महाराष्ट्र का नया ड्राइवर: परिवार की आजीविका के लिए ऑटो चलाते थे एकनाथ शिंदे, अब महाराष्ट्र चलाएंगे; जानें नए सीएम के बारे में सबकुछ

11वीं तक पढ़ाई के बाद ऑटो चलाने लगे थे एकनाथ शिंदे। मंत्री बनने के बाद बीए तक पढ़ाई पूरी की।

Update: 2022-06-30 13:11 GMT

NPG डेस्क। एकनाथ शिंदे... कभी परिवार की आजीविका चलाने के लिए ऑटो ड्राइवर थे। अब महाराष्ट्र को ड्राइव करेंगे। शाम 7.30 बजे सीएम पद की शपथ लेकर शिंदे महाराष्ट्र के 20वें सीएम बनेंगे। विश्व की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा उन्हें बाहर से सपोर्ट करेगी और सरकार चलाने में मदद देगी। देश की राजनीति में यह बड़ा उलटफेर है, जब शिवसेना के 39 बागी विधायकों का साथ लेकर सरकार बनाने के बजाय भाजपा ने बागी विधायकों के नेता शिंदे को सरकार बनाने का मौका दिया। महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि देश की राजनीति में एकनाथ शिंदे सबसे चर्चित नाम है। आगे पढ़ें ऑटो ड्राइवर से सीएम बनने जा रहे सीएम शिंदे की पूरी कहानी...


बाला साहब ठाकरे के संपर्क में आए, बने सबसे करीबी

एकनाथ शिंदे का जन्म 9 फरवरी 1964 को सतारा जिले के पहाड़ी जवाली तालुका में हुआ था। शिंदे ने ठाणे में ही 11वीं तक शिक्षा हासिल की। उस समय परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, इसलिए पढ़ाई छोड़कर ऑटो चलाने लगे। शिंदे शायद ऑटो ड्राइवर ही बनकर रह जाते, लेकिन इसी बीच ठाणे के शिवसेना जिला प्रमुख आनंद दीघे के संपर्क में आए। बाला साहब ठाकरे से पहले ही प्रभावित थे। दीघे के संपर्क में आने के बाद शिवसेना के प्रति रुझान बढ़ा और 80 के दशक में शिवसेना से जुड़ गए। ठाणे की राजनीति में दीघे का वर्चस्व था। शिंदे उनके साथ काम करने लगे। धीरे-धीरे दीघे के विश्वास पात्र बन गए। लोगों के लिए यह जोड़ी ऐसी थी कि जब 26 अगस्त 2001 को दीघे की मौत हुई, तब उनकी विरासत शिंदे को मिली। अब वे ठाणे के ठाकरे माने जाते हैं।


बेटा-बेटी डूब गए तब राजनीति छोड़ दी थी, लेकिन...

शिंदे परिवार की आर्थिक स्थिति से जूझने के बाद आगे बढ़े ऐसा नहीं है। उनके साथ ऐसा हादसा हुआ कि एक समय वे राजनीति से संन्यास ले चुके थे, लेकिन उनके राजनीति गुरू आनंद दीघे ही उन्हें वापस लेकर आए थे। यह घटना 2 जून 2000 को घटी थी। शिंदे अपने 11 साल के बेटे दीपेश और 7 साल की बेटी शुभदा को घुमाने के लिए साथ सतारा गए थे। बोटिंग के दौरान एक हादसा हुआ और उनकी आंखों के सामने बेटा और बेटी दोनों डूब गए। उस समय शिंदे का तीसरा बेटा श्रीकांत 14 माह का था। श्रीकांत शिंदे बाद में डॉक्टर बने और फिलहाल कल्याण लोकसभा सीट से सांसद हैं। चर्चा है कि शिवसेना में बगावत के पीछे श्रीकांत का ही दिमाग है। बेटे के दबाव के बाद ही पिता ने यह फैसला लिया और 33 विधायकों के साथ सूरत के लिए रवाना हो गए थे।


1997 में बने ठाणे महानगर पालिका से पार्षद

शिवसेना में संगठन का काम करते-करते शिंदे अपने राजनीतिक गुरू दीघे के काफी करीब आ चुके थे। उन्हें शिवसेना ने सबसे पहले 1997 में पार्षद चुनाव लड़ने का मौका दिया। ठाणे महानगर पालिका से वे पार्षद चुने गए। इसके बाद 2001 में नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष बने। 2002 में फिर से पार्षद बने। दूसरी बार पार्षद रहते-रहते ही शिंदे विधायक बन गए थे।


साल 2000 के बाद शिंदे बनते गए सरताज

शिंदे के राजनीतिक जीवन में उठाव का दौर 2000 से शुरू हुआ। 2002 में दूसरी बार पार्षद बने और 2004 में कोपरी पंचपखाड़ी सीट से विधायक चुने गए। इसके बाद शिंदे ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 2004 के बाद 2009, 2014 और 2019 में लगातार चौथी बार विधायक चुने गए। 2019 में विधायक दल की बैठक में उन्हें शिवसेना विधायक दल का नेता चुना गया था। आदित्य ठाकरे ने ही उनके नाम का प्रस्ताव रखा था। उस समय यह कयास लगाए जा रहे थे कि शिंदे ही सीएम बनाए जा सकते हैं। हालांकि बाद में कांग्रेस और एनसीपी के दबाव के कारण उद्धव ठाकरे सीएम बन गए।


कुछ इस तरह रहा एकनाथ शिंदे का राजनीतिक सफर

• साल 1997 में ठाणे नगर निगम के लिए पहली बार पार्षद चुने गए

• साल 2001 में ठाणे नगर निगम में सदन के नेता के पद के लिए चुने गए।

• साल 2002 में दूसरी बार ठाणे नगर निगम के लिए चुने गए।

• साल 2004 में महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुने गए

• साल 2005 में शिवसेना के ठाणे जिला प्रमुख नियुक्त किए गए।

• साल 2009 में महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुने गए।

• साल 2014 में महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुने गए.

• अक्टूबर 2014 – दिसंबर 2014: विपक्ष के नेता महाराष्ट्र विधानसभा।

• साल 2014 – 2019 में कैबिनेट मंत्री महाराष्ट्र राज्य सरकार में पीडब्ल्यूडी .

• साल 2014 – 2019 में ठाणे जिले के संरक्षक मंत्री।

• साल 2018 में शिवसेना पार्टी के नेता नियुक्त।

• साल 2019 में महाराष्ट्र राज्य सरकार में लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री

• साल 2019 में महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुने गए लगातार चौथी बार विधानसभा।

• साल 2019 में शिवसेना के विधायक दल के नेता चुने गए.

• 28 नवंबर 2019 को महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में महा-विकास-अघाड़ी के तहत कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली.

• साल 2019 में शहरी विकास और लोक निर्माण (सार्वजनिक उपक्रम) मंत्री नियुक्त।

• साल 2019 में गृह मामलों के मंत्री (कार्यवाहक) नियुक्त (28 नवंबर 2019 – 30 दिसंबर 2019).

• साल 2020: ठाणे जिले के संरक्षक मंत्री नियुक्त किये गए।

एकनाथ शिंदे

जन्म – 9 फरवरी 1964

पिता – संभाजी नवलू शिंदे

पत्नी – लता शिंदे

बेटा – श्रीकांत शिंदे

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