बिग ब्रेकिंग : सरकारी नौकरियों को लेकर सबसे बड़ी खबर……बैंकिंग, रेलवे और एसएससी भर्ती के लिए अब एक ही होगी परीक्षा…. मेरिट लिस्ट की तीन साल तक रहेगी वैधता… कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट कराने के लिए राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी का गठन

नयी दिल्ली 19 अगस्त 2020। युवाओं को लेकर आज केंद्र सरकार बहुत बड़ा फैसला लिया है। अब कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट के जरिये युवाओं का अलग-अलग नौकरियों में चयन किया जायेगा। नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी (एनआरए) को अधीनस्थ पदों के लिए सीईटी (कॉमन एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) आयोजित करने का अधिकार दे दिया गया है।कैबिनेट के फैसलों के बारे में बताते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि आज नौकरी के लिए युवाओं को बहुत परीक्षाएं देनी पड़ती है। यह सब समाप्त करने के लिए नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी (एनआरए) अब कॉमन एलिजबिलिटी टेस्ट (सीईटी) लेगी. इससे युवाओं को लाभ होगा।

प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि देश में करीब 20 रिक्रूटमेंट एजेंसी हैं। ये सब समाप्त करते हुए सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी (राष्ट्रीय भर्ती संस्था) अब कॉमन एलिजबिलिटी टेस्ट (सीईटी) लेगी. इसका फायदा करोड़ों युवाओं को होगा, जो नौकरी के लिए आवेदन करते हैं।मोदी सरकार की कैबिनेट बैठक में बैंकिंग, रेलवे और कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) के ग्रुप बी और ग्रुप सी के पदों पर भर्ती के लिए एक ही संयुक्त योग्यता परीक्षा (Common Eligibility Test – CET) को मंजूरी दी है।

प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि युवाओं की ये मांग वर्षों से थी. लेकिन अबतक इसपर फैसला नहीं लिया गया था. इस एक फैसले से युवाओं की तकलीफ भी दूर होगी और उनका पैसा भी बचेगा. युवाओं को अब एक ही परीक्षा से आगे जाने का मौका मिलेगा.मंजूरी मिलने के बाद संयुक्त योग्यता परीक्षा का आयोजन अगले वर्ष यानि 2021 से किया जाना है, इसके तहत सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को केंद्रीय विभागों एवं संगठनों में भर्ती के लिए अलग-अलग आवेदन नहीं करने होंगे।

कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट आयोजित करने के लिए राष्ट्रीय भर्ती संस्था पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) की मेरिट लिस्ट 3 साल तक मान्य रहेगी. इस दौरान उम्मीदवार अपनी योग्यता और पसंद के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों में नौकरियों के लिए आवेदन कर सकेगा. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे ऐतिहासिक सुधारों में से एक है. यह भर्ती, चयन, नौकरी में आसानी और विशेष रूप से समाज के कुछ वर्गों के लिए जीवन यापन में आसानी लाएगा.

क्या है संयुक्त योग्यता परीक्षा?

सरकार ने संयुक्त योग्यता परीक्षा का प्रस्ताव सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवा बेरोजगारों को सहुलियत देने के उद्देश्य किया है। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्री जितेंद्र सिंह ने 13 मार्च 2020 को जानकारी दी थी कि सरकारी एजेंसियों और हर वर्ष आवेदन करने वाले 2.5 करोड़ उम्मीदवारों हेतु भर्ती प्रक्रिया को दुरूस्त करने के लिए केंद्र सरकार एक ऑटोनॉमस बॉडी ‘नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी (National Recruitment Agency – NRA)’ का गठन करेगी जो कि कॉमन इलिजिबिलिटी टेस्ट (सीईटी) का ऑनलाइन आयोजन करेगी।संयुक्त योग्यता परीक्षा तीन स्तरों पर हो सकती है – सेकेंड्री (10वीं), सीनियर सेकेंड्री (12वीं) और स्नातक। उम्मीदवार अपनी योग्यता के अनुसार इन परीक्षाओं में सम्मिलित हो पाएंगे। संयुक्त प्रवेश परीक्षा से उम्मीदवारों को अलग-अलग भर्ती परीक्षाएं न देनी पड़ेंगी। इससे विभिन्न भर्ती परीक्षाओं की तिथियों में क्लैश भी नहीं होगा। साथ हीष उम्मीदवारों को अलग-अलग फॉर्म भरने में बार-बार शुल्क देने की बजाए एक ही परीक्षा के लिए शुल्क का भुगतान करना होगा।संयुक्त योग्यता परीक्षा (सीईटी) के आयोजन और क्रियान्वयन के लिए नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी (एनआरए) के गठन का प्रस्ताव 2020 के बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री द्वारा किया गया था। संयुक्त योग्यता परीक्षा कर्मचारी चयन आयोग, रेलवे भर्ती बोर्ड और इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सोनेल सेलेक्शन के पहले स्तर की परीक्षाओं को प्रतिस्थापित करेगी।

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