जम्मू-कश्मीर पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला- ‘गैर जरूरी आदेश वापस लें, पूरी तरह इंटरनेट बंद करना बहुत सख्त कदम’…..इंटरनेट बैन-धारा 144 पर नहीं चलेगी सरकारी मनमर्जी, कश्मीर पर SC के फैसले से हुआ साफ

नई दिल्ली 10 दिसंबर 2020। जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के बाद घाटी में इंटरनेट और लोगों की आवाजाही बंद करने जैसी पाबंदियों पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट पर पूरा बैन लगाना बहुमत सख्त कदम है. लोगों को अपनी असहमति जताने का हक है. सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को गैर जरूरी आदेश वापस लेने को कहा है. जम्मू-कश्मीर में एसएमएस सेवा चल रही है. लेकिन मोबाइल इंटरनेट और घरों में लगे ब्रांडबैंड बंद हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर में लगी पाबंदियों के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई की. कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने भी इस मामले में ये याचिका दायर की थी. अदालत ने कहा कि इंटरनेट पर पाबंदी सिर्फ उसी स्थिति में लगाया जाय जब ऐसा करना अपरिहार्य हो. अदालत ने कहा कि इंटरनेट पर अनिश्चितकाल के लिए प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता है. इंटरनेट पर प्रतिबंध की समय-समय पर समीक्षा होनी चाहिए.

बैन की एक हफ्ते के अंदर हो समीक्षा

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को एक हफ्ते के अंदर इन पाबंदियों की समीक्षा करने को कहा है. कोर्ट ने कहा कि जहां इंटरनेट का दुरुपयोग कम है वहां सरकारी और स्थानीय निकाय में इंटरनेट की सेवा शुरू की जाए. कोर्ट ने सरकार को ई बैंकिंग सेवाएं और शुरू करने को कहा है.

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