Anant Singh Oath Ceremony : बाहुबली तेवर, गले में सोने की चेन और खांटी अंदाज... शपथ लेने पहुंचे अनंत सिंह ने छुए नीतीश के पैर; जानें कौन हैं ये....

Anant Singh Sapth : अनंत सिंह आज बेउर जेल से एंबुलेंस में विधानसभा पहुंचकर विधायक पद की शपथ ली. दुलारचंद यादव के हत्या केस में जेल में रहते हुए मोकामा सीट से चुनाव में जीत मिली थी. शपथ के बाद उन्होंने CM नीतीश कुमार से पैर छूकर  आशीर्वाद लिया.

Update: 2026-02-03 07:35 GMT

Anant Singh Oath Ceremony : बाहुबली तेवर, गले में सोने की चेन और खांटी अंदाज... शपथ लेने पहुंचे अनंत सिंह ने छुए नीतीश के पैर; जानें कौन हैं ये....

Anant Singh Oath Ceremony : पटना : मोकामा के बाहुबली नेता और विधायक अनंत सिंह ने आज मंगलवार को बिहार विधानसभा में विधायक पद की शपथ ली. मिली जानकारी के मुताबिक स्वास्थ सम्बन्धी दिक्कतों के कारण उन्हें बेउर जेल से एंबुलेंस में विधानसभा लाया गया. अनंत सिंह के शपथ ग्रहण को लेकर विधानसभा क्षेत्र और आसपास के इलाकों में पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की गई थी. बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किये गए थे| 

खास अंदाज में पहुंचे सदन

विधानसभा पहुंचते ही अनंत सिंह का खास अंदाज चर्चा का विषय बन गया हैं.वो कोट-पैंट और गले में सोने की चेन पहने नजर आए. वहीं विधानसभा परिसर में उन्होंने चश्मा भी लगा रखा था. और सदन के भीतर शपथ लेते समय चश्मा उतार दिया था. सुरक्षा के साथ विधानसभा तक लाए गए अनंत सिंह को सदन में मौजूद सभी लोग देखते रह गए| 

बिना शपथ पत्र देखे लिया शपथ

शपथ ग्रहण के दौरान अनंत सिंह ने शपथ पत्र बिना पढ़े ही विधायक पद की शपथ ली. उसके उन्होंने CM नीतीश कुमार के पास जाकर उनके पैर छुकर आशीर्वाद लिया. सीएम ने भी मुस्कुराते हुए अनंत सिंह से उनका हालचाल पूछा.वही विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार भी हंस रहे थे. बेउर जेल से विधानसभा आकर शपथ लेना, पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था और सीएम से मुलाकात इन सभी घटनाओं ने बिहार की राजनीति में एक बार फिर अनंत सिंह को सुर्खियों में ला दिया है. उनके शपथ के बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की बाते शुरू हो गई हैं|

 पूरा मामला

असल में अक्टूबर 2025 में मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या हुई थी और अनंत सिंह के साथ कुछ अन्य लोगो पर हत्या की साज़िश का आरोप लगा था. इसके चलते वो चुनाव से पहले ही अरेस्ट होकर जेल चले गए थे. यह मामला बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के समय का है.  अक्टूबर में मोकामा में चुनाव प्रचार चल रहा था. जन सुराज पार्टी के प्रत्यासी पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन में दुलारचंद यादव प्रचार कर रहे थे. दुलारचंद खुद मोकामा क्षेत्र के पुराने जाने माने नेता थे. जो कभी लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार जैसे बड़े नेताओं के साथ रहे. इस दौरान अनंत सिंह के काफिले और विरोधी पक्ष के समर्थकों के बीच झड़प हो गया. गाली-गलौज से शुरू हुई बात मारपीट और गोली बारी तक पहुंच गई. तब दुलारचंद यादव को पैर में गोली लगी थी|

जेल से लड़ा विधानसभा चुनाव

परिवारवालों का आरोप है कि गोली मारने के बाद अनंत सिंह के साथियों ने गाड़ी से कुचलकर उनकी हत्या कर दी. पुलिस के अनुसार, मौत एक्सीडेंट से हुई, लेकिन गोली का भी जिक्र था. इस हादसा में अनंत सिंह पर मुख्य आरोप लगा. घटना के कुछ दिन बाद 2 नवंबर को पटना पुलिस ने अनंत सिंह को उनके 2 साथियों के साथ अरेस्ट कर लिया. तब से वह पटना की बेऊर जेल में थे. इस मामले में 80 से ज्यादा लोगों को पकड़ा गया है. जांच पटना पुलिस और CID कर रही है. बड़ी बात यह है कि जेल में बंद रहते हुए भी ही अनंत सिंह ने मोकामा सीट से चुनाव लड़ा और जीत भी लिया 

Tags:    

Similar News