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कोरोना वैक्सीन के नाम पर महिलाओं को लगा दिया एंटी रैबीज का टीका, डीएम ने बैठाई जांच, जानें क्या है पूरा मामला….

कोरोना वैक्सीन के नाम पर महिलाओं को लगा दिया एंटी रैबीज का टीका, डीएम ने बैठाई जांच, जानें क्या है पूरा मामला….
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By NPG News

नईदिल्ली 9 अप्रैल 2021। कोरोना वैक्सीनेशन के बीच उत्तर प्रदेश के शामली जिले में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां कोरोना वैक्सीन लगवाने गई तीन महिलाओं को ‘एंटी रेबीज’ का टीका लगा दिया गया। इस बात का पता उस वक्त चला जब महिला की हालत बिगड़ने लगी। इस लापरवाही के बाद परिजनों ने स्वास्थ्य केंद्र पर जमकर हंगामा किया। वहीं, सीएमओ और डीएम से पूरे मामले की शिकायत की गई है।

मोहल्ला सरावज्ञान निवासी सरोज (70 वर्ष) पत्नी स्वर्गीय जगदीश, नगर रेलवे मंडी निवासी अनारकली (72 वर्ष) और सत्यवती (62 वर्ष) के साथ सामुदायिक स्वास्थय केंद्र में कोरोनारोधी वैक्सीन की पहली डोज लगवाने गईं थीं। घर आने पर महिला सरोज को तेज चक्कर आने और घबराहट होने लगी। इसके बाद परिजन उसे निजी चिकित्सक के पास ले गए। चिकित्सक ने सीएचसी से दिए गए पर्चे को देखा तो उस पर एंटी रैबीज वैक्सीन लगाना लिखा हुआ था। बाद में अन्य दोनों महिलाओं के पर्चे देखे गए तो उन पर भी एंटी रेबीज दर्ज थी। स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. बिजेंद्र सिंह का कहना है कि तीन महिलाओं को एंटी रैबीज लगाने का मामला संज्ञान में आया है। मामले की जांच की जा रही है।

सीएमओ डॉक्टर संजय अग्रवाल ने मीडिया को दिए अपने बयान में बताया कि ऐसा संभव नहीं है। एंटी रैबीज और कोरोना टीकाकरण अलग-अलग स्थान पर हो रहा है। कोरोना सेंटर पर एंटी रैबीज का टीका होता ही नहीं है, दोनों जगह पर स्टाफ भी अलग-अलग होता है। महिलाएं गलती से एंटी रैबीज कक्ष में गई होंगी। सीएचसी प्रभारी को जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। वहीं, शामली जिले की जिलाधिकारी जसजीत कौर ने बताया कि एसडीएम कैराना सहित दो अधिकारियों को जांच के लिए लगाया गया हैं। दोनों अधिकारी आज अस्पताल में जांच और पीड़ित महिलाओं के बयान लेंगे। इसके बाद प्रकरण की जांच की जाएगी। जसजीत कौर का कहना है कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

डीएम ने जांच के दिए आदेश
मामले पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी जसजीत कौर ने एसडीएम कैराना और एसीएमओ को जांच अधिकारी बनाते हुए जांच सौंपी है। डीएम ने सीएमओ और एसीएमओ को जांच अधिकारी बनाया गया है। उन्होंने पीड़ित महिलाओं के बयान दर्ज करने के भी आदेश दिए है। डीएम के मुताबिक जांच के बाद दोषियों स्‍वास्‍थ्‍य कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उधर, सीएमओ डॉ. संजय अग्रवाल का कहना है कि मामले की पूरी जांच कराई जाएगी।

दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
इसमें उन्होंने कांधला सीएचसी पहुंचकर पूरी घटना की जांच करते हुए, शिकायतकर्ता का बयान दर्ज कर शाम तक रिपोर्ट तलब करने को कहा है। उन्होंने कहा कि यदि उक्त मामले में कोई भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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