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टोल प्लाजा पर अब नहीं चलेगा कैश! 1 अप्रैल 2026 से सिर्फ FASTag और UPI से होगा पेमेंट

National Highway Cashless Toll Plazas: 1 अप्रैल 2026 से देशभर के नेशनल हाईवे टोल प्लाजा पूरी तरह कैशलेस हो जाएंगे। अब सिर्फ FASTag और UPI से ही टोल पेमेंट किया जा सकेगा। इस नए नियम से लंबी कतारें कम होंगी, सफर तेज होगा और डिजिटल पेमेंट सिस्टम को बढ़ावा मिलेगा।

National Highway Cashless Toll Plazas
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AI-Generated Representational Image

By swapnilkavinkar

National Highway Cashless Toll Plazas: नेशनल हाईवे से रोजाना गुजरने वाले लाखों यात्रियों के लिए एक बड़ी और जरूरी खबर सामने आई है। आज के समय में भी काफी संख्या में ऐसे लोग मौजूद हैं जो टोल प्लाजा पर पहुंचकर पुराने तरीके से अपनी जेब में हाथ डालते हैं और नोट निकालकर कैश में टोल टैक्स का भुगतान करते हैं। अब ऐसे तमाम लोगों को सतर्क हो जाने की जरूरत है क्योंकि आने वाले समय में उनके लिए परेशानी खड़ी होने वाली है।

देशभर के वाहन चालकों पर पड़ेगा असर

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण जिसे आम बोलचाल की भाषा में NHAI के नाम से जाना जाता है उसने हाल ही में एक अहम घोषणा की है। यह घोषणा कोई छोटी मोटी बात नहीं है क्योंकि इसका सीधा असर पूरे हिंदुस्तान में रहने वाले करोड़ों वाहन मालिकों और ड्राइवरों पर पड़ने वाला है। चाहे ट्रक चलाने वाले हों या फिर अपनी निजी कार से सफर करने वाले या फिर बसों का कारोबार करने वाले ऑपरेटर हों सभी को इस नए नियम का पालन करना होगा।

सरकार ने अपनी मंशा को लेकर कोई दोराय नहीं रखी है और साफ कर दिया है कि भारत का संपूर्ण हाईवे नेटवर्क अब पूरी तरह से कैशलेस होकर रहेगा और इस मामले में किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

आखिर NHAI ने क्या नया आदेश जारी किया है

NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) ने बिल्कुल साफ शब्दों में बता दिया है कि 1 अप्रैल 2026 की तारीख एक डेडलाइन है। इस डेडलाइन के बाद भारत के किसी भी नेशनल हाईवे पर स्थित टोल प्लाजा में कैश लेना पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। अब सवाल उठता है कि टोल कैसे भरेंगे लोग। इसका जवाब भी NHAI ने दे दिया है।

अब सिर्फ दो ही रहेंगे पेमेंट विकल्प

1 अप्रैल 2026 के बाद आपके सामने सिर्फ दो विकल्प होंगे जिसमें पहला विकल्प FASTag का होगा और दूसरा विकल्प UPI पेमेंट का होगा। इन दोनों के अलावा कोई तीसरा रास्ता नहीं बचेगा। सरकार का इरादा टोल कलेक्शन सिस्टम को स्मार्ट और डिजिटल बनाने का है। जब कैश पूरी तरह हटेगा तो टोल प्लाजा पर जो आए दिन लंबी लंबी कतारें दिखती हैं वो भी कम होंगी। आम लोगों का कीमती समय बचेगा और सफर भी आसान हो जाएगा।

FASTag पहले ही बन चुका है सबसे बड़ा विकल्प

यहां गौर करने वाली बात यह है कि ज्यादातर वाहन चालक पहले से ही FASTag अपना चुके हैं। अगर आंकड़ों की बात करें तो करीब 98 फीसदी गाड़ियां अभी FASTag के जरिए ही टोल का भुगतान कर रही हैं। FASTag असल में RFID टेक्नोलॉजी पर काम करता है और इसकी खासियत यह है कि गाड़ी को टोल पर रुकना ही नहीं पड़ता। जैसे ही गाड़ी टोल से गुजरती है पैसे अपने आप कट जाते हैं। इसके अलावा जिन लोगों के पास FASTag नहीं है वे UPI से भी पेमेंट कर सकते हैं।

कैश पेमेंट करने पर लगता है ज्यादा चार्ज

अभी जो सिस्टम चल रहा है उसमें कैश देने वालों की जेब पर भारी बोझ पड़ता है। अगर कोई गाड़ी बिना FASTag के टोल पर पहुंचती है और ड्राइवर कैश में पेमेंट करता है तो उसे नॉर्मल टोल से दोगुना पैसा देना पड़ता है। मान लीजिए टोल 100 रुपये है तो कैश देने पर 200 रुपये लगेंगे। अब अगर कोई UPI से पेमेंट करता है तो उसे थोड़ी राहत मिलती है लेकिन फिर भी उसे सवा गुना यानी 125 रुपये चुकाने पड़ते हैं। ये नियम इसीलिए बनाए गए थे ताकि लोग धीरे धीरे कैश छोड़कर डिजिटल पेमेंट की तरफ आएं और यह तरीका काम भी कर रहा है।

टोल प्लाजा की रोजमर्रा की दिक्कतें होंगी खत्म

आपने खुद भी कभी न कभी टोल प्लाजा पर यह नजारा जरूर देखा होगा। गाड़ियों की लंबी कतार लगी है और लोग परेशान खड़े हैं। कैश काउंटर पर एक शख्स 500 का नोट देता है और टोल वाला कहता है कि छुट्टे नहीं हैं। बस यहीं से बहस शुरू हो जाती है। कभी कभी तो मामला रसीद को लेकर भी बिगड़ जाता है। ये छोटी छोटी बातें मिलकर बड़ा ट्रैफिक जाम खड़ा कर देती हैं।

NHAI ने इस समस्या को गंभीरता से लिया और देशभर के कई टोल प्लाजा पर विस्तृत सर्वे करवाया। सर्वे की रिपोर्ट में साफ तौर पर सामने आया कि कैश ट्रांजैक्शन ही असली परेशानी की जड़ है। जहां FASTag वाली लेन से गाड़ियां तेजी से निकल जाती हैं वहीं कैश वाली लेन पर वाहन फंसे रहते हैं। लोगों का समय बर्बाद होता है और ईंधन भी खर्च होता रहता है।

पूरे देश के 1150 से ज्यादा टोल होंगे प्रभावित

अब जब पूरा सिस्टम डिजिटल मोड पर शिफ्ट हो जाएगा तो इन सभी समस्याओं का अपने आप समाधान निकल आएगा। इस बदलाव का दायरा कितना बड़ा है इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि पूरे भारत में 1150 से भी ज्यादा टोल प्लाजा इस नए नियम के दायरे में आएंगे।

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