शिक्षाकर्मियों को लूटने का कोई मौका नहीं चूक रहे कार्यालय के बाबू …. हक के पैसे से मांग रहे 50% हिस्सा…. पैसा न देने वालों का रोक दिया जा रहा है आदेश….. आडियो हुआ था वायरल

रायपुर 7 नवंबर 2020। प्रदेश में शिक्षाकर्मियों को लगातार परेशान करने का खेल जारी है और यह खेल उन्हीं के विभाग के अधिकारी- कर्मचारी खेल रहे हैं , खेल इतना बड़ा है कि जायज हक के आधे हिस्से का सौदा किया जा रहा है और जो शिक्षाकर्मी शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा रहे हैं वह लूटने को विवश हैं, वहीं कई शिक्षाकर्मी ऐसे हैं जिनका जमीर इस अन्याय को बर्दाश्त नहीं कर पा रहा है और वह अपने संगठन के शरण में पहुंच जा रहे हैं, वह तो भला हो शिक्षाकर्मी संगठन का जो अपने ऐसे साथियों के लिए किसी से भी लड़ने भिड़ने को तैयार हो जा रहे हैं वरना स्थिति बहुत गंभीर है । शिक्षाकर्मियों का संविलियन नवंबर में होना है और इसके लिए राज्य कार्यालय से लगातार निर्देश जारी हो रहे थे बावजूद इसके स्थानीय कार्यालयो ने शिक्षाकर्मियों के नियमितीकरण आदेश, समयमान , पुनरीक्षित वेतनमान और एरियर्स में लंबा खेल खेल दिया और कई जगह तो जहां शिक्षाकर्मियों से राशि नहीं मिली वहां इन आदेशों को जारी ही नहीं किया गया और अभी भी उनसे राशि की मांग की जा रही है और उन्हें कहा जा रहा है कि बैक डेट में आदेश निकाल देंगे आप केवल पैसे की व्यवस्था कीजिए, वहीं कहीं जगह एरियर्स राशि देने के नाम पर सीधे तौर पर 50% राशि मांगी जा रही है । सर्विस बुक संधारण , एम्पलाई कोड जेनरेशन और कार्मिक संपदा भरने तक के नाम पर पैसे मांगे जा रहे हैं जिसके सबूत लगातार शिक्षाकर्मी जुटा रहे हैं और अब बड़े स्तर पर खुलासा करने की तैयारी में है ।

आधा हिस्सा मांगते हुए बाबू का ऑडियो हुआ था वायरल !

जिला कवर्धा के बोड़ला नगर पंचायत के लिपिक का अब एक ऑडियो वायरल हुआ है जिसमें वह 50% की राशि मांगना स्वीकार कर रहे हैं और इसकी शिकायत अब राज्य स्तर पर हो गई है । पूरा मामला यह है कि नगर पंचायत बोड़ला के अंतर्गत आने वाले शिक्षाकर्मी प्रीति तिवारी, मान्या मिश्रा, और जयकुमार परस्ते का नगर पंचायत बोड़ला द्वारा लेट से नियमितीकरण किया गया और जब आदेश लेकर वह कार्यालय पहुंचे तो वहां के लिपिक सुभाष कुंभकार ने उनसे 50% राशि की हिस्सेदारी मांग ली इसके बाद शिक्षाकर्मियों ने संविलियन अधिकार मंच के प्रदेश संयोजक विवेक दुबे को पूरे मामले की लिखित में जानकारी दी और उन्होंने तत्काल लिपिक से फोन पर इसे लेकर चर्चा की तो लिपिक ने इसे स्वीकार करते हुए उन्हें कार्यालय आकर बात करने के लिए कहा और जब विवेक दुबे ने कहा कि 50% राशि मांग रहे हो तो लिपिक कहने लगा कि 8000 तो है मात्र यानी उसका सीधा इशारा था कि 4000 ही तो देना है , इसके बाद जैसे ही विवेक दुबे ने अपने तेवर बदले और उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही तो लिपिक ने सोमवार तक चेक जमा कर देने का वादा किया ।

शिक्षाकर्मियों को जानबूझकर किया जा रहा है परेशान, अन्याय के खिलाफ जारी रहेगी जंग – विवेक दुबे

शिक्षाकर्मियों को समय पर नियमितीकरण , समयमान और पुनरीक्षित वेतनमान का आदेश जारी होना चाहिए जिसे समय पर जारी नहीं किया जाता और बाद में उनसे एरियर्स राशि के नाम पर पैसा मांगा जाता है जिसकी लिखित शिकायत हमें मिल रही है और हम ऐसे मामलों का लगातार खुलासा कर रहे हैं । इस मामले से भी हमने उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया है और हमारी आम शिक्षाकर्मियों से अपील है कि जहां भी इस प्रकार की राशि बेवजह वसूली जा रही है उनको ट्रैप करें और सबूत के साथ हम तक पहुंचाएं । हम ऐसे लोगों को बेनकाब करेंगे

 

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