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जज की महिला मित्र के रास्ते आयी बीबी तो लिया ये खौफनाक बदला : ADJ और उनके बेटे की जहर खिलाकर कर दी हत्या……5 दिन बाद खुला मौत का राज… पढ़िये देश की हाइप्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री का कैसे हुआ खुलासा

भोपाल 30 जुलाई 2020। मध्यप्रदेश के बैतूल में जिला न्यायालय में पदस्थ अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (ADJ) महेंद्र त्रिपाठी और उनके बेटे अभिनव राज की मौत के बाद बैतूल पुलिस ने महज पांच दिनों के भीतर इस घटना का सनसनीखेज खुलासा कर दिया. बैतूल के अपर सत्र न्यायाधीश (ADJ) महेंद्र कुमार त्रिपाठी और उनके बेटे अभिनय राज की मौत जहरीले आटे की रोटियां खाने से हुई थी।  इस मर्डर मिस्ट्री की सूत्रधार एडीजे की 10 साल पुरानी महिला मित्र निकली। मध्य प्रदेश के रीवा की रहने वाली संध्या संतोष छिंदवाड़ा में एनजीओ चलाती थी। त्रिपाठी उसकी मदद करते थे। इसी दौरान दोनों के बीच घनिष्ठता हुई। कहानी में ट्वीस्ट 4 महीने पहले तब आया, जब एडीजे की पत्नी वीआरएस लेकर पति के साथ रहने लगी। यह संध्या को रास नहीं आया। त्रिपाठी ने उसकी मदद करना भी कम कर दी थी। इससे गुस्से में आकर उसने एक तांत्रिक की मदद से आटे में जहर मिलाकर त्रिपाठी के परिवार को अपने हाथों से रोटियां खिलाईं। इससे त्रिपाठी और उनके बेटे की इलाज के दौरान मौत हो गई। पत्नी इसलिए बच गई क्योंकि पत्नी ने खाना नहीं खाया था।

बैतूल पुलिस ने इस मामले में एडीजे की महिला मित्र संध्या सिंह समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है. महिला ने एडीजे को कथित रूप से जहरीला आटा दिया था जिसकी रोटियां खाने से उनकी और उनके एक बेटे की मौत हो गई. आटे में कोबरा का जहर मिला होने की आशंका जताई गई है.पुलिस के अनुसार एडीजे महेंद्र त्रिपाठी और उनके पुत्र अभिनयराज त्रिपाठी की साजिश की तहत हत्या की गई थी। यह साजिश उनकी महिला मित्र संध्या सिंह ने रची थी। महिला मित्र उनके पूरे परिवार को मौत के घाट उतारना चाहती थी। लेकिन छोटा बेटा और पत्नी बच गए। महिला एडीजे से उस वक्त से नाराज रहने लगी थी, जब उकी पत्नी साथ रहने लगी थी। साथ ही एडीजे उसके दिए पैसों को वापस लेने के लिए दबाव बना रहे थे।

हत्या के इस मामले में राज का पर्दाफाश करते हुए पुलिस अधीक्षक सिमाला प्रसाद ने बताया कि एडीजे को उनके घर में आटे में मिलाने के लिए जहर इसी महिला ने दिया था. पुलिस ने इस घटना में शामिल तांत्रिक देवीलाल समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जिसमें एक युवक भी शामिल है. जज महेंद्र त्रिपाठी आरोपी महिला संध्या सिंह की आर्थिक मदद भी करते थे। एसपी सिमाला प्रसाद ने कहा कि एडीजे ने इन लोगों को पिछले 10 सालों में कई बार मदद के लिए पैसे दिए थे। प्रथम दृष्टता के अनुसार एडीजे पैसे वापस देने का दबाव डाल रहे थे। 6 लोगों के खिलाफ धारा 602, 307 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

बताया गया कि आरोपी महिला मित्र ने एडीजे के परिवार में कलह और क्लेश सुधारने के लिए तंत्र-मंत्र से अभिमंत्रित ऐसा आटा एडीजे त्रिपाठी को दिया था जिसमें पहले से ही जहर मिला हुआ था. संभावना जताई जा रही है कि आटे में कोबरा सांप का जहर मिलाया गया था. लेकिन पुलिस का कहना है कि इसका खुलासा आटे के सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा.

घटना की वजह बताते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि एडीजे और महिला के बीच रुपयों के लेन-देन के विवाद के चलते संध्या सिंह ने हत्या की साजिश रची. उसका उद्देश्य पूरे परिवार को खत्म करना था. पुलिस ने खुलासा किया है कि घटना के दो दिन पूर्व ही महिला मित्र संध्या बैतूल आई थी. उसने सर्किट हाउस के सामने एडीजे का वाहन रुकवाकर अभिमंत्रित आटा उन्हें दिया था. इसके बाद 20 जुलाई को इसी आटे की बनी रोटियां खाने के बाद एडीजे महेंद्र त्रिपाठी, उनके बड़े पुत्र अभिनव राज त्रिपाठी और छोटे पुत्र आशीष त्रिपाठी की तबियत बिगड़ी थी.

आधी रोटी खाने वाले आशीष की तो हालत खतरे से बाहर हो गई लेकिन एडीजे और उनके बड़े पुत्र को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा. इस मामले को लेकर एडीजे के परिवारजनों ने भी कई सनसनीखेज आरोप आरोपी महिला संध्या सिंह पर लगाए हैं जिसकी जांच की जा रही है. फिलहाल पुलिस कल सभी आरोपियों को जिला न्यायालय में पेश करेगी जहां आरोपियों की पुलिस रिमांड लेकर पूछताछ की जाएगी.

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