Desi Sharab Price Hike : शराब पीने वालों के लिए बड़ा झटका, देसी दारू की बोतल हुई महंगी, अब कितने में बनेगा एक पैग?
Desi Sharab Price Hike : उत्तर प्रदेश में शराब के शौकीनों के लिए एक ऐसी खबर आई है जो उनकी जेब पर भारी पड़ने वाली है.यूपी सरकार ने नई आबकारी नीति लागू करते हुए देशी शराब के दामों में बढ़ोतरी का फैसला कर लिया है.

UP Liquor Price Hike : पीने वालों को बड़ा झटका : यूपी में 1 अप्रैल से बदल रही देशी शराब की कीमत, जानें क्या है नया रेट.
Desi Sharab Price Hike : लखनऊ : यूपी कैबिनेट ने नई आबकारी नीति को हरी झंडी दे दी है, जिसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ने वाला है. 1 अप्रैल से प्रदेश में देशी शराब के दाम बढ़ जाएंगे.देशी शराब का पव्वा अब लगभग 5 रूपये महंगा मिलेगा. अगर आप देशी शराब पीते हैं, तो जो बोतल पहले 165 की आती थी, उसके लिए अब आपको 170 चुकाने होंगे.
उत्तर प्रदेश सरकार ने नई आबकारी नीति में शराब की बिक्री और लाइसेंस को लेकर कई बड़े बदलाव किए हैं. अब शहरी इलाकों में देशी शराब की दुकानों का कोटा कम किया जाएगा, जबकि दुकानों के आवंटन के लिए ई-लॉटरी सिस्टम का सहारा लिया जाएगा. नए नियमों के मुताबिक, अंग्रेजी शराब की फुटकर दुकानों की लाइसेंस फीस में 7.5% की बढ़ोतरी की गई है. इसके अलावा नोएडा, गाजियाबाद, आगरा, प्रयागराज, वाराणसी और लखनऊ जैसे बड़े शहरों में कम अल्कोहल वाली ड्रिंक्स जैसे बियर, वाइन और आरटीडी के लिए बाहर भी लाइसेंस मिल सकेंगे. सरकार अब यूपी में बनी शराब और अन्य उत्पादों को विदेशों में निर्यात करने की तैयारी में है.
उत्तर प्रदेश में 1 अप्रैल से नई आबकारी नीति लागू होते ही शराब के शौकीनों की जेब और ढीली होने वाली है. नई नीति के तहत अंग्रेजी शराब की कीमतों में 10 से लेकर 30 तक की बढ़ोतरी होगी. देशी शराब के दाम भी प्रति बोतल के हिसाब से बढ़ गए हैं, जिसका असर अब हाफ, क्वार्टर और छोटे पैक पर भी दिखेगा. दरअसल, सरकार ने शराब का कोटा और लाइसेंस फीस दोनों में 7.5 फीसदी का इजाफा किया है, और यही नियम बीयर पर भी लागू होगा, जिससे बीयर भी महंगी हो जाएगी.
इस नई नीति में दुकानदारों को राहत देने के साथ-साथ ग्राहकों के लिए एक नया विकल्प भी पेश किया गया है. पहली बार देशी शराब में 100 एमएल का मिनिएचर पैक उतारा गया है, जिसे बच्चा' नाम दिया गया है. 42.8 डिग्री तीव्रता वाला यह छोटा पैक बाजार में 50 रूपये की कीमत पर मिलेगा. कुल मिलाकर, नए वित्तीय वर्ष से जाम छलकाना अब पहले जैसा सस्ता नहीं रहेगा.
