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“हिड़मा फोन कर देता था जवानों को अपने इलाके में आने का चैलेंज”……शहीद के परिजनों का दावा… “बार-बार फोन हिड़मा अपना ठिकाना बताता और आने के लिए बोलता था”

बीजापुर 6 अप्रैल 2021। ....तो क्या तर्रेम में हिड़मा की चाल में फंसे थे जवान….क्या आपरेशन की पहले से हो गयी थी नक्सलियों को खबर….ये सवाल इसलिए उठा है, क्योंकि ये दावा किया जा रहा है कि हिड़मा ने पुलिस को फोन कर अपनी मौजूदगी का चैलेंज दिया था। यही नहीं ये चुनौती भी दी थी कि वो यहां मौजूद है, हिम्मत है तो फोर्स आकर लड़ाई लड़े। खुद शहीद जवान भोसाराम करटामी के परिजनों ने भी इस बात की जानकारी मीडिया में दी है कि जब जब भोसाराम छुट्टी में गांव आया था, तो उसने बताया था कि हिड़मा पुलिसवालों को फोन करता है और कहता है कि मैं यहां हूं, आओ, हमसे लड़ो। शहीद जवान के परिजनों के मुताबिक भोसाराम ने कहा था कि नक्सली एक बार नहीं बार-बार फोन करते थे और बोलते थे आओ…लड़ना हेै तो आओं..

हालांकि दो दिन पहले अपुष्ट जानकारी ये भी आयी थी कि हिड़मा पुलिस अधिकारियों को भी फोन किया था और अपनी मौजूदगी को लेकर उन्हें चैलेंज किया था। हालांकि खबरें ये भी आयी थी कि हिड़मा जिस जगह पर मौजूदगी की बात कह रहा था, हकीकत में वो वहीं पर मौजूद भी था। उसी तरह जवानों के अपहरण की बात भी पुलिस अधिकारी को फोन कर हिड़मा की तरफ से बताने की बात कही गयी थी, लेकिन इसकी अधिकारिक पुष्टि किसी भी अधिकारी ने नहीं की।

आपको बता दें कि बीजापुर के तर्रेम में हिड़मा को ढेर करने के इरादे से ही पुलिस फोर्स आपरेशंस के लिए निकली थी, लेकिन तर्रेम के टेकुलगुड़ा गांव के पास वो हिड़मा की बटालियन के बिछाये एंबुस में फंस गये, जिसमें 22 जवान शहीद हो गये। वहीं 1 CRPF का जवान अभी भी नक्सलियों के कब्जे में बताया जा रहा है।

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