर तले समान भूमिका में संघर्ष करने आमंत्रित किया है।

अब स्पष्ट समझ मे आने लगा है कि नई पेंशन बुढ़ापे का सहारा नही है, इसीलिए 2004 के बाद भी विधायिका ने अपने लिए पुरानी पेंशन जारी रखा है, और कार्यपालिका के हिस्से में नई पेंशन को थोप दिया है, एक देश व प्रदेश में अलग अलग पेंशन योजना का विरोध जारी है।

देश के 60 लाख व छत्तीसगढ़ के 2.80 लाख एनपीएस कर्मचारियो के सुरक्षित भविष्य व बुढ़ापे के लिए पुरानी पेंशन योजना ही एकमात्र विकल्प है,,और इसीलिए NOPRUF लगातार पुरानी पेशन बहाली के लिए संघर्षरत है।

प्रधान मंत्री टैक्स, राशन, स्वास्थ्य, शिक्षा, कई सेवा के देश मे एक बराबर रखना चाहते है, तो देश मे एक ही पुरानी पेंशन योजना रखना चाहिए, अभी देश व प्रदेश मे 2004 के पूर्व के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन दी जा रही है, वही 2004 के बाद देश व प्रदेश में नई पेंशन योजना लागू कर दी गई है।

एक देश – एक विधान – एक निशान की बात की जा रही है, तो 2004 के बाद अभी भी नेताओ के लिए पुरानी पेंशन व कर्मचारियो के लिए नई पेंशन,,यह अलग अलग व्यवस्था क्यो है,?

केंद्र सरकार ने 2004 में पुरानी पेंशन योजना को बंद कर बाजार आधारित नई पेंशन योजना प्रारभ की तब बताया गया था कि कर्मचारियो को लाभ मिलेगा, लेकिन इसकी सच्चाई को समझते हुए कार्यपालिका के लिए इसे थोपा गया, जबकि विधायिका के लिए पुरानी पेंशन ही रखा गया, कार्यपालिक वर्ग 2004 के बाद बाजार की भेंट चढ़ गए जबकि विधायिका पुरानी पेंशन शुकुन से ले रहे है, इस भेदभाव व कर्मचारी शोषण की एनपीएस योजना के खिलाफ 50 हजार एनपीएस कर्मचारी 13 मार्च को रायपुर में धरना व रैली कर आवाज बुलंद करेंगे।

 

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