“बिग बाजार” बिक गया : रिटेल किंग किशोर बियानी ने BIG BAZAAR को अंबानी के हाथों बेचा…. देश के 420 शहरों में 1800 बिग बाजार खोले गये थे… जानिये अब बिग बाजार का क्या होगा

नयी दिल्ली 30 अगस्त 2020। “बिग बाजार” बिक गया है। बिग बाजार के मालिक किशोर बियानी ने अपने कारोबार को अनिल अंबानी के हाथों बेच दिया है। कोरोना संकट में ये बाजार से जुड़ी अब तक की सबसे बड़ी खबर है। बिग बाजार हाल के दिनों आमलोगों का सबसे पसंदीदा ब्रांड रहा है, जहां हर सामान बेहद सस्ता और सुलभ होता है। हर खास मौके पर बिग बाजार की छूट लोगों को खूब लुभाती थी। लेकिन अब बिग बाजार को रिटेल किंग के नाम से मशहूर किशोर बियानी ने अनिल अंबानी के हाथों बेच दिया है।

2019 से पहले उनका कारोबार तेजी से फैल रहा था. किशोर बियानी का फ्यूचर ग्रुप वित्तीय संकट में इस साल की शुरुआत में आया. यह तब हुआ जब फ्यूचर रिटेल कर्ज के भुगतान में फेल हो गई. इसके बाद बैंकों ने कंपनी के गिरवी रखे शेयरों को जब्त कर लिया.साड़ियों के कारोबार से बिग बाजार के सफर तक पहुंचने वाले मारवाड़ी परिवार में जन्मे किशोर बियानी ने 1987 में पैंटालून की शुरुआत की थी. पैसे की कमी की वजह से उन्होंने इस कारोबार को साल 2012 में आदित्य बिड़ला ग्रुप को बेच दिया. पैंटालून और बिग बाजार की शुरुआत बियानी ने कोलकाता से की थी.

किशोर बियानी ने अपने बिजनेस की शुरुआत 1987 में की थी, उनकी पहली कंपनी मेंज वियर थी. बाद में इसका नाम उन्होंने पैंटालून कर दिया गया. फिर 1991 में इसका नाम पैंटालून फैशन लिमिटेड कर दिया गया. 2001 में किशोर बियानी ने पूरे देश में बिग बाजार के स्टोर खोले.किशोर बियानी ने मुंबई के एच. आर कॉलेज के छात्र रहे हैं. उनकी यात्रा मुंबई में 1980 में स्टोन वॉश डेनिम फैब्रिक की बिक्री से शुरू हुई थी. किशोर बियानी का सपना हर किसी तक अपने खुद के लेबल के प्रोडक्ट को पहुंचाना था, और कुछ हदतक वो इसमें सफल भी रहे. कोलकाता से 26 साल की उम्र में पैंटालून से शुरुआत करने वाले बियानी ने 59 साल की उम्र में अब सारा कारोबार रिलायंस के हाथों बेच दिया.

किशोर बियानी के लिए साल 2019 सबसे संकट वाला रहा. 2019 की समाप्त तिमाही में फ्यूचर रिटेल के मुनाफे में 15 फीसदी की गिरावट आई थी, वहीं रेवेन्यू में 3 फीसदी की कमी देखी गई थी. अब कोरोना की वजह से  संकट और गहरा गया. लगातार कर्ज का बोझ बढ़ने से रेटिंग एजेंसियों ने भी रेटिंग घटा दी. जिससे फ्यूचर रिटेल के शेयरों में करीब 75 फीसदी तक गिरावट देखने को मिली. डील के बाद रिलायंस रिटेल की डायरेक्टर ईशा अंबानी ने कहा कि हम छोटे व्यापारियों के साथ सक्रिय सहयोग के हमारे अनूठे मॉडल के साथ रिटेल इंडस्ट्री के विकास की गति को जारी रखने की उम्मीद करते हैं. हम देश भर में अपने उपभोक्ताओं को अहमियत प्रदान के लिए हम प्रतिबद्ध हैं. इससे रिलायंस फ्यूचर ग्रुप के बिग बाजार, ईजीडे और FBB के 1,800 से अधिक स्टोर्स तक पहुंच बनाएगी, जो देश के 420 शहरों में फैले हुए हैं.

4,713 करोड़ में खरीदा कारोबार

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) की सहायक कंपनी रिलायंस रिटेल वेंचर लिमिटेड (आरआरवीएल) ने फ्यूचर समूह के खुदरा और थोक कारोबार तथा लॉजिस्टिक्स और भंडारण कारोबार को एकमुश्त 24,713 करोड़ रुपये के दाम में अधिग्रहण करने की घोषणा की है। आरआरवीएल ने कहा है कि इस अधिग्रहण योजना के तहत फ्यूचर समूह अपनी कुछ कंपनियों का विलय फ्यूचर एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एफईएल) में कर रहा है।

ऐमजॉन की हिस्सेदारी पर अभी स्पष्टता नहीं
अंबानी की कंपनी ने फ्यूचर रिटेल और फ्यूचर लाइफस्टाइल फैशंस में पूरी प्रवर्तक हिस्सेदारी खरीद ली है, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि फ्यूचर में ऐमजॉन की हिस्सेदारी का क्या होगा।पिछले साल अगस्त में सिएटल मुख्यालय वाली कंपनी ऐमजॉन ने फ्यूचर कूपन्स लिमिटेड की 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीदकर फ्यूचर रिटेल में अप्रत्यक्ष रूप से 1.3 फीसदी की हिस्सेदारी ली थी। यह साझेदारी इस साल जनवरी में तब और गहरी हुई, जब ऐमजॉन फ्यूचर रिटेल के स्टोर के लिए अधिकृत ऑनलाइन बिक्री चैनल बन गया था।

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