बिग ब्रेकिंग : जोगी कांग्रेस में पड़ी फूट….दो विधायकों ने कांग्रेस को समर्थन देने का किया ऐलान….प्रेस कांफ्रेस कर कहा- रेणु जोगी भी कांग्रेस में आने को इच्छुक… अजीत जोगी और अमित जोगी को लेकर कही ये बड़ी बात

गौरेला 1 नवंबर 2020। मरवाही चुनाव में भाजपा को समर्थन देने के मुद्दे पर जोगी कांग्रेस में फूट पड़ गयी है। अमित जोगी ने भले ही भाजपा को समर्थन देने का ऐलान किया है, लेकिन आज शाम पार्टी के दो विधायक देवव्रत सिंह और प्रमोद शर्मा ने कांग्रेस को समर्थन देने की घोषणा कर पार्टी में भूचाल ला दी है। गौरेला में आज शाम मंत्री जयसिंह अग्रवाल की मौजूदगी में देवव्रत सिंह और प्रमोद शर्मा ने प्रेस कांफ्रेंस कर इस बात की घोषणा की, कि वो कांग्रेस को अपना समर्थन देंगें।

प्रेस कांफ्रेंस में देवव्रत सिंह ने भूपेश सरकार की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की ये पहली सरकार है जो छत्तीसगढ़िया और छत्तीसगढ़ की अस्मिता की बात कर रही है। नरवा गुरूवा घुरवा बारी योजना ने छत्तीसगढ़ के किसानों की आर्थिक उन्नति का रास्ता तैयार किया है। करीब 30 मिनट की प्रेस कांफ्रेंस में देवव्रत सिंह और प्रमोद शर्मा ने स्पष्ट तौर पर कहा कि वो कांग्रेस के साथ हैं और कांग्रेस की विचारधार के साथ ही आगे चलना चाहते हैं।

रेणु जोगी भी आना कांग्रेस में आने को इच्छुक

आज की प्रेस कांफ्रेंस में देवव्रत सिंह ने कहा कि रेणु जोगी भी कांग्रेस में आना चाहती है। देवव्रत सिंह का ये बयान उस वक्त आया है, जब अमित जोगी ने भाजपा को समर्थन देने का ऐलान रेणु जोगी के निर्देश पर करने की बात कही थी। देवव्रत सिंह ने कहा कि रेणु जोगी चाहती है कि कांग्रेस में वो शामिल हो जाये, चुनाव के वक्त भी कांग्रेस के ही टिकट पर लड़ना चाहती थी, जिसके लिए उन्होंने आखिरी वक्त तक इंतजार किया। वो हमेशा से कांग्रेस के विचारधारा के साथ खड़ी रही है।

अजीत जोगी भी कांग्रेस में आना चाहते थे

देवव्रत सिंह ने आज प्रेस कांफ्रेंस में इस बात का उल्लेख किया कि अजीत जोगी जब कोमा में थे, तो उस दौरान भी ये कोशिश हुई थी कि कांग्रेस में शामिल हो जाये, क्योंकि वो चाहते थे कि कांग्रेस में वो शामिल हो जायेें, लेकिन तकनीकी वजहों से ऐसा संभव नहीं हो पाया। देवव्रत सिंह ने कहा कि जनवरी में अजीत जोगी के निर्देश पर ही उन्होंने राहुल गांधी से मुलाकात की थी।

जोगीजी रहते तो भाजपा को कभी समर्थन नहीं करते

देवव्रत सिंह ने कहा कि अगर अजीत जोगी रहते तो ऐसा कभी नहीं होता। विधानसभा चुनाव के वक्त भी जब ऐसी बात आयी थी कि पार्टी भाजपा को समर्थन दे सकती है, तो अजीत जोगी ने प्रेस कांफ्रेंस में बाइबिल, कुरान और गीता को लेकर कसम खायी थी कि वो कभी जीते जिंदगी भाजपा को अपना समर्थन नहीं देंगे, फिर आखिर ऐसा कैसे हो गया, ये समझ से परे हैं ।

समर्थन के मुद्दे पर कोई रायशुमारी नहीं की गयी

जिस दिन से धर्मजीत सिंह ने रमन सिंह से मुलाकात कर समर्थन देने का ऐलान किया है, तभी से  ही JCCJ के भीतर भूचाल आया है। देवव्रत सिंह ने इस फैसले के खिलाफ पहले तो खैरागढ़ में मोर्चा खोला और अब गौरेला में प्रेस कांफ्रेंस कर अमित जोगी पर निशाना साधा। देवव्रत सिंह ने साफ कहा कि समर्थन के मुद्दे पर अमित जोगी ने किसी तरह को कोई बात नहीं की, उन्होंने इस मामले में खुद से फैसला लिया है। इस मामले में कोर कमेटी को भी विश्वास में नहीं लिया गया है।

जोगी जी की समाधि को देखकर बहुत दुख हुआ

देवव्रत सिंह ने कहा कि अजीत जोगी की समाधि को देखकर आज बहुत दुख हुआ। वो जिस हालत में हैं उसे देखकर मुझें काफी बुरा अहसास हो रहा है। अजीत जोगी से उनके पुराने रिश्ते रहे हैं, ऐसे में आज उनकी समाधि को जिस हालत में मैंने देखा, वो काफी पीड़ा देने वाला है।

कांग्रेस में आने को तैयार हूं, फैसला कांग्रेस करे

देवव्रत सिंह ने खुलकर कहा कि वो और प्रमोद शर्मा कांग्रेस में शामिल होने को तैयार हैं, हालांकि इसका फैसला कांग्रेस पार्टी को करना है। तन, मन और विचार से वो सभी कांग्रेस के साथ हैं और कांग्रेस सरकार के साथ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उन्हें बहुत कुछ दिया है। अजीत जोगी ने भी एक कार्यक्रम में कहा था कि देवव्रत सिंह कांग्रेस में जा सकते हैं। अगर वो कांग्रेस में चले जायें, तो उन्हें कोई हैरानी नहीं होगी।

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